Colors according to Vastu: घर की दीवारों पर रंग कराने की तैयारी कर रहे हैं, तो सिर्फ अपनी पसंद और घर की सजावट को ही ध्यान में न रखें. रंगों का चुनाव करते समय कमरे की रोशनी, आकार और दीवारों की दिशा पर भी ध्यान देना जरूरी है. वास्तु शास्त्र में भी अलग-अलग दिशाओं और कमरों के लिए रंगों को खास महत्व दिया गया है. वास्तु मान्यताओं के अनुसार, कुछ रंगों का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने से बचने की सलाह दी जाती है. लाल, काला, गहरा नीला और नियोन जैसे चमकीले रंगों को लेकर भी कुछ मान्यताएं प्रचलित हैं. ऐसे में घर की पुताई कराने से पहले जान लें कि इन रंगों का इस्तेमाल कहां और किस तरह करना बेहतर माना जाता है.
उत्तर दिशा में लाल रंग के ज्यादा इस्तेमाल से बचें
वास्तु शास्त्र में उत्तर दिशा को धन और करियर से जोड़कर देखा जाता है. कुछ वास्तु मान्यताओं के अनुसार, इस दिशा की दीवारों पर लाल रंग का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करने से बचना चाहिए. लाल रंग काफी चटख होता है, इसलिए इसका अधिक प्रयोग कमरे की रंग योजना को भी प्रभावित कर सकता है. इसके बजाय उत्तर दिशा में हल्का हरा, क्रीम या हल्का नीला रंग चुनने का विकल्प अपनाया जा सकता है. ये रंग कमरे को हल्का और सुकूनभरा लुक देने में मदद कर सकते हैं. हालांकि, रंगों का आर्थिक समृद्धि या करियर पर सीधा प्रभाव पड़ने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसलिए वास्तु संबंधी बातों को मान्यता के रूप में ही देखना चाहिए.
दीवारों पर काले रंग का ज्यादा इस्तेमाल न करें
काला रंग आधुनिक इंटीरियर और आकर्षक सजावट के लिए पसंद किया जाता है. लेकिन अगर पूरे कमरे की दीवारों पर इसका बहुत ज्यादा इस्तेमाल किया जाए, तो कमरा छोटा या भारी महसूस हो सकता है. खासकर उन कमरों में जहां प्राकृतिक रोशनी कम आती है, वहां गहरे रंगों का अधिक प्रयोग जगह को अपेक्षाकृत अंधेरा दिखा सकता है. वास्तु की कुछ मान्यताओं में भी घर के अंदर गहरे रंगों का संतुलित इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है. अगर आपको गहरे रंग पसंद हैं, तो इन्हें किसी एक दीवार या छोटे सजावटी हिस्से तक सीमित रख सकते हैं. हल्का भूरा, बेज और ऑफ-व्हाइट जैसे रंग दीवारों को साफ-सुथरा और खुला लुक देने के विकल्प हो सकते हैं.
रसोई में गहरे नीले रंग के इस्तेमाल पर दें ध्यान
वास्तु मान्यताओं में रसोई को अग्नि तत्व से संबंधित माना जाता है, जबकि नीले रंग को जल तत्व का प्रतीक बताया जाता है. इसी आधार पर रसोई में गहरे नीले रंग का बहुत अधिक इस्तेमाल करने से बचने की सलाह दी जाती है. हालांकि, यह वास्तु की मान्यता है, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नियम नहीं. रसोई की दीवारों के लिए हल्का पीच, क्रीम या हल्का पीला रंग चुना जा सकता है. ये रंग रसोई को रोशन और खुला दिखाने में मदद कर सकते हैं. रंग चुनते समय रसोई में आने वाली प्राकृतिक रोशनी, कैबिनेट के रंग और टाइल्स के डिजाइन का भी ध्यान रखें, ताकि पूरा हिस्सा देखने में संतुलित लगे.
नियोन और बहुत चमकीले रंगों का सीमित इस्तेमाल करें
नियोन हरा, तेज गुलाबी और बहुत चमकीला नारंगी जैसे रंग देखने में आकर्षक लग सकते हैं. लेकिन अगर इनका इस्तेमाल कमरे की सभी दीवारों पर कर दिया जाए, तो रंगों का संतुलन बिगड़ सकता है. कुछ लोगों को ऐसे चटख रंग लंबे समय तक देखने पर असहज भी लग सकते हैं, खासकर जब कमरे में रोशनी तेज हो. इसलिए इन रंगों को पूरी दीवारों पर लगाने के बजाय छोटे सजावटी हिस्सों, कुशन, पर्दों, पेंटिंग या किसी एक दीवार तक सीमित रखना बेहतर विकल्प हो सकता है. इससे कमरे में रंगों की खूबसूरती भी बनी रहती है और सजावट जरूरत से ज्यादा भड़कीली भी नहीं लगती.