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Home > राज्य > उत्तर प्रदेश > पिता के मानसिक टॉर्चर ने ले ली जान! ‘पापा जीत गए…उन्हें जीत मुबारक हो’, कानपुर में सुसाइड से पहले युवक ने लिखा भावुक नोट

पिता के मानसिक टॉर्चर ने ले ली जान! ‘पापा जीत गए…उन्हें जीत मुबारक हो’, कानपुर में सुसाइड से पहले युवक ने लिखा भावुक नोट

Kanpur Suicide Case: कानपुर कचहरी में पिता के टॉर्चर से तंग आकर वकील प्रियांशु श्रीवास्तव ने सुसाइड कर लिया. उन्होंने सुसाइड नोट में अपने पिता को मौत का कारण बताया है.

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Last Updated: April 24, 2026 16:03:46 IST

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कानपुर में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. कानपुर कचहरी में एक युवा ट्रेनी अधिवक्ता प्रियांशु श्रीवास्तव ने पांचवीं मंजिल से सुसाइड कर लिया. 

जान देने से पहले प्रशिक्षु अधिवक्ता प्रियांशु श्रीवास्तव ने दो पेज के सुसाइड लोट लिखा जिसमें उन्होंने आखिरी इच्छा जताई कि ये सुसाइड नोट जो भी देखे उसे आखिरी तक जरूर पढ़े. पिता राजेंद्र कुमार की डांट, उलाहने और निर्वस्त्र कर घर से निकालने की धमकी ने उन्हें गहरा सदमा दिया. पिता से उनके रिश्ते इस कदर खराब हो गए थे कि प्रियांशु ने अपने सुसाइड नोट में लिखा, “ऐसे पिता भगवान किसी को भी न मिले. पिता उसका शव भी न छू पाएं… पापा जीत गए, उन्हें जीत मुबारक हो.’

बचपन की सजा ने दिया ट्रॉमा 

प्रियांशु की उम्र करीब 24 वर्ष थी. उन्होंने वर्ष 2025 में लॉ की डिग्री प्राप्त की थी. प्रियांशु ने अपने सुसाइड नॉट में लिखा कि बचपन में छह साल की उम्र में चुपके से फ्रिज में रखा मैंगोशेक पी लेने पर पिता ने निर्वस्त्र कर घर से निकाल दिया था. वह शर्मिंदगी उनके जहन में बैठ गई थी. प्रियांशु ने ये भी लिखा कि पढ़ाई के लिए दबाव, अधूरी तैयारी पर पीटना तो फिर भी ठीक था लेकिन हर पल शक की नजर से देखना हर मिनट का हिसाब लेना, कहीं न कहीं उनके लिए मानसिक टार्चर ही रहा.

सबके सामने करते थे बेइज्जत

प्रियांशु के पिताजी सिर्फ उनको सजा ही नहीं देते थे बल्कि उन्हें बेइज्जत करने में भी कोई कसार नहीं छोड़ते थे. उनके सुसाइड नोट के अनुसार पिता ने उन्हें कक्षा नौ में विषय के चयन को लेकर भी दबाव बनाया था. इसके अलावा कम अंक आने पर घर से निर्वस्त्र कर निकालने की धमकी के डर से प्रियांशु को नापसंद विषय भी लेने पड़े. प्रियांशु ने लिखा कि बचपन में चुराए गए एक रुपये के सिक्के वाली गलती को पिता सबके सामने कह कर बेइज्जत करना नहीं भूलते थे.

जीवन में जरूरत से ज्यादा दखल 

प्रियांशु ने लिखा कि पिता का उनकी जिंदगी में जरूरत से ज्यादा दखल था. पिता को घर खर्च में मदद करने के लिए उन्होंने ट्यूशन भी पढ़ाया. अपना ऑनलाइन वर्क कर पिता को मोबाइल और बहन को फोन संग स्कूटी भी दिलाई. इसके बावजूद पिता उन पर शारीरिक रूप से कमजाेर होने का आरोप लगाते थे. 

मां और बहन को ढेर सारा प्यार

प्रियांशु के सुसाइड नोट के अनुसार पिछले गुरुवार को भी पिता ने मोहल्ले में सबके के सामने बेइज्जत किया. इसी वजह से उसकी जीने की इच्छा खत्म हो गई. प्रियांशु ने लिखा “पापा जीत गए…उन्हें जीत मुबारक हो, क्योंकि इतनी बंदिशों और बेइज्जती के साथ वह जी नहीं सकता. आगे पिता पर कोई कार्रवाई न करने की बात लिखी है. साथ ही मां और बहन को ढेर सारा प्यार देने की बात लिखी है.” जानकारी के अनुसार, घटना से लगभग तीन घंटे पहले ही घर पर हुए विवाद के बाद प्रियांशु ने दो पेज का सुसाइड नोट लिखकर अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर लगा दिया था.

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Last Updated: April 24, 2026 16:03:46 IST

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कानपुर में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. कानपुर कचहरी में एक युवा ट्रेनी अधिवक्ता प्रियांशु श्रीवास्तव ने पांचवीं मंजिल से सुसाइड कर लिया. 

जान देने से पहले प्रशिक्षु अधिवक्ता प्रियांशु श्रीवास्तव ने दो पेज के सुसाइड लोट लिखा जिसमें उन्होंने आखिरी इच्छा जताई कि ये सुसाइड नोट जो भी देखे उसे आखिरी तक जरूर पढ़े. पिता राजेंद्र कुमार की डांट, उलाहने और निर्वस्त्र कर घर से निकालने की धमकी ने उन्हें गहरा सदमा दिया. पिता से उनके रिश्ते इस कदर खराब हो गए थे कि प्रियांशु ने अपने सुसाइड नोट में लिखा, “ऐसे पिता भगवान किसी को भी न मिले. पिता उसका शव भी न छू पाएं… पापा जीत गए, उन्हें जीत मुबारक हो.’

बचपन की सजा ने दिया ट्रॉमा 

प्रियांशु की उम्र करीब 24 वर्ष थी. उन्होंने वर्ष 2025 में लॉ की डिग्री प्राप्त की थी. प्रियांशु ने अपने सुसाइड नॉट में लिखा कि बचपन में छह साल की उम्र में चुपके से फ्रिज में रखा मैंगोशेक पी लेने पर पिता ने निर्वस्त्र कर घर से निकाल दिया था. वह शर्मिंदगी उनके जहन में बैठ गई थी. प्रियांशु ने ये भी लिखा कि पढ़ाई के लिए दबाव, अधूरी तैयारी पर पीटना तो फिर भी ठीक था लेकिन हर पल शक की नजर से देखना हर मिनट का हिसाब लेना, कहीं न कहीं उनके लिए मानसिक टार्चर ही रहा.

सबके सामने करते थे बेइज्जत

प्रियांशु के पिताजी सिर्फ उनको सजा ही नहीं देते थे बल्कि उन्हें बेइज्जत करने में भी कोई कसार नहीं छोड़ते थे. उनके सुसाइड नोट के अनुसार पिता ने उन्हें कक्षा नौ में विषय के चयन को लेकर भी दबाव बनाया था. इसके अलावा कम अंक आने पर घर से निर्वस्त्र कर निकालने की धमकी के डर से प्रियांशु को नापसंद विषय भी लेने पड़े. प्रियांशु ने लिखा कि बचपन में चुराए गए एक रुपये के सिक्के वाली गलती को पिता सबके सामने कह कर बेइज्जत करना नहीं भूलते थे.

जीवन में जरूरत से ज्यादा दखल 

प्रियांशु ने लिखा कि पिता का उनकी जिंदगी में जरूरत से ज्यादा दखल था. पिता को घर खर्च में मदद करने के लिए उन्होंने ट्यूशन भी पढ़ाया. अपना ऑनलाइन वर्क कर पिता को मोबाइल और बहन को फोन संग स्कूटी भी दिलाई. इसके बावजूद पिता उन पर शारीरिक रूप से कमजाेर होने का आरोप लगाते थे. 

मां और बहन को ढेर सारा प्यार

प्रियांशु के सुसाइड नोट के अनुसार पिछले गुरुवार को भी पिता ने मोहल्ले में सबके के सामने बेइज्जत किया. इसी वजह से उसकी जीने की इच्छा खत्म हो गई. प्रियांशु ने लिखा “पापा जीत गए…उन्हें जीत मुबारक हो, क्योंकि इतनी बंदिशों और बेइज्जती के साथ वह जी नहीं सकता. आगे पिता पर कोई कार्रवाई न करने की बात लिखी है. साथ ही मां और बहन को ढेर सारा प्यार देने की बात लिखी है.” जानकारी के अनुसार, घटना से लगभग तीन घंटे पहले ही घर पर हुए विवाद के बाद प्रियांशु ने दो पेज का सुसाइड नोट लिखकर अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर लगा दिया था.

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