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8th Pay Commission: बड़ी अपडेट! 69000 न्यूनतम सैलरी और 6% सालाना इंक्रीमेंट का प्रस्ताव, JCM ने सरकार को सौंपा मेमोरेंडम

8th Pay Commission Salary Hike: JCM ने सरकार को 51 पन्नों का मेमोरेंडम सौंपा है. इसमें फिटमेंट फैक्टर 3.83, न्यूनतम वेतन 69 हजार और 6% सालाना इंक्रीमेंट जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं.

Written By: Shivani Singh
Last Updated: April 15, 2026 19:23:24 IST

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8th Pay Commission Salary Hike: देश के 1.2 करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. भले ही सरकार ने अभी तक आधिकारिक तौर पर 8वें वेतन आयोग के गठन का ऐलान नहीं किया है, लेकिन कर्मचारियों की ओर से तैयारी पूरी हो चुकी है. नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की स्टाफ साइड ने सरकार को 51 पन्नों का एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा है. इसमें कुछ ऐसी मांगें रखी गई हैं, जो अगर मान ली गईं तो कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में जबरदस्त उछाल देखने को मिल सकता है.

क्या है JCM और इसकी अहमियत क्यों है?

आसान शब्दों में कहें तो NC-JCM सरकार और सरकारी कर्मचारियों के बीच बातचीत का एक आधिकारिक पुल है. इसमें कर्मचारियों के संगठनों के प्रतिनिधि और सरकार के बड़े अधिकारी शामिल होते हैं. इनका काम है सैलरी, भत्ते और सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा करना और सरकार को अपनी राय देना. JCM के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने सोशल मीडिया पर यह पुष्टि की है कि उन्होंने समय रहते यह मांग पत्र सरकार को सौंप दिया है, ताकि कर्मचारियों की आवाज सही जगह पहुंच सके.

मेमोरेंडम की 5 सबसे खास बातें

इस 51 पन्नों के दस्तावेज में कई अहम बदलावों का जिक्र है, जो बढ़ती महंगाई और बदलती जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं:

1. फिटमेंट फैक्टर: 2.57 से बढ़ाकर 3.833 करने की मांग

यह इस पूरे प्रस्ताव की सबसे बड़ी खबर है. वर्तमान में (7वें वेतन आयोग के अनुसार) फिटमेंट फैक्टर 2.57 है. इसे बढ़ाकर 3.833 करने की मांग की गई है. अगर यह मांग मान ली जाती है, तो न्यूनतम सैलरी 18,000 से सीधे बढ़कर करीब 69,000 हो सकती है. वहीं, अधिकतम सैलरी 2,15,000 तक पहुंच सकती है.

2. परिवार की परिभाषा में बदलाव

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि अब वक्त बदल गया है. इसलिए परिवार की यूनिट को 3 से बढ़ाकर 5 सदस्य करने का प्रस्ताव है. इसमें माता-पिता को भी शामिल करने की मांग की गई है. महिला और पुरुष कर्मचारियों के यूनिट वैल्यू में समानता लाने की बात कही गई है.

3. सालाना इंक्रीमेंट में बढ़ोतरी

अभी तक सालाना वेतन वृद्धि की दर कम है, लेकिन इस बार मांग की गई है कि इसे बढ़ाकर 6% किया जाए. इससे कर्मचारियों की हर साल होने वाली कमाई में अच्छी-खासी वृद्धि सुनिश्चित होगी.

4. पे-स्केल का सरलीकरण

सैलरी स्ट्रक्चर को आसान बनाने के लिए कई पे-स्केल्स को आपस में मिलाने का प्रस्ताव है. पे-स्केल 2 और 3 को मिलाकर नया पे-स्केल 2 बनेगा. इसी तरह अन्य स्केल्स को भी मर्ज किया जाएगा ताकि निचले स्तर के कर्मचारियों को ज्यादा लाभ मिल सके.

5. महिलाओं और पेंशनभोगियों पर विशेष ध्यान

मेमोरेंडम में महिला कर्मचारियों के हितों, समानता और पेंशनभोगियों की वित्तीय सुरक्षा पर खास जोर दिया गया है, ताकि रिटायरमेंट के बाद भी वे सम्मानजनक जीवन जी सकें.

आगे क्या होगा?

फिलहाल ये सिर्फ सिफारिशें हैं. 8वें वेतन आयोग का गठन कब होगा और सरकार इनमें से कितनी बातें मानेगी, इसका फैसला पूरी तरह केंद्र सरकार के हाथ में है. लेकिन जिस तरह से महंगाई के दौर में कर्मचारी संगठन एकजुट होकर अपनी आवाज उठा रहे हैं, उससे उम्मीद जगी है कि आने वाले महीनों में सरकार इस पर कोई सकारात्मक कदम उठा सकती है.

नोट: यह जानकारी JCM द्वारा सौंपे गए मांग पत्र पर आधारित है. अभी तक सरकार ने इन पर कोई मुहर नहीं लगाई है. सैलरी या भत्तों में किसी भी बदलाव की पुष्टि केवल आधिकारिक सरकारी नोटिफिकेशन के बाद ही होगी.

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Written By: Shivani Singh
Last Updated: April 15, 2026 19:23:24 IST

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8th Pay Commission Salary Hike: देश के 1.2 करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. भले ही सरकार ने अभी तक आधिकारिक तौर पर 8वें वेतन आयोग के गठन का ऐलान नहीं किया है, लेकिन कर्मचारियों की ओर से तैयारी पूरी हो चुकी है. नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की स्टाफ साइड ने सरकार को 51 पन्नों का एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा है. इसमें कुछ ऐसी मांगें रखी गई हैं, जो अगर मान ली गईं तो कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में जबरदस्त उछाल देखने को मिल सकता है.

क्या है JCM और इसकी अहमियत क्यों है?

आसान शब्दों में कहें तो NC-JCM सरकार और सरकारी कर्मचारियों के बीच बातचीत का एक आधिकारिक पुल है. इसमें कर्मचारियों के संगठनों के प्रतिनिधि और सरकार के बड़े अधिकारी शामिल होते हैं. इनका काम है सैलरी, भत्ते और सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा करना और सरकार को अपनी राय देना. JCM के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने सोशल मीडिया पर यह पुष्टि की है कि उन्होंने समय रहते यह मांग पत्र सरकार को सौंप दिया है, ताकि कर्मचारियों की आवाज सही जगह पहुंच सके.

मेमोरेंडम की 5 सबसे खास बातें

इस 51 पन्नों के दस्तावेज में कई अहम बदलावों का जिक्र है, जो बढ़ती महंगाई और बदलती जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं:

1. फिटमेंट फैक्टर: 2.57 से बढ़ाकर 3.833 करने की मांग

यह इस पूरे प्रस्ताव की सबसे बड़ी खबर है. वर्तमान में (7वें वेतन आयोग के अनुसार) फिटमेंट फैक्टर 2.57 है. इसे बढ़ाकर 3.833 करने की मांग की गई है. अगर यह मांग मान ली जाती है, तो न्यूनतम सैलरी 18,000 से सीधे बढ़कर करीब 69,000 हो सकती है. वहीं, अधिकतम सैलरी 2,15,000 तक पहुंच सकती है.

2. परिवार की परिभाषा में बदलाव

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि अब वक्त बदल गया है. इसलिए परिवार की यूनिट को 3 से बढ़ाकर 5 सदस्य करने का प्रस्ताव है. इसमें माता-पिता को भी शामिल करने की मांग की गई है. महिला और पुरुष कर्मचारियों के यूनिट वैल्यू में समानता लाने की बात कही गई है.

3. सालाना इंक्रीमेंट में बढ़ोतरी

अभी तक सालाना वेतन वृद्धि की दर कम है, लेकिन इस बार मांग की गई है कि इसे बढ़ाकर 6% किया जाए. इससे कर्मचारियों की हर साल होने वाली कमाई में अच्छी-खासी वृद्धि सुनिश्चित होगी.

4. पे-स्केल का सरलीकरण

सैलरी स्ट्रक्चर को आसान बनाने के लिए कई पे-स्केल्स को आपस में मिलाने का प्रस्ताव है. पे-स्केल 2 और 3 को मिलाकर नया पे-स्केल 2 बनेगा. इसी तरह अन्य स्केल्स को भी मर्ज किया जाएगा ताकि निचले स्तर के कर्मचारियों को ज्यादा लाभ मिल सके.

5. महिलाओं और पेंशनभोगियों पर विशेष ध्यान

मेमोरेंडम में महिला कर्मचारियों के हितों, समानता और पेंशनभोगियों की वित्तीय सुरक्षा पर खास जोर दिया गया है, ताकि रिटायरमेंट के बाद भी वे सम्मानजनक जीवन जी सकें.

आगे क्या होगा?

फिलहाल ये सिर्फ सिफारिशें हैं. 8वें वेतन आयोग का गठन कब होगा और सरकार इनमें से कितनी बातें मानेगी, इसका फैसला पूरी तरह केंद्र सरकार के हाथ में है. लेकिन जिस तरह से महंगाई के दौर में कर्मचारी संगठन एकजुट होकर अपनी आवाज उठा रहे हैं, उससे उम्मीद जगी है कि आने वाले महीनों में सरकार इस पर कोई सकारात्मक कदम उठा सकती है.

नोट: यह जानकारी JCM द्वारा सौंपे गए मांग पत्र पर आधारित है. अभी तक सरकार ने इन पर कोई मुहर नहीं लगाई है. सैलरी या भत्तों में किसी भी बदलाव की पुष्टि केवल आधिकारिक सरकारी नोटिफिकेशन के बाद ही होगी.

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