गाजियाबाद के राज नगर एक्सटेंशन स्थित एक ऊंची इमारत में लिफ्ट में पालतू कुत्ते को ले जाने को लेकर दो महिलाओं के बीच कहासुनी हाथापाई में तब्दील हो गई.
घटना का खुलासा तब हुआ जब आवासीय सोसाइटी के सीसीटीवी फुटेज ऑनलाइन सामने आए. वीडियो में दो महिलाएं लिफ्ट के अंदर और आसपास बहस करती नजर आ रही हैं, जिसके बाद मामला हाथापाई में बदल गया.
लिफ्ट में एक और व्यक्ति के प्रवेश करने पर शुरू हुई बहस
एक महिला, जिसकी पहचान स्कूल शिक्षिका बारी के रूप में हुई है, ने दूसरी महिला सुबे पर बहस के दौरान मारपीट का आरोप लगाया है. बारी की शिकायत के अनुसार, विवाद तब शुरू हुआ जब सुबे अपने कुत्ते के साथ लिफ्ट के अंदर थी. बारी का दावा था कि सुबे उसे और कुत्ते के साथ किसी और को लिफ्ट में नहीं जाने दे रही थी. जब बारी ने लिफ्ट में घुसने की कोशिश की, तो कथित तौर पर दोनों महिलाओं के बीच बहस छिड़ गई. यह विवाद जल्द ही बढ़ गया. बारी ने आरोप लगाया कि सुबे ने कुत्ते को संभालने के लिए इस्तेमाल की जा रही छड़ी से उसे मारा. उसने आगे आरोप लगाया कि इस घटना का विरोध करने पर उसे थप्पड़ मारा गया. बारी ने यह भी आरोप लगाया कि दूसरी महिला ने झगड़े के दौरान उसे गाली दी और धमकी दी.
सीसीटीवी फुटेज में तीखी झड़प कैद हुई
सोसाइटी के सीसीटीवी कैमरों में यह घटना रिकॉर्ड हो गई. फुटेज में एक महिला कुत्ते के साथ लिफ्ट के अंदर खड़ी दिखाई दे रही है. फिर दूसरी महिला अंदर आती है और दोनों के बीच बहस होती नजर आती है. हालात जल्द ही हिंसक हो गए. कुत्ते के साथ मौजूद महिला को झड़प के दौरान लाठी का इस्तेमाल करते देखा जा सकता है. इसके बाद दोनों महिलाएं आपस में हाथापाई करने लगीं. मामला बढ़ने पर सुरक्षा गार्ड भी बीच में आ गया और उसने हस्तक्षेप करने और महिलाओं को अलग करने की कोशिश की.
इस घटना के बाद से यह फुटेज ऑनलाइन काफी चर्चा में है, और इस विवाद ने पालतू जानवरों से जुड़े झगड़ों और ऊंची इमारतों में सार्वजनिक सुविधाओं के उपयोग को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.
एनसीआर में पुलिस रजिस्टर दर्ज, जांच जारी
घटना के बाद, बारी ने नंदग्राम पुलिस स्टेशन जाकर दूसरी महिला के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई. एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद ने बताया कि शिकायत के आधार पर एनसीआर दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है. पुलिस ने कहा कि दोनों महिलाओं की भूमिका की जांच की जाएगी. जांचकर्ताओं द्वारा सीसीटीवी फुटेज देखने और घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने की भी उम्मीद है.
अधिकारियों ने कहा कि उपलब्ध सबूतों की जांच और घटनाक्रम स्थापित होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. इस घटना ने एक बार फिर इस बात को उजागर किया है कि आवासीय सोसाइटियों में पालतू जानवरों, लिफ्टों और साझा स्थानों को लेकर होने वाले विवाद कितनी जल्दी गंभीर टकराव में बदल सकते हैं.