आज, 1 अक्टूबर 2026 से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के नियमों में कुल 73 बदलाव लागू हो गए हैं. जहां कुछ बदलाव छोटे-मोटे हैं, वहीं मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) ने कई महत्वपूर्ण नियम भी पेश किए हैं. इसी सिलसिले में, दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में दिल्ली एंड जिला क्रिकेट एसोसिएशन (DDCA) द्वारा एमसीसी के क्रिकेट नियमों पर एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में दिल्ली के दर्जनों अंपायरों और मैच अधिकारियों ने भाग लिया. इसके साथ ही, एमसीसी ने हिंदी सहित कई अन्य भाषाओं में अपना नया ऐप भी लॉन्च किया.
कार्यशाला के दौरान फ्रेंसर स्टीवर्ट (एमसीसी के क्रिकेट प्रमुख) और जॉनी सिंगर ने उदाहरणों के माध्यम से विभिन्न नियमों को समझाया. डीडीसीए के अंपायरों और मैच अधिकारियों ने एमसीसी प्रतिनिधियों के साथ प्रश्नोत्तर (Q&A) सत्र में भी भाग लिया. यह ध्यान रखते हुए कि हिंदी भाषियों को अक्सर क्रिकेट के नियमों को समझने में कठिनाई होती है, एमसीसी ने ‘एमसीसी लॉज़ ऑफ क्रिकेट’ (MCC Laws of Cricket) ऐप लॉन्च किया है, जिससे उपयोगकर्ता हिंदी में नियमों की बारीकियों को समझ सकेंगे. यह ऐप पहले केवल अंग्रेजी में उपलब्ध था, लेकिन अब इसे अपडेट करके इसमें हिंदी, उर्दू, बंगाली, कन्नड़ और अन्य भाषाओं को भी शामिल कर लिया गया है.
क्रिकेट के नियमों में किए गए मुख्य बदलाव
महिला और जूनियर क्रिकेट के लिए मानक उपकरण: क्रिकेट गेंदों के आकार और वजन में नए व सख्त नियम लागू किए गए हैं, साथ ही श्रेणी 1, 2 और 3 के लिए मानक आकार तय किए गए हैं.
टाइप-डी लैमिनेटेड बल्ले की अनुमति: संबंधित गवर्निंग बॉडी के नियमों के अधीन रहते हुए, अधिकांश वयस्क/ओपन-एज क्रिकेट मैचों में टाइप-डी (Type D) लैमिनेटेड बल्ले के इस्तेमाल की अनुमति होगी.
दिन के अंतिम ओवर का समापन: फर्स्ट-क्लास (प्रथम श्रेणी) क्रिकेट में, यदि खेलने की स्थिति अनुकूल रहती है, तो विकेट गिरने के बावजूद दिन का अंतिम ओवर पूरा करना अनिवार्य होगा.
दौड़कर रन लेने और बाउंड्री कैच पर स्पष्ट नियम: बल्लेबाज बिना किसी पेनल्टी के रन लेने से इनकार कर सकते हैं… जब तक कि वह शॉर्ट रन जानबूझकर न लिया गया हो. वहीं बाउंड्री पर कैच पकड़ने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली ‘बनी हॉप’ (बाउंड्री पर हवा में उछलकर कैच) तकनीक को समाप्त कर दिया गया है.
ओवरथ्रो, डेड बॉल और आउट पर अधिक स्पष्टता: क्रिकेट के नियमों में अब आधिकारिक तौर पर ‘ओवरथ्रो’ को परिभाषित किया गया है और यह स्पष्ट किया गया है कि गेंद को कब ‘सेटल्ड’ (शांत/रुकी हुई) माना जाएगा. इसके अलावा विकेटकीपर की स्थिति, हिट-विकेट, रन-आउट और स्टंपिंग को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं.
एमसीसी के क्रिकेट प्रमुख फ्रेजर स्टीवर्ट ने कहा, ‘1 अक्टूबर से नए नियम लागू होने से ठीक पहले दिल्ली आकर डीडीसीए अंपायरों से बातचीत करके हमें बेहद खुशी हो रही है. इस व्यावहारिक सत्र से हमें बदलावों पर चर्चा करने और यह समझने का अवसर मिला कि मैदान पर इन्हें कैसे लागू किया जाएगा. हमें हिंदी में ‘एमसीसी लॉज़ ऑफ क्रिकेट’ ऐप लॉन्च करते हुए भी बहुत प्रसन्नता हो रही है, जिससे भारत में खेल से प्यार करने वाले लोग…’