Vande Bharat Revenue : आज-कल के समय में लोग ट्रेन का सफर करना ज्यादा जरूरी समझते हैं क्योंकि वो काफी आरामदायक सेफ और सस्ता होता है. इसी में से एक है वंदे भारत एक्सप्रेस जो आज के समय में हर किसी की पहली पसंद बनी हुई है. हर कोई चाहता है कि वो वंदे भारत से सफर करें क्योंकि वो काफी अच्छी ट्रेन है. इस ट्रेन की तेज रफ्तार और मॉडर्न सुविधा के वजह से साल भर में 4 करोड़ लोगों ने इसमें सफर किया है. इस ट्रेन की बढ़ती संख्या ये दिखाती है कि देश में मॉडर्न और आरामदायक ट्रेन हर किसी को चाहिए.
कहां पर लोगों ने सबसे ज्यादा किया सफर?
अगर सबसे ज्यादा सफर की बात करें तो दिल्ली-वाराणसी रूट काफी बिजी रहा है. वहां पर अब तक 73 लाख लोगों ने ट्रेवल किया है. फिर उसके बाद वैष्णो देवी कटरा रूट पर 56 लाख लोग ट्रेवल कर चुके हैं. वहीं साउथ इंडिया के साइड भी लोगों को काफी अच्छा रिस्पांस मिला है. सिकंदराबाद-विशाखापत्तनम रूट पर 48 लाख और चेन्नई-मैसूर रूट पर 36 लाख से लोग इस ट्रेन से ट्रेवल कर चुके हैं.
2026 की वंदे भारत स्लीपर फुल
काफी समय से लोग वंदे भारत स्लीपर का इंतजार कर रहे थे और वो लोगों को जनवरी 2026 में मिली. ये ट्रेन हर किसी की पसंदीदा बन गई. सेवा शुरु होने के 3 महीने के अंदर ही 1.21 लाख से ज्यादा लोगों ने सफर किया और ट्रेन में 100 फीसदी ऑक्यूपेंसी रही. कोई भी सीट खाली नहीं थी.
अगर साल 2025-2026 की बात करें तो करीब 3.98 करोड़ यात्रियों ने सफर किया जो कि पिछले साल से लगभल 34% ज्यादा है. पिछले साल 2.97 करोड़ लोगों ने ट्रेवल किया था. ये आकड़ा दिखाता है कि लोग वंदे भारत को कितना पसंद कर रहे हैं.
साल 2026 में वंदे भारत का इतना कमाने का अनुमान
Tv9 की माने तो रेलवे का अनुमान है कि वित्त साल 2025-26 में यात्रियों से कमाई 16% बढ़कर करीब 92,800 करोड़ रुपये हो सकती है. ये बढ़ोतरी वंदे भारत, एसी 3 क्लास और दूसरी प्रीमियम ट्रेनों की बढ़ती मांग की वजह से हो रही है.
किसने बनाई ये ट्रेन?
वंदे भारत ‘मेक इन इंडिया’ के तहत बनी है और ये अपनी तेज स्पीड के लिए जानी जाती है. ये ट्रेन कम समय में पहुंचाती है और काफी मॉडर्न है. इसमें ऑटोमैटिक दरवाजे, वाई-फाई और जीपीएस जैसी सुविधाएं है. पैसेंजर के हिसाब से देखा जाए तो ये ट्रेन काफी अहम साबित हुई है. 2019 में शुरु हुई इस सेवा को अब तक 9.1 करोड़ लोगों ने यूज किया है और अपनी मंजिल पाई है.