Panchtatva Andolan Tribal Women Chhatarpur: यह आंदोलन अब केवल मुआवजे की मांग नहीं, बल्कि एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है इससे पहले महिलाएं जलती चिताओं पर लेटकर ‘चिता आंदोलन’ कर चुकी हैं वे पानी के अंदर खड़े होकर भी विरोध जता रही हैं, 11 दिन बीत जाने के बाद भी किसी वरिष्ठ अधिकारी के ना पहुंचने से आदिवासियों में भारी आक्रोश है, उनका कहना है कि सरकार केवल उद्योगपतियों और बड़े शहरों का सोच रही है प्रोजेक्ट के कारण करीब 40 गांवों के हजारों परिवार प्रभावित हो रहे हैं, आदिवासियों का कहना है कि उनके लिए जंगल ही उनकी पहचान और आजीविका है, जिसे बांध के लिए खत्म किया जा रहा है इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और धारा 163 (BNSS) लागू की गई है, लेकिन आदिवासियों ने साफ कर दिया है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, वे पीछे नहीं हटेंगे.
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