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UP Cyber Crime: डिजिटल अरेस्ट कर करोड़ों की ठगी, ‘आतंकवाद’ का नाम लेकर डराता था, रायबरेली पुलिस ने मास्टरमाइंड को दबोचा

Raebareli Cyber Crime: ठगों ने रायबरेली के सूर्यभान सिंह और उनकी पत्नी को अपना निशाना बनाया था. ठगों ने दंपत्ति को घंटों तक 'डिजिटल अरेस्ट' रखा और उन पर ऐसा मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया कि उन्होंने डर के मारे विभिन्न खातों में RTGS के जरिए लाखों रुपये ट्रांसफर कर दिए.

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Last Updated: April 23, 2026 19:25:39 IST

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UP Cyber Crime News: अगर आपके पास भी अनजान नंबर से वीडियो कॉल आए और सामने वाला खुद को सीबीआई या पुलिस अफसर बताकर डराने लगे, तो सावधान हो जाएं! रायबरेली की कोतवाली नगर पुलिस ने एक ऐसे ही शातिर साइबर ठग को गिरफ्तार किया है, जो लोगों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का झांसा देकर उनके बैंक खाते खाली कर देता था. पुलिस ने इस गिरोह के कब्जे से अब तक करीब 36 लाख 90 हजार रुपये फ्रीज करा दिए हैं.

प्रेसवार्ता के दौरान मामले का खुलासा करते हुए सीओ सिटी अरुण कुमार नौहवार ने बताया कि ठगों ने शहर के सूर्यभान सिंह और उनकी पत्नी को अपना निशाना बनाया था. ठगों ने दंपत्ति को घंटों तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ रखा और उन पर ऐसा मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया कि उन्होंने डर के मारे विभिन्न खातों में RTGS के जरिए लाखों रुपये ट्रांसफर कर दिए.

सीओ सिटी ने आगे जानकारी दी कि मामला दर्ज होते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगों के बैंक खातों को तत्काल होल्ड (फ्रीज) करवा दिया, जिससे एक बड़ी रकम सुरक्षित बच गई.

उत्तराखंड से गिरफ्तार हुआ मास्टरमाइंड

एसपी के निर्देशन में गठित टीम ने गुरुवार को सटीक सूचना पर आरोपी अभिजीत सिंह जाटव (निवासी उधमसिंह नगर, उत्तराखंड) को सिया कब्रिस्तान के पास से घेराबंदी कर दबोच लिया. आरोपी यहां किसी बड़े काम की फिराक में छिपा हुआ था.

‘आतंकवाद’ का नाम लेकर डराता था गिरोह

पूछताछ में सामने आया कि यह एक संगठित गिरोह है जो अमीर बैंक खातों की रेकी करता है. सीओ सिटी के मुताबिक, ये ठग खुद को सीबीआई या बैंक अधिकारी बताकर पीड़ितों को धमकी देते थे कि उनके खाते में जमा पैसा आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ा है. कानूनी कार्रवाई और जेल जाने के डर से घबराकर पीड़ित अपनी जमापूंजी इनके हवाले कर देते थे.

पुलिस की बड़ी कार्रवाई

पुलिस ने आरोपी के पास से बरामदगी के आधार पर मामले में आईटी एक्ट की संगीन धाराएं बढ़ा दी हैं. पुलिस अब इस गिरोह के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है. गिरफ्तार अभियुक्त को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है.

Disclaimer: The article is a part of syndicated feed. Except for the headline, the content is not edited. Liability lies with the syndication partner for factual accuracy.

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UP Cyber Crime News: अगर आपके पास भी अनजान नंबर से वीडियो कॉल आए और सामने वाला खुद को सीबीआई या पुलिस अफसर बताकर डराने लगे, तो सावधान हो जाएं! रायबरेली की कोतवाली नगर पुलिस ने एक ऐसे ही शातिर साइबर ठग को गिरफ्तार किया है, जो लोगों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का झांसा देकर उनके बैंक खाते खाली कर देता था. पुलिस ने इस गिरोह के कब्जे से अब तक करीब 36 लाख 90 हजार रुपये फ्रीज करा दिए हैं.

प्रेसवार्ता के दौरान मामले का खुलासा करते हुए सीओ सिटी अरुण कुमार नौहवार ने बताया कि ठगों ने शहर के सूर्यभान सिंह और उनकी पत्नी को अपना निशाना बनाया था. ठगों ने दंपत्ति को घंटों तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ रखा और उन पर ऐसा मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया कि उन्होंने डर के मारे विभिन्न खातों में RTGS के जरिए लाखों रुपये ट्रांसफर कर दिए.

सीओ सिटी ने आगे जानकारी दी कि मामला दर्ज होते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगों के बैंक खातों को तत्काल होल्ड (फ्रीज) करवा दिया, जिससे एक बड़ी रकम सुरक्षित बच गई.

उत्तराखंड से गिरफ्तार हुआ मास्टरमाइंड

एसपी के निर्देशन में गठित टीम ने गुरुवार को सटीक सूचना पर आरोपी अभिजीत सिंह जाटव (निवासी उधमसिंह नगर, उत्तराखंड) को सिया कब्रिस्तान के पास से घेराबंदी कर दबोच लिया. आरोपी यहां किसी बड़े काम की फिराक में छिपा हुआ था.

‘आतंकवाद’ का नाम लेकर डराता था गिरोह

पूछताछ में सामने आया कि यह एक संगठित गिरोह है जो अमीर बैंक खातों की रेकी करता है. सीओ सिटी के मुताबिक, ये ठग खुद को सीबीआई या बैंक अधिकारी बताकर पीड़ितों को धमकी देते थे कि उनके खाते में जमा पैसा आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ा है. कानूनी कार्रवाई और जेल जाने के डर से घबराकर पीड़ित अपनी जमापूंजी इनके हवाले कर देते थे.

पुलिस की बड़ी कार्रवाई

पुलिस ने आरोपी के पास से बरामदगी के आधार पर मामले में आईटी एक्ट की संगीन धाराएं बढ़ा दी हैं. पुलिस अब इस गिरोह के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है. गिरफ्तार अभियुक्त को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है.

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