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Home > क्राइम > ‘साड़ी का पल्लू खींचा-जांघों में डाला हाथ’, टीसीएस केस की पीड़िता की आपबीती सुन सिहर जाएगा कलेजा

‘साड़ी का पल्लू खींचा-जांघों में डाला हाथ’, टीसीएस केस की पीड़िता की आपबीती सुन सिहर जाएगा कलेजा

TCS Nashik Case: टीसीएस नासिक मामले में एक पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाई है. जिसमें उन्होंने रजा मेमन और आसिफ अंसारी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. जिसे सुनकर आप सहम जाओगे.

Written By: Sohail Rahman
Last Updated: April 20, 2026 20:48:07 IST

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TCS Nashik Case: टीसीएस नासिक मामले में हर दिन नए मामले सामने आ रहे हैं. अब इस मामले में एक और पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाई है. पीड़िता ने IT की दिग्गज कंपनी Tata Consultancy Services या TCS की नासिक यूनिट में एक एसोसिएट के तौर पर काम शुरू किया. ज्वाइनिंग के दौरान ही पीड़िता की शादी हुई थी. पीड़िता ने दावा किया कि उन्हें अपने साथी सहकर्मियों से प्लेयर, ज़ीरो फिगर जैसे ताने, हिंदू देवी-देवताओं के बारे में टिप्पणियां और अन्य अश्लील इशारों का सामना करना पड़ा.

बताया जा रहा है कि वह उन आधे दर्जन से ज़्यादा महिलाओं में से एक हैं, जिन्होंने अपने पुरुष सहकर्मियों पर यौन उत्पीड़न और ज़बरदस्ती धर्म परिवर्तन के आरोप लगाए हैं.

टीसीएस ने क्या कहा?

नासिक पुलिस की एक विशेष जांच टीम ने इस मामले में नौ एफआईआर दर्ज करके आठ लोगों को गिरफ़्तार किया है, जिनमें एक महिला ऑपरेशंस मैनेजर भी शामिल है. टीसीएस ने स्पष्ट किया है कि उत्पीड़न और किसी भी तरह के ज़बरदस्ती के प्रति उसकी ‘ज़ीरो-टॉलरेंस’ नीति है और नासिक ऑफ़िस में यौन उत्पीड़न में कथित तौर पर शामिल कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है. शुक्रवार को कंपनी ने कहा कि रिकॉर्ड की शुरुआती समीक्षा से पता चला है कि उसे उस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है, जैसा कि हमारे एथिक्स या POSH (यौन उत्पीड़न की रोकथाम) चैनलों पर आरोप लगाया जा रहा है.

पीड़िता ने क्या कहा?

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह नासिक में अपने ससुराल वालों के साथ रहती है क्योंकि उसके पति पुणे में काम करते हैं. पीड़िता ने  पुलिस को बताया कि 20 जून, 2025 से अपनी शादी के बाद से मैं टीसीएस की नासिक ब्रांच में एक एसोसिएट के तौर पर काम कर रही हूं. मेरी तीन महीने की ट्रेनिंग 24 जून, 2025 को शुरू हुई. मेरे ट्रेनिंग लीडर शाहरुख कुरैशी और जयेश गुंजाल थे. ट्रेनिंग के दौरान उसने दावा किया कि एक रज़ा मेनन, जो लोन्स ब्रांच का टीम लीड था और जिसका ट्रेनिंग से कोई लेना-देना नहीं था, बार-बार ट्रेनिंग रूम में उसके पास आता था और उसकी निजी ज़िंदगी के बारे में पूछता था.

शादीशुदा जिंदगी में टिप्पणी करता था रजा मेमन

इसके अलावा, पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी रजा मेनन उससे कहता था कि चूंकि  तुम्हारे पति दूर रहते हैं तो तुम सब कुछ कैसे संभालती हो? क्या तुम्हें डर नहीं लगता? अगर तुम्हें कभी भी किसी भी चीज़ की ज़रूरत हो, तो प्लीज़ मुझे बताना, मैं किसी भी समय तुम्हारी मदद के लिए हाजिर रहूंगा. उसने कहा कि उसकी शादी को अभी सिर्फ़ एक महीना ही हुआ था, लेकिन रज़ा ने कभी भी उसकी शादीशुदा ज़िंदगी पर टिप्पणी करना बंद नहीं किया.

रजा ने खींचा साड़ी का पल्लू

इस साल मार्च में गुड़ी पड़वा के दिन महिला ने शिकायत की कि रज़ा ने ही उसकी साड़ी खींची थी. इस वाकये के बारे में बात करते हुए पीड़िता ने कहा कि मैं साड़ी पहनकर आई थी. जब मैं लॉबी से गुज़र रही थी तो मुझे लगा कि किसी ने मेरे पल्लू (साड़ी का ढीला सिरा) को खींचा है. जब मैं पीछे मुड़ी तो मैंने देखा कि मेरा पल्लू रज़ा के हाथ में था. मैंने तुरंत अपना पल्लू ज़ोर से वापस खींच लिया, जिस पर उसने मेरी तरफ़ गंदी नज़र से देखा और मुस्कुराया.

आसिफ अंसारी ने मेरी जांघों में रखा हाथ

इसके अलावा, पीड़िता ने पुलिस को आपबीती सुनाते हुए कहा कि इस दौरान दूसरी टीम का एक कर्मचारी आसिफ अंसारी बार-बार मेरे पास आकर बैठ जाता था. भले ही वहां कोई खाली सीट न होती और शारीरिक रूप से मेरे करीब आने की कोशिश करता था. वह जान-बूझकर मेरे शरीर को छूता था, मेरा हाथ पकड़ लेता था और कभी-कभी अपना हाथ मेरी जांघ या कंधे पर रख देता था, जिससे मुझे बहुत ज़्यादा शर्मिंदगी महसूस होती थी.

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Last Updated: April 20, 2026 20:48:07 IST

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TCS Nashik Case: टीसीएस नासिक मामले में हर दिन नए मामले सामने आ रहे हैं. अब इस मामले में एक और पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाई है. पीड़िता ने IT की दिग्गज कंपनी Tata Consultancy Services या TCS की नासिक यूनिट में एक एसोसिएट के तौर पर काम शुरू किया. ज्वाइनिंग के दौरान ही पीड़िता की शादी हुई थी. पीड़िता ने दावा किया कि उन्हें अपने साथी सहकर्मियों से प्लेयर, ज़ीरो फिगर जैसे ताने, हिंदू देवी-देवताओं के बारे में टिप्पणियां और अन्य अश्लील इशारों का सामना करना पड़ा.

बताया जा रहा है कि वह उन आधे दर्जन से ज़्यादा महिलाओं में से एक हैं, जिन्होंने अपने पुरुष सहकर्मियों पर यौन उत्पीड़न और ज़बरदस्ती धर्म परिवर्तन के आरोप लगाए हैं.

टीसीएस ने क्या कहा?

नासिक पुलिस की एक विशेष जांच टीम ने इस मामले में नौ एफआईआर दर्ज करके आठ लोगों को गिरफ़्तार किया है, जिनमें एक महिला ऑपरेशंस मैनेजर भी शामिल है. टीसीएस ने स्पष्ट किया है कि उत्पीड़न और किसी भी तरह के ज़बरदस्ती के प्रति उसकी ‘ज़ीरो-टॉलरेंस’ नीति है और नासिक ऑफ़िस में यौन उत्पीड़न में कथित तौर पर शामिल कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है. शुक्रवार को कंपनी ने कहा कि रिकॉर्ड की शुरुआती समीक्षा से पता चला है कि उसे उस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है, जैसा कि हमारे एथिक्स या POSH (यौन उत्पीड़न की रोकथाम) चैनलों पर आरोप लगाया जा रहा है.

पीड़िता ने क्या कहा?

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह नासिक में अपने ससुराल वालों के साथ रहती है क्योंकि उसके पति पुणे में काम करते हैं. पीड़िता ने  पुलिस को बताया कि 20 जून, 2025 से अपनी शादी के बाद से मैं टीसीएस की नासिक ब्रांच में एक एसोसिएट के तौर पर काम कर रही हूं. मेरी तीन महीने की ट्रेनिंग 24 जून, 2025 को शुरू हुई. मेरे ट्रेनिंग लीडर शाहरुख कुरैशी और जयेश गुंजाल थे. ट्रेनिंग के दौरान उसने दावा किया कि एक रज़ा मेनन, जो लोन्स ब्रांच का टीम लीड था और जिसका ट्रेनिंग से कोई लेना-देना नहीं था, बार-बार ट्रेनिंग रूम में उसके पास आता था और उसकी निजी ज़िंदगी के बारे में पूछता था.

शादीशुदा जिंदगी में टिप्पणी करता था रजा मेमन

इसके अलावा, पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी रजा मेनन उससे कहता था कि चूंकि  तुम्हारे पति दूर रहते हैं तो तुम सब कुछ कैसे संभालती हो? क्या तुम्हें डर नहीं लगता? अगर तुम्हें कभी भी किसी भी चीज़ की ज़रूरत हो, तो प्लीज़ मुझे बताना, मैं किसी भी समय तुम्हारी मदद के लिए हाजिर रहूंगा. उसने कहा कि उसकी शादी को अभी सिर्फ़ एक महीना ही हुआ था, लेकिन रज़ा ने कभी भी उसकी शादीशुदा ज़िंदगी पर टिप्पणी करना बंद नहीं किया.

रजा ने खींचा साड़ी का पल्लू

इस साल मार्च में गुड़ी पड़वा के दिन महिला ने शिकायत की कि रज़ा ने ही उसकी साड़ी खींची थी. इस वाकये के बारे में बात करते हुए पीड़िता ने कहा कि मैं साड़ी पहनकर आई थी. जब मैं लॉबी से गुज़र रही थी तो मुझे लगा कि किसी ने मेरे पल्लू (साड़ी का ढीला सिरा) को खींचा है. जब मैं पीछे मुड़ी तो मैंने देखा कि मेरा पल्लू रज़ा के हाथ में था. मैंने तुरंत अपना पल्लू ज़ोर से वापस खींच लिया, जिस पर उसने मेरी तरफ़ गंदी नज़र से देखा और मुस्कुराया.

आसिफ अंसारी ने मेरी जांघों में रखा हाथ

इसके अलावा, पीड़िता ने पुलिस को आपबीती सुनाते हुए कहा कि इस दौरान दूसरी टीम का एक कर्मचारी आसिफ अंसारी बार-बार मेरे पास आकर बैठ जाता था. भले ही वहां कोई खाली सीट न होती और शारीरिक रूप से मेरे करीब आने की कोशिश करता था. वह जान-बूझकर मेरे शरीर को छूता था, मेरा हाथ पकड़ लेता था और कभी-कभी अपना हाथ मेरी जांघ या कंधे पर रख देता था, जिससे मुझे बहुत ज़्यादा शर्मिंदगी महसूस होती थी.

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