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Home > क्राइम > सीजफायर के बावजूद मणिपुर में खूनी खेल! दो गुट भिड़े, 24 घंटे में 2 की मौत और 6 घायल

सीजफायर के बावजूद मणिपुर में खूनी खेल! दो गुट भिड़े, 24 घंटे में 2 की मौत और 6 घायल

Manipur violence: मणिपुर के नोनी जिले में सीजफायर समझौते के बावजूद ZUF के दो गुटों के बीच लगातार दूसरे दिन हिंसक संघर्ष हुआ. 24 घंटे के भीतर हुई दो अलग-अलग घटनाओं में दो कैडरों की मौत हुई और छह लोग घायल हुए. शनिवार की गोलीबारी के बाद सुरक्षा बल नोनी और हाओचोंग इलाके में निगरानी बढ़ाए हुए हैं.

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Last Updated: August 29, 2026 22:13:34 IST

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Manipur violence: मणिपुर के नोनी जिले में सीजफायर समझौते के बावजूद एक सशस्त्र संगठन के दो गुटों के बीच हिंसक संघर्ष ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है. पिछले 24 घंटे के दौरान अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि छह अन्य घायल बताए जा रहे हैं. दोनों घटनाओं में जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट (ZUF) के ZUF-J और ZUF-K गुटों के कैडरों के बीच गोलीबारी की बात सामने आई है. शनिवार सुबह एक बार फिर नोनी जिले के नुंगटेक पार्ट-2 और हाओचोंग के बीच गोलीबारी की आवाज सुनी गई. इससे पहले शुक्रवार को ओकटन गांव में दोनों गुटों के बीच संघर्ष हुआ था. लगातार दो घटनाओं के बाद नोनी और हाओचोंग इलाके में तनाव बढ़ने की आशंका है.

सुबह-सुबह शुरू हुई गोलीबारी

अधिकारियों के मुताबिक शनिवार सुबह करीब 6 बजे नुंगटेक गांव में गोलीबारी शुरू हुई. यह इलाका नोनी जिला मुख्यालय से लगभग पांच किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है. आशंका है कि इस संघर्ष में ZUF-J और ZUF-K से जुड़े हथियारबंद कैडर शामिल थे. अधिकारियों के अनुसार, ZUF-K से जुड़े हथियारबंद कैडरों ने नोनी थाना क्षेत्र के नुंगटेक गांव में कथित तौर पर घात लगाकर हमला किया. कई मिनट तक गोलीबारी जारी रही. इस दौरान विस्फोटक इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई है.

ZUF-J का एक कैडर मारा गया, छह घायल

सुरक्षा बलों के मुताबिक शनिवार की गोलीबारी में ZUF-J गुट से जुड़े एक कैडर की मौत हुई है. मृतक की पहचान 29 वर्षीय जांगाइलुंग के रूप में हुई है. वह मुक्तिना गांव का रहने वाला था और संगठन में खुद को सेकेंड लेफ्टिनेंट बताता था. बताया गया कि जांगाइलुंग को गोली और छर्रे लगे थे. इसी संघर्ष में ZUF-J गुट के छह अन्य लोग भी घायल हुए हैं. सभी घायलों को इलाज के लिए इंफाल के दो अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. शनिवार की घटना में किसी अन्य व्यक्ति की मौत या घायल होने की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है.

मौके तक नहीं पहुंच सके पुलिस और महिला समूह

गोलीबारी की सूचना मिलने के बाद स्थानीय मीरा पैबी यानी महिला समूह के सदस्यों और पुलिसकर्मियों ने घटनास्थल तक पहुंचने की कोशिश की. हालांकि, इलाके में सुरक्षा संबंधी खतरे को देखते हुए वे मौके तक नहीं पहुंच सके. इसके बाद सुरक्षा बलों ने घटनास्थल और आसपास की स्थिति के बारे में जानकारी जुटाई. ताजा घटनाक्रम के बाद सुरक्षा बल इलाके में निगरानी बनाए हुए हैं.

एक दिन पहले भी हुई थी गोलीबारी

नोनी जिले में ZUF के दोनों गुटों के बीच संघर्ष की यह पहली घटना नहीं है. इससे एक दिन पहले शुक्रवार को भी ओकटन गांव में दोनों गुटों के बीच गोलीबारी की सूचना मिली थी. पुलिस के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 3:30 से 4 बजे के बीच ओकटन गांव में गोलीबारी हुई. यह गांव नोनी थाना क्षेत्र के हाओचोंग सब-डिविजन में आता है और नोनी थाने से लगभग 21 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है. पुलिस को गोलीबारी की विश्वसनीय सूचना मिलने के बाद घटनाक्रम की जानकारी जुटाई गई. इस घटना में ZUF-K गुट से जुड़े एक कैडर की गोली लगने से मौत हुई थी.

ZUF-K के कैडर की भी गई जान

शुक्रवार की घटना में मारे गए व्यक्ति की पहचान दिंगतिप्लुंग गोनमेई उर्फ न्गुइबा गोनमेई के रूप में हुई है. वह संगठन में खुद को चीफ सेक्रेटरी बताता था. इस तरह 24 घंटे के भीतर हुई दोनों घटनाओं में ZUF के अलग-अलग गुटों से जुड़े दो कैडरों की मौत की बात सामने आई है. लगातार हो रही हिंसा ने इलाके में तनाव और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.

सीजफायर समझौते के बावजूद हिंसा ने बढ़ाई चिंता

जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट एक सशस्त्र भूमिगत संगठन है. संगठन ने केंद्र और मणिपुर सरकार के साथ सीजफायर यानी अभियान रोकने को लेकर त्रिपक्षीय समझौता किया हुआ है. यह समझौता 27 और 28 दिसंबर 2022 को नई दिल्ली में हुआ था. समझौते के तहत एक संयुक्त निगरानी समूह भी बनाया गया था, जिसका उद्देश्य तय नियमों और शर्तों के पालन पर नजर रखना है. इसके बावजूद संगठन के दो गुटों के बीच लगातार हो रही हिंसक घटनाओं ने इलाके में शांति व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है.

सुरक्षा बलों की नजर, आधिकारिक बयान का इंतजार

ताजा गोलीबारी के बाद नोनी और हाओचोंग इलाके में सुरक्षा बल स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं. शनिवार की घटना में किसी अन्य व्यक्ति के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है. वहीं, ZUF के दोनों गुटों की ओर से ताजा घटनाक्रम को लेकर अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. सुरक्षा एजेंसियां दोनों घटनाओं के बीच संबंध और गोलीबारी के कारणों की जानकारी जुटा रही हैं.

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Last Updated: August 29, 2026 22:13:34 IST

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Manipur violence: मणिपुर के नोनी जिले में सीजफायर समझौते के बावजूद एक सशस्त्र संगठन के दो गुटों के बीच हिंसक संघर्ष ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है. पिछले 24 घंटे के दौरान अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि छह अन्य घायल बताए जा रहे हैं. दोनों घटनाओं में जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट (ZUF) के ZUF-J और ZUF-K गुटों के कैडरों के बीच गोलीबारी की बात सामने आई है. शनिवार सुबह एक बार फिर नोनी जिले के नुंगटेक पार्ट-2 और हाओचोंग के बीच गोलीबारी की आवाज सुनी गई. इससे पहले शुक्रवार को ओकटन गांव में दोनों गुटों के बीच संघर्ष हुआ था. लगातार दो घटनाओं के बाद नोनी और हाओचोंग इलाके में तनाव बढ़ने की आशंका है.

सुबह-सुबह शुरू हुई गोलीबारी

अधिकारियों के मुताबिक शनिवार सुबह करीब 6 बजे नुंगटेक गांव में गोलीबारी शुरू हुई. यह इलाका नोनी जिला मुख्यालय से लगभग पांच किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है. आशंका है कि इस संघर्ष में ZUF-J और ZUF-K से जुड़े हथियारबंद कैडर शामिल थे. अधिकारियों के अनुसार, ZUF-K से जुड़े हथियारबंद कैडरों ने नोनी थाना क्षेत्र के नुंगटेक गांव में कथित तौर पर घात लगाकर हमला किया. कई मिनट तक गोलीबारी जारी रही. इस दौरान विस्फोटक इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई है.

ZUF-J का एक कैडर मारा गया, छह घायल

सुरक्षा बलों के मुताबिक शनिवार की गोलीबारी में ZUF-J गुट से जुड़े एक कैडर की मौत हुई है. मृतक की पहचान 29 वर्षीय जांगाइलुंग के रूप में हुई है. वह मुक्तिना गांव का रहने वाला था और संगठन में खुद को सेकेंड लेफ्टिनेंट बताता था. बताया गया कि जांगाइलुंग को गोली और छर्रे लगे थे. इसी संघर्ष में ZUF-J गुट के छह अन्य लोग भी घायल हुए हैं. सभी घायलों को इलाज के लिए इंफाल के दो अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. शनिवार की घटना में किसी अन्य व्यक्ति की मौत या घायल होने की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है.

मौके तक नहीं पहुंच सके पुलिस और महिला समूह

गोलीबारी की सूचना मिलने के बाद स्थानीय मीरा पैबी यानी महिला समूह के सदस्यों और पुलिसकर्मियों ने घटनास्थल तक पहुंचने की कोशिश की. हालांकि, इलाके में सुरक्षा संबंधी खतरे को देखते हुए वे मौके तक नहीं पहुंच सके. इसके बाद सुरक्षा बलों ने घटनास्थल और आसपास की स्थिति के बारे में जानकारी जुटाई. ताजा घटनाक्रम के बाद सुरक्षा बल इलाके में निगरानी बनाए हुए हैं.

एक दिन पहले भी हुई थी गोलीबारी

नोनी जिले में ZUF के दोनों गुटों के बीच संघर्ष की यह पहली घटना नहीं है. इससे एक दिन पहले शुक्रवार को भी ओकटन गांव में दोनों गुटों के बीच गोलीबारी की सूचना मिली थी. पुलिस के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 3:30 से 4 बजे के बीच ओकटन गांव में गोलीबारी हुई. यह गांव नोनी थाना क्षेत्र के हाओचोंग सब-डिविजन में आता है और नोनी थाने से लगभग 21 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है. पुलिस को गोलीबारी की विश्वसनीय सूचना मिलने के बाद घटनाक्रम की जानकारी जुटाई गई. इस घटना में ZUF-K गुट से जुड़े एक कैडर की गोली लगने से मौत हुई थी.

ZUF-K के कैडर की भी गई जान

शुक्रवार की घटना में मारे गए व्यक्ति की पहचान दिंगतिप्लुंग गोनमेई उर्फ न्गुइबा गोनमेई के रूप में हुई है. वह संगठन में खुद को चीफ सेक्रेटरी बताता था. इस तरह 24 घंटे के भीतर हुई दोनों घटनाओं में ZUF के अलग-अलग गुटों से जुड़े दो कैडरों की मौत की बात सामने आई है. लगातार हो रही हिंसा ने इलाके में तनाव और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.

सीजफायर समझौते के बावजूद हिंसा ने बढ़ाई चिंता

जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट एक सशस्त्र भूमिगत संगठन है. संगठन ने केंद्र और मणिपुर सरकार के साथ सीजफायर यानी अभियान रोकने को लेकर त्रिपक्षीय समझौता किया हुआ है. यह समझौता 27 और 28 दिसंबर 2022 को नई दिल्ली में हुआ था. समझौते के तहत एक संयुक्त निगरानी समूह भी बनाया गया था, जिसका उद्देश्य तय नियमों और शर्तों के पालन पर नजर रखना है. इसके बावजूद संगठन के दो गुटों के बीच लगातार हो रही हिंसक घटनाओं ने इलाके में शांति व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है.

सुरक्षा बलों की नजर, आधिकारिक बयान का इंतजार

ताजा गोलीबारी के बाद नोनी और हाओचोंग इलाके में सुरक्षा बल स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं. शनिवार की घटना में किसी अन्य व्यक्ति के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है. वहीं, ZUF के दोनों गुटों की ओर से ताजा घटनाक्रम को लेकर अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. सुरक्षा एजेंसियां दोनों घटनाओं के बीच संबंध और गोलीबारी के कारणों की जानकारी जुटा रही हैं.

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