Lucknow Crime News: उत्तर प्रदेश के लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में धर्मांतरण का मामला सामने आया है. यहां एक फर्जी डॉक्टर को पकड़ा गया है. आरोप है कि वो मेडिकल कैम्प के जरिए हिंदू लड़कियों और फीमेल मेडिकोज का ब्रेनवॉश करता और फिर धर्मांतरण कराता था. KGMU प्रशासन ने पुलिस को इस बारे में सूचना दी और आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया. आरोपी की पहचान हसन अहमद के रूप में हुई है, जो खुद को डॉक्टर बताता था और मेडिकल कैम्प का आयोजन करता था. इसके बाद वो इन आयोजनों में शामिल होने वाली लड़कियों, फीमेल छात्रों और युवा डॉक्टरों का ब्रेनवऑश करता.
सोशल मीडिया और मेडिकल कैंप के जरिए टारगेट
विश्वविद्यालय की तरफ से कुल 20 मेडिकोज ने हिस्सा लिया था. वहीं पुलिस ने मामले की जांच की जिसमें सामने आया है कि आरोपी हसन अहमद लड़कियों को AIIMS दिल्ली में अमेरिकी डॉक्टर से मिलवाने के नाम पर फंसाने की कोशिश करता था और फिर बाहर ले जाने की फिराक में था. जानकारी के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया के जरिए लड़कियों और कैंप के दौरान हिंदू मेडिकल स्टूडेंट्स को टारगेट करता था.
पुलिस जांच में क्या पता चला?
पुलिस ने इस मामले में आरोपी को पकड़ा और मामले की जांच की. पुलिस जांच में आगे पता चला कि आरोपी खुद को डॉक्टर बताता है, लेकिन वो केवल इंटरमीडिएट पास है. लेकिन वो महिलाओं को खुद को डॉक्टर बताकर और बड़े-बड़े डॉक्टरों से जान-पहचान कराने के नाम पर गुमराह कर रहा था. पुलिस को आशंका है कि आरोपी हसन अहमद किसी बड़े धर्मांतरण गिरोह से जुड़ा हो सकता है. पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है. साथ ही इस बात का पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वो किस धर्मांतरण समूह से जुड़ा हुआ है.