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Samsung के 70 हजार के मोबाइल का 36 महीने में निकला दम! डिस्प्ले और मदरबोर्ड क्रैश के बाद यूजर्स का फूटा गुस्सा

Samsung Galaxy S23: 70 हजार का सैमसंग का मोबाइल खरीदते वक्त कंपनी की तरफ से लंबी लाइफ और बेस्ट-इन-क्लास परफॉर्मेंस का दावा किया गया था, लेकिन महज 2 साल के भीतर ही फोन की स्क्रीन पर हरा और गुलाबी रंग की लाइनें उभरने लगीं.

Written By:
Edited By: Hasnain Alam
Last Updated: 2026-08-21 08:09:59

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70 हजार रुपये का प्रीमियम फोन, ब्रांड का बड़ा दावा और महज तीन साल में फोन एक ‘कांच का टुकड़ा’ बन गया. जी हां, टेक दिग्गज Samsung के प्रीमियम फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स की टिकाऊपन और सर्विस क्वालिटी पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. हाल ही में सोशल मीडिया पर सामने आए एक मामले ने सैमसंग के लाखों यूजर्स की नींद उड़ा दी है. 2023 में मोटी रकम खर्च कर खरीदे गए फोन में पहले रहस्यमयी रंग-बिरंगी लाइन्स आईं और फिर अचानक फोन हमेशा के लिए बंद हो गया.

असली झटका तब लगा जब ग्राहक फोन लेकर सर्विस सेंटर पहुंचा. कंपनी के रवैये और रिपेयरिंग के नाम पर मांगी गई रकम ने न केवल यूजर को हैरान किया, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या सैमसंग अपने महंगे फोन्स में घटिया पार्ट्स का इस्तेमाल कर रहा है? जानिए आखिर क्या है यह पूरा विवाद, सर्विस सेंटर में ग्राहक के साथ क्या हुआ और क्यों यह खबर हर सैमसंग यूजर के लिए एक बड़ी चेतावनी है…

क्या है पूरा मामला?

अमरेश चंद्र जेना नाम के एक यूजर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सैमसंग इंडिया और सैमसंग मोबाइल को टैग करते हुए अपना दर्द साझा किया. यूजर ने बताया कि उन्होंने साल 2023 में 70,000 रुपये से अधिक की भारी-भरकम कीमत देकर Samsung Galaxy S23 खरीदा था. स्मार्टफोन खरीदते वक्त कंपनी की तरफ से लंबी लाइफ और बेस्ट-इन-क्लास परफॉर्मेंस का दावा किया गया था, लेकिन महज 2 साल के भीतर ही फोन की स्क्रीन पर हरा और गुलाबी रंग की लाइनें उभरने लगीं.

अचानक बंद हुआ फोन, सर्विस सेंटर पर लगा दूसरा झटका

समस्या यहीं खत्म नहीं हुई. फोन खरीदे जाने के ठीक 3 साल पूरे होते ही यह अचानक पूरी तरह बंद हो गया. जब पीड़ित यूजर फोन को लेकर आधिकारिक सैमसंग सर्विस सेंटर पहुंचा, तो वहां उन्हें जो जवाब मिला उसने उनके होश उड़ा दिए. सर्विस सेंटर के इंजीनियर्स ने बताया कि फोन का मदरबोर्ड पूरी तरह क्रैश हो चुका है.

30,000 रुपये से ज्यादा का रिपेयर कॉस्ट!

स्मार्टफोन को दोबारा ठीक कराने के लिए सर्विस सेंटर ने 30,000 रुपये से अधिक का एस्टीमेट थमा दिया. यानी 70 हजार के फोन को महज 3 साल इस्तेमाल करने के बाद फिर से आधी कीमत रिपेयरिंग में देनी होगी. यूजर का कहना है कि उनका फोन देखने में बिल्कुल नया लगता है, लेकिन अंदरूनी खराबी के कारण अब वह पूरी तरह बेकार हो चुका है.

अन्य यूजर्स का भी छलका दर्द, उपभोक्ता फोरम का रुख

यह समस्या सिर्फ अमरेश चंद्र तक सीमित नहीं है. इस पोस्ट पर कमेंट करते हुए सक्षम जैन नाम के यूजर ने अपनी प्रतिक्रिया में ‘Same issue’ लिखते हुए कई सैमसंग स्मार्टफोन्स की तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें साफ तौर पर वही वर्टिकल लाइन की समस्या देखी जा सकती है. इतना ही नहीं, यूजर ने तंग आकर नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) पोर्टल पर कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्जा कराते हुए ग्रीवेंस रजिस्ट्रेशन फॉर्म का स्क्रीनशॉट भी पोस्ट किया है.

वहीं, एक अन्य यूजर प्रीतिलता सामल ने निराशा जाहिर करते हुए लिखा, ‘It’s quite unfortunate to purchase Samsung Mobile.’ यानी ‘सैमसंग मोबाइल खरीदना काफी दुर्भाग्यपूर्ण है.’ यहां तक कहा दिया.

ब्रांड वैल्यू और कस्टमर ट्रस्ट पर उठे बड़े सवाल

इस पूरी घटना के बाद यूजर ने सैमसंग से सीधा सवाल किया है कि अगर 70 हजार रुपये का फ्लैगशिप स्मार्टफोन 3 साल भी नहीं चल सकता, तो कोई ग्राहक कंपनी के हाई-एंड प्रोडक्ट्स पर भरोसा क्यों करे? गौरतलब है कि सैमसंग के महंगे फोन्स में ग्रीन लाइन और मदरबोर्ड फेलियर की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं. ऐसे में भारी-भरकम पैसे खर्च करने के बावजूद यूजर्स खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं.

यह मामला सिर्फ एक यूजर का नहीं है, बल्कि उन तमाम ग्राहकों की चिंता को दर्शाता है जो ब्रांड पर भरोसा करके अपनी गाढ़ी कमाई खर्च करते हैं. क्या सैमसंग इस मामले का संज्ञान लेकर यूजर को राहत देगा या फिर महंगे स्मार्टफोन्स की यह खराबी ऐसे ही ग्राहकों की जेब खाली करती रहेगी?

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Edited By: Hasnain Alam
Last Updated: 2026-08-21 08:09:59

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70 हजार रुपये का प्रीमियम फोन, ब्रांड का बड़ा दावा और महज तीन साल में फोन एक ‘कांच का टुकड़ा’ बन गया. जी हां, टेक दिग्गज Samsung के प्रीमियम फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स की टिकाऊपन और सर्विस क्वालिटी पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. हाल ही में सोशल मीडिया पर सामने आए एक मामले ने सैमसंग के लाखों यूजर्स की नींद उड़ा दी है. 2023 में मोटी रकम खर्च कर खरीदे गए फोन में पहले रहस्यमयी रंग-बिरंगी लाइन्स आईं और फिर अचानक फोन हमेशा के लिए बंद हो गया.

असली झटका तब लगा जब ग्राहक फोन लेकर सर्विस सेंटर पहुंचा. कंपनी के रवैये और रिपेयरिंग के नाम पर मांगी गई रकम ने न केवल यूजर को हैरान किया, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या सैमसंग अपने महंगे फोन्स में घटिया पार्ट्स का इस्तेमाल कर रहा है? जानिए आखिर क्या है यह पूरा विवाद, सर्विस सेंटर में ग्राहक के साथ क्या हुआ और क्यों यह खबर हर सैमसंग यूजर के लिए एक बड़ी चेतावनी है…

क्या है पूरा मामला?

अमरेश चंद्र जेना नाम के एक यूजर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सैमसंग इंडिया और सैमसंग मोबाइल को टैग करते हुए अपना दर्द साझा किया. यूजर ने बताया कि उन्होंने साल 2023 में 70,000 रुपये से अधिक की भारी-भरकम कीमत देकर Samsung Galaxy S23 खरीदा था. स्मार्टफोन खरीदते वक्त कंपनी की तरफ से लंबी लाइफ और बेस्ट-इन-क्लास परफॉर्मेंस का दावा किया गया था, लेकिन महज 2 साल के भीतर ही फोन की स्क्रीन पर हरा और गुलाबी रंग की लाइनें उभरने लगीं.

अचानक बंद हुआ फोन, सर्विस सेंटर पर लगा दूसरा झटका

समस्या यहीं खत्म नहीं हुई. फोन खरीदे जाने के ठीक 3 साल पूरे होते ही यह अचानक पूरी तरह बंद हो गया. जब पीड़ित यूजर फोन को लेकर आधिकारिक सैमसंग सर्विस सेंटर पहुंचा, तो वहां उन्हें जो जवाब मिला उसने उनके होश उड़ा दिए. सर्विस सेंटर के इंजीनियर्स ने बताया कि फोन का मदरबोर्ड पूरी तरह क्रैश हो चुका है.

30,000 रुपये से ज्यादा का रिपेयर कॉस्ट!

स्मार्टफोन को दोबारा ठीक कराने के लिए सर्विस सेंटर ने 30,000 रुपये से अधिक का एस्टीमेट थमा दिया. यानी 70 हजार के फोन को महज 3 साल इस्तेमाल करने के बाद फिर से आधी कीमत रिपेयरिंग में देनी होगी. यूजर का कहना है कि उनका फोन देखने में बिल्कुल नया लगता है, लेकिन अंदरूनी खराबी के कारण अब वह पूरी तरह बेकार हो चुका है.

अन्य यूजर्स का भी छलका दर्द, उपभोक्ता फोरम का रुख

यह समस्या सिर्फ अमरेश चंद्र तक सीमित नहीं है. इस पोस्ट पर कमेंट करते हुए सक्षम जैन नाम के यूजर ने अपनी प्रतिक्रिया में ‘Same issue’ लिखते हुए कई सैमसंग स्मार्टफोन्स की तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें साफ तौर पर वही वर्टिकल लाइन की समस्या देखी जा सकती है. इतना ही नहीं, यूजर ने तंग आकर नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) पोर्टल पर कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्जा कराते हुए ग्रीवेंस रजिस्ट्रेशन फॉर्म का स्क्रीनशॉट भी पोस्ट किया है.

वहीं, एक अन्य यूजर प्रीतिलता सामल ने निराशा जाहिर करते हुए लिखा, ‘It’s quite unfortunate to purchase Samsung Mobile.’ यानी ‘सैमसंग मोबाइल खरीदना काफी दुर्भाग्यपूर्ण है.’ यहां तक कहा दिया.

ब्रांड वैल्यू और कस्टमर ट्रस्ट पर उठे बड़े सवाल

इस पूरी घटना के बाद यूजर ने सैमसंग से सीधा सवाल किया है कि अगर 70 हजार रुपये का फ्लैगशिप स्मार्टफोन 3 साल भी नहीं चल सकता, तो कोई ग्राहक कंपनी के हाई-एंड प्रोडक्ट्स पर भरोसा क्यों करे? गौरतलब है कि सैमसंग के महंगे फोन्स में ग्रीन लाइन और मदरबोर्ड फेलियर की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं. ऐसे में भारी-भरकम पैसे खर्च करने के बावजूद यूजर्स खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं.

यह मामला सिर्फ एक यूजर का नहीं है, बल्कि उन तमाम ग्राहकों की चिंता को दर्शाता है जो ब्रांड पर भरोसा करके अपनी गाढ़ी कमाई खर्च करते हैं. क्या सैमसंग इस मामले का संज्ञान लेकर यूजर को राहत देगा या फिर महंगे स्मार्टफोन्स की यह खराबी ऐसे ही ग्राहकों की जेब खाली करती रहेगी?

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