Ashok Kharat Case: नाशिक के चर्चित अशोक खरात मामले में अदालत ने वीडियो साक्ष्य को लेकर अहम निर्देश दिए हैं. न्यायमूर्ति एन. एल. मोरे ने आरोपी अशोक खरात के वकील राहुल कासलीवाल को पेनड्राइव में मौजूद वीडियो देखने की अनुमति देने के निर्देश दिए हैं. अदालत ने सरकारी पक्ष को पेनड्राइव के साथ उससे संबंधित दस्तावेज भी आरोपी के वकील को उपलब्ध कराने को कहा है. हालांकि, वीडियो की कॉपी आरोपी या उसके वकील को देने की अनुमति नहीं होगी.
पेनड्राइव में मौजूद वीडियो देखने की मिलेगी अनुमति
अदालत के निर्देश के अनुसार, अशोक खरात के वकील राहुल कासलीवाल पेनड्राइव में मौजूद वीडियो साक्ष्य को देख सकेंगे. सरकारी पक्ष को संबंधित पेनड्राइव और उससे जुड़े दस्तावेज बचाव पक्ष के वकील को उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है. हालांकि, यह अनुमति केवल वीडियो देखने तक सीमित रहेगी.
वीडियो की कॉपी नहीं ले सकेंगे आरोपी
अदालत ने स्पष्ट किया है कि वीडियो साक्ष्य की कॉपी आरोपी अशोक खरात या उसके वकील को नहीं दी जा सकेगी. यानी बचाव पक्ष को वीडियो देखने का अवसर मिलेगा, लेकिन उसकी प्रतिलिपि अपने पास रखने की अनुमति नहीं होगी. मामले में वीडियो से जुड़े साक्ष्यों को लेकर अदालत के निर्देश इसी व्यवस्था के तहत लागू होंगे.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने के निर्देश
अदालत ने यह भी कहा है कि इस प्रक्रिया में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक निर्धारित नियमों का पालन किया जाए. सरकारी पक्ष को पेनड्राइव और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि वीडियो की प्रतिलिपि साझा नहीं की जाएगी. सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष की ओर से जांच अधिकारी और विशेष सरकारी वकील उज्ज्वल निकम अदालत में मौजूद रहे. मामले की सुनवाई के दौरान वीडियो साक्ष्य और उससे संबंधित दस्तावेजों को लेकर अदालत ने यह दिशा-निर्देश जारी किए.
बाकी मामलों की सुनवाई 8 अक्टूबर को
अशोक खरात के खिलाफ चल रहे बाकी मामलों की सुनवाई 8 अक्टूबर को होगी. वहीं, पहले मामले में दाखिल जमानत आवेदन पर 3 अक्टूबर को फैसला सुनाया जाना है. ऐसे में अब अदालत के जमानत संबंधी फैसले पर विशेष नजर रहेगी. अशोक खरात के खिलाफ कई मामले दर्ज होने की जानकारी पहले भी सामने आ चुकी है और अलग-अलग मामलों में न्यायिक कार्रवाई जारी है. सितंबर में उसकी न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने और एक मामले में जमानत सुनवाई आगे बढ़ने की रिपोर्ट भी सामने आई थी. अब 3 अक्टूबर को जमानत आवेदन पर आने वाले फैसले को मामले की अगली अहम कड़ी माना जा रहा है.