Atiq Ahmed’s Son Convoy Skips Toll: माफिया डॉन अतीक अहमद के बेटे उमर अहमद के काफिले ने 8 अगस्त को NH-19 पर नवाबगंज टोल प्लाजा पर बिना टोल दिए बैरियर तोड़ दिया. जब टोल स्टाफ ने गाड़ियों को रोकने की कोशिश की, तो उन्हें धमकाया गया और लगभग कुचलकर मार डाला गया. FIR दर्ज कर ली गई है.
टोल तोड़कर निकलीं 28 गाड़ियां
यह घटना दोपहर करीब 3:50 बजे टोल बूथ नंबर तीन पर हुई. जब उमर अहमद को लखनऊ जेल से उनके छोटे भाई अबान के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए लाया जा रहा था. असिस्टेंट मैनेजर जयप्रकाश यादव की FIR के अनुसार, पुलिस एस्कॉर्ट गाड़ियों के पीछे, एक सफेद महिंद्रा XUV (UP 32NJ 1458), एक काली हुंडई क्रेटा (UP 70 HP 8416) और करीब 25 से 30 दूसरी गाड़ियां टोल दिए बिना प्लाजा के बूम बैरियर से तेजी से निकल गईं.
बैरियर पर ड्यूटी पर मौजूद कंप्यूटर ऑपरेटर अजीत और हेल्पर अंशुमान शुक्ला ने गाड़ियों को रोकने की कोशिश की. FIR में आरोप है कि गाड़ियों में बैठे लोगों ने टोल स्टाफ को गाली दी और धमकाया और उन पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की गई.
उमर अहमद का काफिला क्यों जा रहा था?
अतीक अहमद की मौत एक सड़क हादसे में हुई थी, जब वह अबान के सबसे छोटे द्वीप झांसी जा रहे थे. उनके भाइयों अली और उमर को अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पैरोल दी गई थी. उन्हें झांसी और लखनऊ जेल से पुलिस एस्कॉर्ट में ले जाया जा रहा था. खबर है कि अतीक अहमद परिवार के सपोर्टर्स ने एक काफिले में पुलिस की गाड़ियों का पीछा किया.
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अंतिम संस्कार कैसे हुआ?
अबान का शव भारी सिक्योरिटी के बीच एम्बुलेंस से प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान लाया गया. उनका शव शुक्रवार को झांसी के एक हॉस्पिटल से उनकी मौसी परवीन कुरैशी के घर पहुंचा. मस्जिद में नमाज-ए-जनाज़ा के बाद, उमर और अली अपने छोटे भाई के शव को दफनाने के लिए कब्र पर ले गए. उमेश पाल मर्डर केस में वॉन्टेड शाइस्ता परवीन पिछले तीन साल से पुलिस की गिरफ्त से फरार है. वह अपने अंतिम संस्कार के लिए नहीं आई.
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