क्रिकेट के इतिहास में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की एक अलग ही चमक रही है. वेस्टइंडीज़ के नए स्टार बल्लेबाज आमिर जांगू ने भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाया है. भारत के खिलाफ खेले गए मुकाबले में चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे जांगू ने अकेले दम पर भारतीय गेंदबाजों की क्लास लगा दी. उन्होंने सिर्फ 70 गेंदों में अपना शतक पूरा किया और कुल 77 गेंदों में 114 रनों की आतिशी पारी खेली.
गुवाहाटी के मैदान पर भारतीय गेंदबाजों पर हुए इस हमले के बीच आमिर जांगू का नाम हर किसी की जुबान पर है. वेस्टइंडीज़ के इस बाएं हाथ के बल्लेबाज और विकेटकीपर ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से भारतीय गेंदबाजों की परेशानी बढ़ा दी. लोकल और घरेलू क्रिकेट से शुरुआत करने वाले जांगू ने अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी खास पहचान बना ली है.
भारत के खिलाफ सबसे तेज शतक बनाने वाले विंडीज के 6 बल्लेबाज

कौन हैं आमिर जांगू?
आमिर जांगू का जन्म 14 जुलाई 1997 को त्रिनिदाद के सेंट जेम्स में हुआ था. वह बाएं हाथ से विस्फोटक बल्लेबाजी करने के साथ-साथ विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी संभालते हैं. घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करके उन्होंने वेस्टइंडीज़ की राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह बनाई है. वह घरेलू क्रिकेट में त्रिनिदाद एंड टोबैगो रेड फोर्स और जमैका तल्लावाज जैसी टीमों की तरफ से खेल चुके हैं. सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड बेहतरीन रहा है, जहाँ वह आक्रामक बल्लेबाजी के साथ-साथ परिस्थिति के हिसाब से खेलने की कला में माहिर हैं.
डेब्यू मैच में ही ठोक दिया था शतक
आमिर जांगू ने अपने हुनर का जलवा पहले ही मैच में दिखा दिया था. उन्होंने वेस्टइंडीज़ के लिए अपने डेब्यू वनडे मैच में ही शतक जड़ दिया था. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अपने पहले ही मैच में शतक लगाना किसी भी खिलाड़ी के लिए बहुत बड़ी बात होती है. इस पारी से उन्होंने साबित कर दिया था कि घरेलू क्रिकेट में उनका नाम यूँ ही नहीं चमक रहा था.
इसके बाद अब उन्होंने गुवाहाटी में भारत के खिलाफ एक और धमाकेदार शतक बनाकर अपनी काबिलियत साबित की है. मजबूत भारतीय गेंदबाजी के सामने दबाव में खेलकर शतक बनाना यह दिखाता है कि वह बड़े मंच के खिलाड़ी हैं.
माता-पिता का मिला पूरा साथ
आमिर जांगू की इस सफलता के पीछे उनके माता-पिता, एंथनी जांगू और सुल्ताना जांगू का बहुत बड़ा हाथ रहा है. बचपन से ही बेटे का क्रिकेट के प्रति जुनून देखकर उन्होंने उसे पूरा सहयोग और संसाधन दिए. परिवार के इस साथ की वजह से ही जांगू क्रिकेट में अनुशासन और मेहनत बनाए रख सके.
लोकल स्तर से शुरुआत कर घरेलू टीमों में जगह बनाना और फिर वेस्टइंडीज़ की मुख्य टीम तक पहुँचना आसान नहीं था. आपको बता दें कि आमिर जांगू के पूर्वज पाकिस्तान से आकर वेस्टइंडीज़ में बस गए थे.
गुवाहाटी में रचा नया इतिहास
गुवाहाटी में खेली गई यह शतकीय पारी आमिर जांगू के करियर का एक नया और बड़ा मोड़ है. भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ सिर्फ 70 गेंदों में 12 चौके और 2 छक्के की मदद से शतक बनाना उनके लिए बहुत मायने रखता है.
घरेलू क्रिकेट की कड़ी मेहनत से लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के डेब्यू पर शतक और अब भारत के खिलाफ यह बड़ी पारी जांगू का यह सफर दिखाता है कि अगर मेहनत और लगन हो तो कोई भी खिलाड़ी ऊँचाइयों को छू सकता है. अब उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती इस फॉर्म को लगातार बनाए रखने की होगी.