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Noida ATS Arrest: उत्तर प्रदेश ATS ने एक बड़े ऑपरेशन में नोएडा से दो संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बागपत (मेरठ) के रहने वाले तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्लाह अली खान और सीमापुरी (दिल्ली) के रहने वाले समीर खान के रूप में हुई है. दोनों आरोपी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर काम कर रहे थे और पाकिस्तानी गैंगस्टरों तथा आतंकवादी नेटवर्क के संपर्क में थे.
जांच में पता चला है कि दोनों आरोपियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, विशेष रूप से इंस्टाग्राम के ज़रिए पाकिस्तानी गैंगस्टरों शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट से संपर्क साधा था. इन माध्यमों के ज़रिए, भारतीय युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और ‘स्लीपर सेल’ स्थापित करने की साज़िश रची जा रही थी.
ISI और पाकिस्तानी गैंगस्टरों से संबंध
ATS के अनुसार, आरोपियों को संवेदनशील स्थानों की रेकी करने, लक्ष्यों की पहचान करने और देश के भीतर अशांति फैलाने के लिए उकसाया गया था. तुषार चौहान को ‘टारगेट किलिंग’ (लक्षित हत्याएं) को अंजाम देने के लिए लगभग ₹3 लाख की रकम का लालच दिया गया था. आरोप है कि दोनों आरोपी हैंड ग्रेनेड और पिस्तौल का इस्तेमाल करके हमले करने की तैयारी कर रहे थे, और उन्होंने उत्तर प्रदेश में कई प्रमुख हस्तियों को निशाना बनाने की योजना बनाई थी.
आरोपियों के पास से क्या-क्या मिला?
गिरफ्तार आरोपियों के कब्ज़े से एक पिस्तौल, पांच ज़िंदा कारतूस और एक चाकू बरामद किया गया है. आगे की पूछताछ में पता चला कि उन्हें हमले करने के बदले पैसे और विदेश यात्रा के अवसरों के वादों का लालच दिया गया था. समीर खान को ‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ से जुड़े प्रचार-प्रसार के काम सौंपे गए थे; उसे दीवारों पर संगठन का नाम स्प्रे-पेंट करने और नए सदस्यों की भर्ती करने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी.
ATS ने यह भी खुलासा किया कि पिछले कुछ महीनों में, दोनों आरोपियों ने कई व्यक्तियों को जान से मारने की धमकियां दी थीं. इन धमकी भरे कॉल्स के दौरान, पाकिस्तानी हैंडलर भी कॉन्फ्रेंस कॉल के ज़रिए जुड़ जाते थे. यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि पूरा नेटवर्क अत्यंत संगठित तरीके से काम कर रहा था.
UAPA और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज
इस मामले के संबंध में, ATS लखनऊ पुलिस स्टेशन में BNS (भारतीय न्याय संहिता), शस्त्र अधिनियम और UAPA (गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) की संबंधित धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया गया है. वर्तमान में, दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है, और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की तलाश जारी है. ATS आरोपियों की पुलिस हिरासत रिमांड मांगने की प्रक्रिया में भी है. यह कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता को रेखांकित करती है, जिन्होंने ठीक समय पर एक बड़ी साज़िश को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया.