पंजाब के ममदोट कस्बे में आम आदमी पार्टी (आप) के नेता गुरप्रीत सिंह गोपी की कथित तौर पर उस मोटरसाइकिल का पीछा करने के बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिस पर वे यात्रा कर रहे थे. हमलावरों ने उन पर गोलियां चलाईं.
इस हत्या ने राज्य में हिंसक हमलों को लेकर चिंताओं को फिर से उजागर कर दिया है. पुलिस दोनों पार्टियों के बीच एक पुराने विवाद की जांच कर रही है और चुनाव से जुड़ी प्रतिद्वंद्विता एक अहम पहलू के रूप में सामने आई है.
आप नेता गुरप्रीत सिंह गोपी की गोली मारकर हत्या
पुलिस के मुताबिक, गुरप्रीत सिंह गोपी हरप्रीत नाम के एक व्यक्ति के साथ मोटरसाइकिल पर जा रहे थे, तभी कार में सवार हमलावरों ने उनका पीछा किया और उन पर गोलियां चला दीं. एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, गोलीबारी में गोपी गंभीर रूप से घायल हो गए और हमले में उनकी मौत हो गई. पुलिस ने घटनाक्रम और हत्या के पीछे के मकसद का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है.
गुरप्रीत सिंह गोपी कौन थे?
गुरप्रीत सिंह गोपी पंजाब के फिरोजपुर जिले के ममदोत इलाके से आम आदमी पार्टी के नेता थे. वे पार्टी की स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े थे और स्थानीय राजनीति में अपनी सक्रियता के लिए इलाके में जाने जाते थे. उनकी हत्या से राजनीतिक हलकों में चिंता फैल गई है और पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या उनकी राजनीतिक गतिविधियां और चुनाव से जुड़ा कोई पुराना विवाद इस हमले से संबंधित थे.
पुराने विवाद और चुनाव संबंधी पहलुओं की जांच जारी
एसएसपी भूपिंदर सिंह सिद्धू ने बताया कि घटना में शामिल दोनों पक्षों के बीच पुराना विवाद था. पुलिस के अनुसार, चुनाव से जुड़ा विवाद जांच में एक महत्वपूर्ण पहलू बनकर उभरा है. एसएसपी ने कहा, “दोनों पक्षों के बीच पुराना विवाद था. हमलावरों की पहचान कर ली गई है और हमारी टीमें गठित कर दी गई हैं.” पुलिस अब गोलीबारी के सटीक कारणों का पता लगाने और यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या संदिग्ध हमलावरों का कोई प्रत्यक्ष राजनीतिक या व्यक्तिगत मकसद था.
आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने कई टीमें गठित की हैं. जांचकर्ता गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर रहे हैं.
पंजाब में हिंसा को लेकर चिंताएं बढ़ीं
यह घटना पंजाब में लक्षित हत्याओं और हिंसक अपराधों को लेकर जारी चिंताओं के बीच घटी है. एक राजनीतिक नेता की गोली मारकर हत्या ने राज्य में कानून व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं. जांच अभी जारी है और पुलिस गुरप्रीत सिंह गोपी की हत्या के पीछे के मकसद का पता लगाने के लिए पुराने विवाद और चुनाव से जुड़ी प्रतिद्वंद्विता पर ध्यान केंद्रित कर रही है. इससे पहले, इसी साल आम आदमी पार्टी के एक अन्य नेता सतविंदर पाल सिंह, जिन्हें लकी ओबेरॉय के नाम से भी जाना जाता था, की भी जालंधर के एक गुरुद्वारे के बाहर दो अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी थी.