Live TV
Search
Home > राज्य > उत्तर प्रदेश > केली कुंज में अचानक बदली व्यवस्था, दीक्षा बंद और दर्शन पर रोक… शिष्य की मौत के बाद क्या हुआ?

केली कुंज में अचानक बदली व्यवस्था, दीक्षा बंद और दर्शन पर रोक… शिष्य की मौत के बाद क्या हुआ?

Premanand Maharaj Keli Kunj: हाल ही में वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत हो गई थी. इसको लेकर गुत्थी अब तक सुलझ नहीं पाई है. वहीं इस मामले के बाद व्यवस्था काफी बदल दी गई है.

Written By:
Edited By: Uttam Ojha
Last Updated: 2026-10-01 15:53:22

Mobile Ads 1x1

Premanand Maharaj Ashram Keli Kunj: वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े केली कुंज आश्रम में पिछले कुछ दिनों में हुए बदलाव चर्चा का विषय बने हुए हैं. एक शिष्य की मौत के बाद आश्रम की व्यवस्थाओं में कई अहम परिवर्तन किए गए हैं. केली कुंज में नए शिष्यों को दीक्षा देने की प्रक्रिया फिलहाल अनिश्चितकाल के लिए रोक दी गई है. इसके अलावा टोकन के जरिए होने वाले दर्शन भी अभी बंद हैं. इसी बीच शिष्यों के पहनावे को लेकर भी नए निर्देश जारी किए गए हैं. इन बदलावों की टाइमिंग ने लोगों का ध्यान खींचा है क्योंकि कुछ दिन पहले ही आश्रम से जुड़े शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत हुई थी.

चौथी मंजिल से गिरने के बाद हुई मौत

जानकारी के मुताबिक, 25 सितंबर की सुबह रसिक दुलारी शरण गुरु कृपा कुंज की इमारत की चौथी मंजिल पर पहुंचे थे. कुछ देर बाद नीचे गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी. पुलिस की शुरुआती जांच में घटना को आत्महत्या से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि, परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मौत की परिस्थितियों को लेकर जांच जारी है. वहीं कई रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि उनके साथ कमरे में रहने वाले शिष्य ने ही उनकी हत्या की है. हालांकि अभी ये साफ नहीं हो पाया है. बता दें कि रसिक दुलारी पिछले करीब तीन महीने से गुरु कृपा कुंज में रह रहे थे. इस इमारत में आश्रम से जुड़े कई शिष्य और सेवादार रहते हैं.

मौत के बाद क्यों बदली आश्रम की व्यवस्था?

घटना के कुछ दिन बाद केली कुंज की ओर से व्यवस्थाओं में बदलाव की जानकारी सामने आई. 30 सितंबर को जारी सूचना में शिष्यों के कपड़ों से जुड़े नए निर्देशों की जानकारी दी गई. अब सभी शिष्यों के लिए पहले की तरह सफेद और पीले रंग का अचला पहनना जरूरी नहीं होगा. जो गृहस्थ या विरक्त शिष्य दुकान, ठेला अथवा किसी दूसरे काम से जुड़े हैं, वे सामान्य कपड़े या कुर्ता-पायजामा पहन सकेंगे. वहीं केली कुंज की सेवा और व्यवस्था में सक्रिय विरक्त शिष्यों को सफेद वस्त्र पहनने की अनुमति रहेगी.

दीक्षा और दर्शन पर भी रोक

आश्रम में नए भक्तों को दीक्षा देने का कार्यक्रम फिलहाल अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है. टोकन व्यवस्था से होने वाले दर्शन भी बंद किए गए हैं. एक शिष्य की मौत के बाद इतने कम समय में आश्रम की व्यवस्था में हुए ये बदलाव अब चर्चा का विषय बने हुए हैं. हालांकि इन फैसलों के पीछे किसी एक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

ये भी पढ़ें: Maharashtra Crime: दोष दूर करने के बहाने कमरे में बुलाया, फिर 17 साल की लड़की के साथ… ऐसे हुआ खुलासा

MORE NEWS

Home > राज्य > उत्तर प्रदेश > केली कुंज में अचानक बदली व्यवस्था, दीक्षा बंद और दर्शन पर रोक… शिष्य की मौत के बाद क्या हुआ?

Written By:
Edited By: Uttam Ojha
Last Updated: 2026-10-01 15:53:22

Mobile Ads 1x1

Premanand Maharaj Ashram Keli Kunj: वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े केली कुंज आश्रम में पिछले कुछ दिनों में हुए बदलाव चर्चा का विषय बने हुए हैं. एक शिष्य की मौत के बाद आश्रम की व्यवस्थाओं में कई अहम परिवर्तन किए गए हैं. केली कुंज में नए शिष्यों को दीक्षा देने की प्रक्रिया फिलहाल अनिश्चितकाल के लिए रोक दी गई है. इसके अलावा टोकन के जरिए होने वाले दर्शन भी अभी बंद हैं. इसी बीच शिष्यों के पहनावे को लेकर भी नए निर्देश जारी किए गए हैं. इन बदलावों की टाइमिंग ने लोगों का ध्यान खींचा है क्योंकि कुछ दिन पहले ही आश्रम से जुड़े शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत हुई थी.

चौथी मंजिल से गिरने के बाद हुई मौत

जानकारी के मुताबिक, 25 सितंबर की सुबह रसिक दुलारी शरण गुरु कृपा कुंज की इमारत की चौथी मंजिल पर पहुंचे थे. कुछ देर बाद नीचे गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी. पुलिस की शुरुआती जांच में घटना को आत्महत्या से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि, परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मौत की परिस्थितियों को लेकर जांच जारी है. वहीं कई रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि उनके साथ कमरे में रहने वाले शिष्य ने ही उनकी हत्या की है. हालांकि अभी ये साफ नहीं हो पाया है. बता दें कि रसिक दुलारी पिछले करीब तीन महीने से गुरु कृपा कुंज में रह रहे थे. इस इमारत में आश्रम से जुड़े कई शिष्य और सेवादार रहते हैं.

मौत के बाद क्यों बदली आश्रम की व्यवस्था?

घटना के कुछ दिन बाद केली कुंज की ओर से व्यवस्थाओं में बदलाव की जानकारी सामने आई. 30 सितंबर को जारी सूचना में शिष्यों के कपड़ों से जुड़े नए निर्देशों की जानकारी दी गई. अब सभी शिष्यों के लिए पहले की तरह सफेद और पीले रंग का अचला पहनना जरूरी नहीं होगा. जो गृहस्थ या विरक्त शिष्य दुकान, ठेला अथवा किसी दूसरे काम से जुड़े हैं, वे सामान्य कपड़े या कुर्ता-पायजामा पहन सकेंगे. वहीं केली कुंज की सेवा और व्यवस्था में सक्रिय विरक्त शिष्यों को सफेद वस्त्र पहनने की अनुमति रहेगी.

दीक्षा और दर्शन पर भी रोक

आश्रम में नए भक्तों को दीक्षा देने का कार्यक्रम फिलहाल अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है. टोकन व्यवस्था से होने वाले दर्शन भी बंद किए गए हैं. एक शिष्य की मौत के बाद इतने कम समय में आश्रम की व्यवस्था में हुए ये बदलाव अब चर्चा का विषय बने हुए हैं. हालांकि इन फैसलों के पीछे किसी एक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

ये भी पढ़ें: Maharashtra Crime: दोष दूर करने के बहाने कमरे में बुलाया, फिर 17 साल की लड़की के साथ… ऐसे हुआ खुलासा

MORE NEWS