Hathras News: पश्चिमी उत्तर प्रदेश का हाथरस जिला एक बार फिर चर्चा में आ गया है. इस बार विवाद अलग तरह का है. आरोप है कि जल जीवन मिशन (ग्रामीण) के तहत बनाए जा रहे ओवरहेड वाटर टैंक के निर्माण के दौरान उस समय विवाद बढ़ गया जब खोदाई के दौरान कई कब्रों पर भी फावड़े चल गए. यहां तक कि कुछ शव बाहर भी आ गए. इसके बाद गुस्साए स्थानीय लोगों ने कब्रों को हवाला देकर काम रोकने की मांग की. इसके बाद यहां पर तनाव की स्थिति पैदा हो गई. वहीं, हालात के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन सक्रिय हुआ और उसने कब्रों में शव में फिर से सम्मानपूर्वक दफन करवाया. यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सादाबाद थानाक्षेत्र स्थित पुसैनी गांव का है.
मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, ओवरहेड टैंक निर्माण के दौरान निर्माण के दौरान खोदाई चल ही रही थी कि कुछ स्थानीय लोग खफा हो गए. उनका आरोप था कि खोदाई के चलते कुछ शव बाहर आ गए हैं. इसके बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया. स्थानीय खोदाई के विरोध में आ गए और प्रदर्शन करने लगे.
संभावित बवाल के मद्देनजर पुलिस प्रशासन हरकत में आया और खोदाई का काम रुकवा कर तुरंत शवों को दोबारा दफन करवाया गया. इस दौरान स्थानीय लोग भी मौजूद थे. शव को दोबारा दफन करवाने के बाद ही स्थानीय लोग शांत हुए. फिलहाल वहां पर शांति है. उधर, जमीन को लेकर जांच के आदेश दिए गए हैं. जांच पूरी होने और सच्चाई सामने आने के बाद ही यहां पर दोबारा काम शुरू करवाया जाएगा.
रविवार का है मामला
कथित तौर पर ओवरहेड वाटर टैंक की खोदाई के दौरान कब्रों को नुकसान पहुंचने का यह मामला रविवार (19 अप्रैल, 2026) को बताया जा रहा है कि आरोप है कि यह जमीन काफी लंबे समय से कब्रिस्तान के रूप में इस्तेमाल की जा रही है. खोदाई शुरू होने के करीब एक घंटे बाद ग्रामीणों को इस बात की जानकारी मिली. इसके बाद हंगामा शुरू हो गया. खासतौर से खोदाई के दौरान कब्रिस्तान से शवों के बाहर आने पर ग्राणीण भड़क गए और नारेबाजी शुरू कर दी.
पुलिस प्रशासन ने संंभाला मोर्चा
वहीं हालात को बिगड़ता देखकर खोदाई कार्य से जुड़े श्रमिकों ने स्थानीय पुलिस को फोन किया. इसके बाद स्थानीय प्रशासन से जुड़े अधिकारी और पुलिस प्रशासन जुड़े लोग पहुंचे. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कब्रो को दोबारा दफनाया गया. इस दौरान ग्रामीण मौजूद थे. इसके बाद मामला शांत हुआ. फिलहाल जमीन किसकी है. इसकी जांच के आदेश दिए गए हैं.