Live TV
Search
Home > क्राइम > Azamgarh SSP Anil Kumar: कौन हैं SSP अनिल कुमार? 4 हत्याओं के बाद अनाथ हुईं बेटियों को लेंगे गोद; एक फैसला जीत लेगा दिल

Azamgarh SSP Anil Kumar: कौन हैं SSP अनिल कुमार? 4 हत्याओं के बाद अनाथ हुईं बेटियों को लेंगे गोद; एक फैसला जीत लेगा दिल

Azamgarh SSP Anil Kumar: आजमगढ़ SSP डॉ. अनिल कुमार 2016 बैच के IPS अधिकारी हैं. MBBS डॉक्टर रह चुके अनिल कुमार ने पांचवीं कोशिश में UPSC पास कर पुलिस सेवा चुनी और बच्चियों की मदद की.

Written By:
Last Updated: September 25, 2026 16:15:27 IST

Mobile Ads 1x1

Azamgarh SSP Anil Kumar: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में शंभूपुर हत्याकांड के बाद दो मासूम बच्चियां अनाथ हो गईं. परिवार पर टूटे इस दुख के बीच आजमगढ़ के SSP डॉ. अनिल कुमार ने बच्चियों की मदद के लिए बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने दोनों बच्चियों को गोद लेने का ऐलान किया और अपनी एक महीने की सैलरी उनके नाम एफडी कराने का फैसला किया. इसके बाद आजमगढ़ पुलिस के जवानों ने भी एक दिन का वेतन बच्चियों को देने का निर्णय लिया.

कौन हैं IPS डॉ. अनिल कुमार?

आजमगढ़ के SSP डॉ. अनिल कुमार 2016 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के IPS अधिकारी हैं. मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले अनिल कुमार ने MBBS की पढ़ाई की है. पुलिस सेवा में आने से पहले वह दिल्ली के एक अस्पताल में डॉक्टर के तौर पर काम कर चुके हैं. उन्होंने 2009 में UPSC परीक्षा पास की और IRTS में चयनित हुए. हालांकि, उनका लक्ष्य पुलिस सेवा में जाना था. लगातार प्रयास के बाद उन्होंने पांचवीं बार UPSC परीक्षा पास की और 2016 बैच में IPS बने. साल 2025 में उन्होंने आजमगढ़ SSP का पद संभाला.

क्या था शंभूपुर हत्याकांड?

अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में अरविंद सिंह के घर पूजा के दौरान विवाद हुआ. इसके बाद अरविंद ने अपनी पत्नी और दो पंडितों की गोली मारकर हत्या कर दी. इसके बाद उसने अपने तीन बच्चों को कमरे में बंद कर लिया और खुद भी हथियार के साथ अंदर बंद हो गया. पुलिस ने करीब 7-8 घंटे तक बातचीत कर उसे समझाने की कोशिश की. इसी दौरान कमरे से गोली चलने की आवाज आई. पुलिस के मुताबिक, अरविंद ने अपने 10 वर्षीय बेटे को गोली मार दी और दोनों बेटियों को भी जान से मारने की धमकी दी. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कमरे का दरवाजा तोड़ा. आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसकी मौत हो गई. दोनों बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन बेटे की जान नहीं बच सकी.

ये भी पढ़ें: Kalkaji Gangrape Victim Statement: गले पर रखी छुरी और बारी-बारी…दरिंदों ने बर्थडे के दिन बनाया नरक से बदतर; खुद पीड़िता ने बताई हैवानियत की कहानी

बच्चियों की मदद के लिए पुलिस ने बढ़ाया हाथ

घटना के बाद परिवार में दोनों बच्चियां और उनकी बुजुर्ग दादी ही बचीं. ऐसे मुश्किल समय में SSP डॉ. अनिल कुमार ने बच्चियों की जिम्मेदारी उठाने की घोषणा की. उन्होंने अपनी एक महीने की सैलरी एफडी के तौर पर उनके नाम करने का फैसला किया. उनकी पहल के बाद आजमगढ़ पुलिस के जवानों ने भी एक दिन का वेतन बच्चियों को देने का निर्णय लिया. दोनों बच्चियों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत 2,500 रुपये प्रतिमाह की सहायता भी दिलाई जा रही है. घटना को अपनी आंखों से देखने वाली 11 साल की बच्ची की मानसिक स्थिति को देखते हुए उसकी चाइल्ड साइकेट्रिस्ट से काउंसलिंग भी कराई जा रही है.

ये भी पढ़ें: पहाड़ी पर बैठा था कपल, कुछ लड़कों ने घेरकर… जमुई और समस्तीपुर के बाद बांका में अभद्रता, Video Viral

MORE NEWS

Home > क्राइम > Azamgarh SSP Anil Kumar: कौन हैं SSP अनिल कुमार? 4 हत्याओं के बाद अनाथ हुईं बेटियों को लेंगे गोद; एक फैसला जीत लेगा दिल

Written By:
Last Updated: September 25, 2026 16:15:27 IST

Mobile Ads 1x1

Azamgarh SSP Anil Kumar: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में शंभूपुर हत्याकांड के बाद दो मासूम बच्चियां अनाथ हो गईं. परिवार पर टूटे इस दुख के बीच आजमगढ़ के SSP डॉ. अनिल कुमार ने बच्चियों की मदद के लिए बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने दोनों बच्चियों को गोद लेने का ऐलान किया और अपनी एक महीने की सैलरी उनके नाम एफडी कराने का फैसला किया. इसके बाद आजमगढ़ पुलिस के जवानों ने भी एक दिन का वेतन बच्चियों को देने का निर्णय लिया.

कौन हैं IPS डॉ. अनिल कुमार?

आजमगढ़ के SSP डॉ. अनिल कुमार 2016 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के IPS अधिकारी हैं. मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले अनिल कुमार ने MBBS की पढ़ाई की है. पुलिस सेवा में आने से पहले वह दिल्ली के एक अस्पताल में डॉक्टर के तौर पर काम कर चुके हैं. उन्होंने 2009 में UPSC परीक्षा पास की और IRTS में चयनित हुए. हालांकि, उनका लक्ष्य पुलिस सेवा में जाना था. लगातार प्रयास के बाद उन्होंने पांचवीं बार UPSC परीक्षा पास की और 2016 बैच में IPS बने. साल 2025 में उन्होंने आजमगढ़ SSP का पद संभाला.

क्या था शंभूपुर हत्याकांड?

अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में अरविंद सिंह के घर पूजा के दौरान विवाद हुआ. इसके बाद अरविंद ने अपनी पत्नी और दो पंडितों की गोली मारकर हत्या कर दी. इसके बाद उसने अपने तीन बच्चों को कमरे में बंद कर लिया और खुद भी हथियार के साथ अंदर बंद हो गया. पुलिस ने करीब 7-8 घंटे तक बातचीत कर उसे समझाने की कोशिश की. इसी दौरान कमरे से गोली चलने की आवाज आई. पुलिस के मुताबिक, अरविंद ने अपने 10 वर्षीय बेटे को गोली मार दी और दोनों बेटियों को भी जान से मारने की धमकी दी. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कमरे का दरवाजा तोड़ा. आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसकी मौत हो गई. दोनों बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन बेटे की जान नहीं बच सकी.

ये भी पढ़ें: Kalkaji Gangrape Victim Statement: गले पर रखी छुरी और बारी-बारी…दरिंदों ने बर्थडे के दिन बनाया नरक से बदतर; खुद पीड़िता ने बताई हैवानियत की कहानी

बच्चियों की मदद के लिए पुलिस ने बढ़ाया हाथ

घटना के बाद परिवार में दोनों बच्चियां और उनकी बुजुर्ग दादी ही बचीं. ऐसे मुश्किल समय में SSP डॉ. अनिल कुमार ने बच्चियों की जिम्मेदारी उठाने की घोषणा की. उन्होंने अपनी एक महीने की सैलरी एफडी के तौर पर उनके नाम करने का फैसला किया. उनकी पहल के बाद आजमगढ़ पुलिस के जवानों ने भी एक दिन का वेतन बच्चियों को देने का निर्णय लिया. दोनों बच्चियों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत 2,500 रुपये प्रतिमाह की सहायता भी दिलाई जा रही है. घटना को अपनी आंखों से देखने वाली 11 साल की बच्ची की मानसिक स्थिति को देखते हुए उसकी चाइल्ड साइकेट्रिस्ट से काउंसलिंग भी कराई जा रही है.

ये भी पढ़ें: पहाड़ी पर बैठा था कपल, कुछ लड़कों ने घेरकर… जमुई और समस्तीपुर के बाद बांका में अभद्रता, Video Viral

MORE NEWS