Bijnor News: बिजनौर के एक गांव में बिजली विभाग की टीम बिजली चोरी की जांच करने पहुंची थी. हालांकि बिजली विभाग की टीम को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही देर में मामला बढ़ जाएगा. टीम एक घर में बिजली कनेक्शन की जांच कर रही थी लेकिन कार्रवाई की वीडियोग्राफी शुरू होते ही वहां मौजूद लोगों से विवाद हो गया. आरोप है कि देखते ही देखते भीड़ ने बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर को घेर लिया और उन्हें बंधक बनाकर उनके साथ मारपीट की. घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला और गरमा गया है.
यह पूरा मामला चांदपुर थाना क्षेत्र के बागड़पुर गांव का है. यहां बागड़पुर बिजलीघर पर तैनात जेई सुदीप कुमार शर्मा अपनी टीम के साथ बिजली कनेक्शन की जांच करने पहुंचे थे. विभागीय टीम के अनुसार, एक घर में मीटर की इनकमिंग केबल में कट लगा मिला. आरोप है कि इसी कनेक्शन से हीटर और बाहर बनी दुकानों में बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा था. टीम ने मौके की वीडियोग्राफी शुरू की.
जांच के दौरान शुरू हुआ विवाद
‘चेकिंग करने गए जेई को दबंगों ने बंधक बनाकर पीटा’
बिजनौर में चेकिंग करने गए बिजली विभाग के जेई को दबंगों ने बंधक बनाकर बुरी तरह पीटा. ‘जेई सहाब’ से मारपीट का वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में हरा पटका पहने एक युवक भी ‘जेई सहाब’ पर थप्पड़ बरसातें दिख रहा है. युवक किसान यूनियन से… pic.twitter.com/LWt6Bt8oG1
— Raju Sharma journalist (@RajuSharmajour1) September 23, 2026
जैसे ही बिजली विभाग की टीम ने कार्रवाई आगे बढ़ाई, वहां मौजूद लोगों से बहस शुरू हो गई. जेई की शिकायत के मुताबिक, कुछ लोगों ने दूसरे ग्रामीणों को भी मौके पर बुला लिया. इसके बाद हालात बिगड़ गए. आरोप है कि जेई सुदीप शर्मा को बंधक बना लिया गया और उनके साथ मारपीट की गई. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में जेई को चारपाई पर बैठे देखा जा सकता है. कुछ लोग उनके साथ मारपीट करते नजर आते हैं. हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
पुलिस पहुंची तो जेई को छुड़ाया गया
मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जेई को वहां से छुड़ाया. इसके बाद उनकी शिकायत पर चांदपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया. पुलिस के अनुसार, छह लोगों को नामजद किया गया है. वहीं 20 से 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज हुआ है. इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया है. वहीं अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. दूसरी तरफ ग्रामीणों और किसान संगठनों की ओर से भी जेई के व्यवहार को लेकर शिकायतें सामने आई हैं. उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. पुलिस दोनों पक्षों से मिले आरोपों की जांच कर रही है.