Ballia News: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में पेट्रोल का संकट गहरा गया है. पिछले तीन दिनों से जारी ईंधन की इस किल्लत ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है. शहर के चित्तू पांडेय चौराहे से लेकर अन्य प्रमुख पेट्रोल पंपों तक हर जगह आम जनता परेशान दिख रही है. कहीं लंबी कतारें हैं, तो कहीं पंप संचालकों ने ‘नो पेट्रोल’ के बोर्ड लगा दिए हैं, जिससे वाहन चालकों में भारी आक्रोश है.
शहर के चित्तू पांडेय चौराहे पर स्थित पेट्रोल पंप की तस्वीर, स्थिति की गंभीरता को बयां कर रही है. यहां मोटरसाइकिल सवारों की भारी भीड़ देखी गई. घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद जब लोगोंं की बारी आई, तो अचानक पंप संचालक ने बोर्ड लगा दिया कि ‘पेट्रोल नहीं’ है.
परेशान वाहन चालकों ने बताया ‘हम पिछले 1 घंटे से लाइन में खड़े थे. शहर के जितने भी पेट्रोल पंप है, सब घूम लिए, कहीं भी पेट्रोल नहीं मिल रहा है. प्रशासन और तेल कंपनियों की लापरवाही से हम पूरी तरह फंस गए हैं.
100 रुपये लीटर में पेट्रोल मिलने का आरोप
इतना ही नहीं कुछ वाहन चालकों ने कालाबाजारी का भी गंभीर आरोप लगाया है. चालकों का दावा है कि कुछ जगहों पर पेट्रोल उपलब्ध तो है, लेकिन वहां खुलेआम ₹100 प्रति लीटर के हिसाब से पेट्रोल बेचा जा रहा है. आम आदमी पेट्रोल के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है.
शादियों का सीजन और एंबुलेंस सेवा पर संकट
बीते तीन दिनों से जारी इस समस्या ने लोगोंं की मुश्किलें दोगुना कर दिया है. फिलहाल शादियों का सीजन चल रहा ह, जिसके कारण सड़कों पर आवागमन अधिक है. इसके अलावा स्कूल खुले हुए हैं और सबसे चिंता जनक बात यह है कि पेट्रोल ना होने से एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं के संचालक पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं.
लोगों ने कहा कि अगर जल्दी पेट्रोल की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो बलिया में यातायात और जरूरी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं. अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और पेट्रोल पंपों पर ईंधन कब तक उपलब्ध हो जाएगा.
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