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Fake Pan Card Case: बेटे अब्दुल्लाह आजम के साथ जेल में ही रहेंगे आजम खान, कोर्ट ने दिया बड़ा झटका, क्या है पूरा मामला?

Abdullah Azam Fake Pan Card Case Update: जाली पैन कार्ड मामले में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम को बड़ा झटका लगा है. सजा रद्द करने की उनकी याचिका खारिज हो गई है.

Written By: Hasnain Alam
Last Updated: April 20, 2026 22:50:56 IST

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Abdullah Azam Fake Pan Card Case: उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम को राहत नहीं मिल है. फर्जी पैन कार्ड मामले में रामपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट से झटका लगा है. अदालत ने दोनों को सुनाई गई सजा के खिलाफ उनकी अपीलें सोमवार को खारिज कर दीं. दोनों ने सांसद/विधायक अवर अदालत से नवंबर 2025 में सुनाई गई सात-सात साल कैद की सजा के खिलाफ ये अपीलें दायर की थीं.

एमपी/एमएलए सत्र न्यायालय ने इस मामले में अपना फैसला छह अप्रैल को सुरक्षित रख लिया था, जिसे आज सुनाया गया. एमपी/एमएलए सत्र न्यायालय के इस फैसला के बाद आजम खान और अब्दुल्लाह आजम की सजा बरकरार रहेगी.

50-50 हजार रुपये का लगा था जुर्माना

जाली पैन कार्ड मामले में सांसद/विधायक अवर अदालत ने 17 नवंबर 2025 को आजम खान और अब्दुल्लाह आजम को दोषी करार देते हुए सात-सात साल की कैद की सजा सुनाई थी और उनपर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था, जिसके बाद से दोनों जिला जेल में हैं.

आकाश सक्सेना ने दर्ज कराई थी शिकायत

बचाव पक्ष ने दोषसिद्धि के खिलाफ अपील की थी, जबकि अभियोजन पक्ष ने सजा बढ़ाने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी. दरअसल, रामपुर शहर से भारतीय जनता पार्टी के मौजूदा विधायक आकाश सक्सेना ने 30 जुलाई, 2019 को सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि अब्दुल्लाह आजम ने नियमों का उल्लंघन करते हुए दो पैन कार्ड बनवाए हैं.

आकाश सक्सेना के मुताबिक अब्दुल्लाह आजम ने जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर दो अलग-अलग जन्मतिथि वाले पैन कार्ड बनवाए थे, जिनमें से पहले में उनकी जन्मतिथि एक जनवरी 1993 और दूसरे में 30 सितंबर 1990 दर्ज है.

55 दिनों बाद आजम खान को फिर से जाना पड़ा था जेल

अधिकारियों के मुताबिक जांच के दौरान मामले में आजम खान की भूमिका भी सामने आई थी, जिसके बाद उन्हें भी आरोपी बनाया गया था. याचिक खारिज होने के बाद फिलहाल दोनों जेल में ही रहेंगे. आजम खान सितंबर 2025 में ही जेल से रिहा हुए थे हालांकि 55 दिन बाद 18 नवंबर 2025 को अदालत के फैसले के बाद उन्हें जेल जाना पड़ा.

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Last Updated: April 20, 2026 22:50:56 IST

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Abdullah Azam Fake Pan Card Case: उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम को राहत नहीं मिल है. फर्जी पैन कार्ड मामले में रामपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट से झटका लगा है. अदालत ने दोनों को सुनाई गई सजा के खिलाफ उनकी अपीलें सोमवार को खारिज कर दीं. दोनों ने सांसद/विधायक अवर अदालत से नवंबर 2025 में सुनाई गई सात-सात साल कैद की सजा के खिलाफ ये अपीलें दायर की थीं.

एमपी/एमएलए सत्र न्यायालय ने इस मामले में अपना फैसला छह अप्रैल को सुरक्षित रख लिया था, जिसे आज सुनाया गया. एमपी/एमएलए सत्र न्यायालय के इस फैसला के बाद आजम खान और अब्दुल्लाह आजम की सजा बरकरार रहेगी.

50-50 हजार रुपये का लगा था जुर्माना

जाली पैन कार्ड मामले में सांसद/विधायक अवर अदालत ने 17 नवंबर 2025 को आजम खान और अब्दुल्लाह आजम को दोषी करार देते हुए सात-सात साल की कैद की सजा सुनाई थी और उनपर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था, जिसके बाद से दोनों जिला जेल में हैं.

आकाश सक्सेना ने दर्ज कराई थी शिकायत

बचाव पक्ष ने दोषसिद्धि के खिलाफ अपील की थी, जबकि अभियोजन पक्ष ने सजा बढ़ाने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी. दरअसल, रामपुर शहर से भारतीय जनता पार्टी के मौजूदा विधायक आकाश सक्सेना ने 30 जुलाई, 2019 को सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि अब्दुल्लाह आजम ने नियमों का उल्लंघन करते हुए दो पैन कार्ड बनवाए हैं.

आकाश सक्सेना के मुताबिक अब्दुल्लाह आजम ने जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर दो अलग-अलग जन्मतिथि वाले पैन कार्ड बनवाए थे, जिनमें से पहले में उनकी जन्मतिथि एक जनवरी 1993 और दूसरे में 30 सितंबर 1990 दर्ज है.

55 दिनों बाद आजम खान को फिर से जाना पड़ा था जेल

अधिकारियों के मुताबिक जांच के दौरान मामले में आजम खान की भूमिका भी सामने आई थी, जिसके बाद उन्हें भी आरोपी बनाया गया था. याचिक खारिज होने के बाद फिलहाल दोनों जेल में ही रहेंगे. आजम खान सितंबर 2025 में ही जेल से रिहा हुए थे हालांकि 55 दिन बाद 18 नवंबर 2025 को अदालत के फैसले के बाद उन्हें जेल जाना पड़ा.

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