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Home > क्राइम > HR हेड नहीं थी धर्मांतरण की मास्टरमाइंड निदा खान, TCS के लेटर में हुआ अब तक का सबसे बड़ा खुलासा

HR हेड नहीं थी धर्मांतरण की मास्टरमाइंड निदा खान, TCS के लेटर में हुआ अब तक का सबसे बड़ा खुलासा

Nashik TCS Case: लेटर में कंपनी ने बहुत सख्त लहजे में कहा कि पुलिस/न्यायालय मामले की गंभीरता को देखते हुए निदा को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड किया जाता है. इसके अलावा, कंपनी के TCS नेटवर्क तक उसका एक्सेस कुछ समय के लिए ब्लॉक कर दिया गया है. मैनेजमेंट ने उसे साफ तौर पर कहा है कि वह इस मामले पर किसी दूसरे एम्प्लॉई से बात न करे. इससे कॉर्पोरेट दुनिया को यह कड़ा मैसेज जाता है कि वर्कप्लेस पर ऐसे गंभीर मामलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

Written By: Divyanshi Singh
Last Updated: 2026-04-17 17:16:19

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Nashik TCS Case: मशहूर IT कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) के नासिक BPO में कथित धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न मामले में अब बड़ी कार्रवाई हुई है. कंपनी ने विवाद के केंद्र में मुख्य आरोपी निदा खान को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. निदा को लेकर जारी सस्पेंशन लेटर ने कई गुमराह करने वाले दावों को गलत साबित कर दिया है. यह लेटर न सिर्फ कंपनी के सख्त रुख को दिखाता है बल्कि निदा की असली स्थिति को भी साफ करता है.

HR हेड नहीं थी निदा खा

अभी तक अफवाहें थीं कि निदा खान कंपनी की HR हेड थीं और उन्होंने महिला कर्मचारियों पर दबाव बनाने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया. हालांकि 9 अप्रैल, 2026 को जारी TCS के ऑफिशियल सस्पेंशन लेटर ने इस दावे को पूरी तरह से गलत बताया. लेटर में साफ तौर पर लिखा है कि निदा 27 दिसंबर, 2021 से कंपनी में ‘प्रोसेस एसोसिएट’ के तौर पर काम कर रही थीं.

तुरंत प्रभाव से सस्पेंड

लेटर में कंपनी ने बहुत सख्त लहजे में कहा कि पुलिस/न्यायालय मामले की गंभीरता को देखते हुए निदा को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड किया जाता है. इसके अलावा, कंपनी के TCS नेटवर्क तक उसका एक्सेस कुछ समय के लिए ब्लॉक कर दिया गया है. मैनेजमेंट ने उसे साफ तौर पर कहा है कि वह इस मामले पर किसी दूसरे एम्प्लॉई से बात न करे. इससे कॉर्पोरेट दुनिया को यह कड़ा मैसेज जाता है कि वर्कप्लेस पर ऐसे गंभीर मामलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

क्या है पूरा विवाद?

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब TCS, नासिक में एक 23 साल की BPO एम्प्लॉई ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पीड़िता के मुताबिक, उसके सीनियर कलीग दानिश शेख ने शादी का झूठा वादा करके उसका फिजिकल एक्सप्लॉइट किया. मामला यहीं खत्म नहीं हुआ. पीड़िता ने आरोप लगाया कि दानिश और एक दूसरे एम्प्लॉई तौसीफ ने उस पर हिंदू धर्म पर इस्लाम की बेहतरी साबित करने का दबाव डाला.

शिकायत के मुताबिक, निदा खान और तौसीफ ने हिंदू देवी-देवताओं के बारे में भी बहुत आपत्तिजनक कमेंट किए. गैंग पर आरोप है कि वे 18 से 25 साल की युवा महिला कर्मचारियों को सिस्टमैटिक तरीके से टारगेट करते थे. मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने इंडियन पीनल कोड (IPC) की धारा 69 (शादी का झूठा वादा करके सेक्सुअल इंटरकोर्स), 75 (सेक्सुअल हैरेसमेंट), और 299 (धार्मिक भावनाओं का अपमान करना) के तहत केस दर्ज किया है.

नासिक पुलिस इस मामले में तेज़ी से कार्रवाई कर रही है. अब तक दानिश शेख, तौसीफ अत्तर और रजा मेमन समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. TCS की इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब सबकी निगाहें निदा खान को ट्रैक करने में पुलिस की काबिलियत पर हैं.

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Nashik TCS Case: मशहूर IT कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) के नासिक BPO में कथित धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न मामले में अब बड़ी कार्रवाई हुई है. कंपनी ने विवाद के केंद्र में मुख्य आरोपी निदा खान को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. निदा को लेकर जारी सस्पेंशन लेटर ने कई गुमराह करने वाले दावों को गलत साबित कर दिया है. यह लेटर न सिर्फ कंपनी के सख्त रुख को दिखाता है बल्कि निदा की असली स्थिति को भी साफ करता है.

HR हेड नहीं थी निदा खा

अभी तक अफवाहें थीं कि निदा खान कंपनी की HR हेड थीं और उन्होंने महिला कर्मचारियों पर दबाव बनाने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया. हालांकि 9 अप्रैल, 2026 को जारी TCS के ऑफिशियल सस्पेंशन लेटर ने इस दावे को पूरी तरह से गलत बताया. लेटर में साफ तौर पर लिखा है कि निदा 27 दिसंबर, 2021 से कंपनी में ‘प्रोसेस एसोसिएट’ के तौर पर काम कर रही थीं.

तुरंत प्रभाव से सस्पेंड

लेटर में कंपनी ने बहुत सख्त लहजे में कहा कि पुलिस/न्यायालय मामले की गंभीरता को देखते हुए निदा को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड किया जाता है. इसके अलावा, कंपनी के TCS नेटवर्क तक उसका एक्सेस कुछ समय के लिए ब्लॉक कर दिया गया है. मैनेजमेंट ने उसे साफ तौर पर कहा है कि वह इस मामले पर किसी दूसरे एम्प्लॉई से बात न करे. इससे कॉर्पोरेट दुनिया को यह कड़ा मैसेज जाता है कि वर्कप्लेस पर ऐसे गंभीर मामलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

क्या है पूरा विवाद?

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब TCS, नासिक में एक 23 साल की BPO एम्प्लॉई ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पीड़िता के मुताबिक, उसके सीनियर कलीग दानिश शेख ने शादी का झूठा वादा करके उसका फिजिकल एक्सप्लॉइट किया. मामला यहीं खत्म नहीं हुआ. पीड़िता ने आरोप लगाया कि दानिश और एक दूसरे एम्प्लॉई तौसीफ ने उस पर हिंदू धर्म पर इस्लाम की बेहतरी साबित करने का दबाव डाला.

शिकायत के मुताबिक, निदा खान और तौसीफ ने हिंदू देवी-देवताओं के बारे में भी बहुत आपत्तिजनक कमेंट किए. गैंग पर आरोप है कि वे 18 से 25 साल की युवा महिला कर्मचारियों को सिस्टमैटिक तरीके से टारगेट करते थे. मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने इंडियन पीनल कोड (IPC) की धारा 69 (शादी का झूठा वादा करके सेक्सुअल इंटरकोर्स), 75 (सेक्सुअल हैरेसमेंट), और 299 (धार्मिक भावनाओं का अपमान करना) के तहत केस दर्ज किया है.

नासिक पुलिस इस मामले में तेज़ी से कार्रवाई कर रही है. अब तक दानिश शेख, तौसीफ अत्तर और रजा मेमन समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. TCS की इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब सबकी निगाहें निदा खान को ट्रैक करने में पुलिस की काबिलियत पर हैं.

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