ESIC (कर्मचारी राज्य बीमा निगम) ने अपने लाभार्थियों के लिए ईएसआईसी पहचान कार्ड (ESIC Pehchan Card) को आधार कार्ड से जोड़ना अनिवार्य कर दिया है. श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार, ‘सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020’ की धारा 142 के तहत यह फैसला लिया गया है ताकि हर किसी को बिना किसी परेशानी के योजना का पूरा फायदा मिल सके.
अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य ESIC का लाभ लेता है, तो इसे घर बैठे ऑनलाइन कैसे लिंक कर सकते हैं और कौन-कौन लोग इसके दायरे में आते हैं, आइए इसे आसान शब्दों में समझते हैं.
ESIC पहचान कार्ड से आधार कैसे लिंक करें?
आधार लिंक करने की प्रक्रिया बहुत सरल है. बस इन स्टेप्स को फॉलो करें:
- सबसे पहले ESIC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और अपनी यूजर आईडी व पासवर्ड से लॉग इन करें.
- होमपेज पर “Insured Persons and Beneficiaries” वाले ऑप्शन पर क्लिक करें.
- इसके बाद “Aadhaar Seeding for IP” के विकल्प को चुनें.
- लिस्ट में अपना नाम ढूंढें और आधार लिंक करने वाले ऑप्शन पर क्लिक करें.
- अपना आधार नंबर दर्ज करें. इसके बाद आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा.
- OTP डालकर वेरिफिकेशन पूरा करें. सबमिट होते ही एक रिफरेंस नंबर मिलेगा, जिससे आप बाद में स्टेटस चेक कर सकते हैं. वेरिफिकेशन पूरा होते ही आधार लिंक हो जाएगा.
जरूरी बात: ध्यान रखें कि आपका मोबाइल नंबर आधार कार्ड से लिंक और एक्टिव होना चाहिए, क्योंकि OTP उसी नंबर पर आएगा.
ESIC का लाभ किसे मिलता है?
- कारखानों, दुकानों या अन्य संस्थानों में काम करने वाले वे कर्मचारी और उनके परिवार ESIC योजना के तहत स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के हकदार हैं:
- सामान्य कर्मचारी जिनकी मासिक सैलरी (Wage) 21,000 तक है.
- दिव्यांग कर्मचारी के लिए सैलरी की सीमा 25,000 प्रति माह तक रखी गई है.
Aadhaar Authentication is now mandatory for ESIC beneficiaries under Section 142 of the Code on Social Security 2020. Seed your Aadhaar Card with your ESIC Pehchan Card and ensure seamless access to ESIC benefits.
To know more, visit: https://t.co/XHnTv5kNUO #MoLE #ESIC pic.twitter.com/NPI6qjp31S
— Ministry of Labour & Employment, GoI (@LabourMinistry) September 7, 2026
कौन-कौन से संस्थान ESIC के दायरे में आते हैं?
नीचे दिए गए संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों को ESIC का कवर मिलता है:
- दुकानें (Shops)
- होटल या रेस्तरां (जहां सिर्फ बिक्री होती है, कोई सामान बनता नहीं है)
- सिनेमा घर और प्रिव्यू थियेटर
- रोड मोटर ट्रांसपोर्ट से जुड़े संस्थान
- अखबार से जुड़े संस्थान (जो फैक्ट्री की श्रेणी में नहीं आते)
- प्राइवेट स्कूल, कॉलेज और प्राइवेट मेडिकल संस्थान (जैसे- अस्पताल, नर्सिंग होम, डायग्नोस्टिक सेंटर और पैथोलॉजी लैब)
नोट: कुछ राज्यों में 20 या उससे ज्यादा कर्मचारियों वाले संस्थानों पर यह लागू होता है, और कुछ राज्यों ने अभी तक मेडिकल व शैक्षणिक संस्थानों में इस योजना को लागू नहीं किया है.