सनातन धर्म में दीपक सिर्फ अंधकार मिटाने का साधन नहीं है, बल्कि इसे चेतना, सकारात्मकता और साक्षात दैवीय ऊर्जा का प्रतीक मानते हैं. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, तेल या घी का दिया प्रज्जवलित करने से जीवन का तमस दूर होता है और उम्मीद की नई रोशनी जागती है, लेकिन शास्त्रों में तेल और घी के दिए लगाने के आध्यामिक महत्व भी बताए गए है. ऋषि मुनियों ने भी घी का दीपक और तेल का दीपक जलाने से मिलने वाले आध्यमिक लाभों का वर्णन किया है. जानिए कौन-सा दीपक लगाने से आपको क्या लाभ प्राप्त होता है-
सरसों के तेल का दीपक
हिंदू मान्यताएं और शास्त्रों में लिखे अनुसार, सरसों के तेल का दीपर नकारात्मक ऊर्जा का नाश करता है. इसे प्रज्जवलित करने से बुरी नजर और बाधाओं से रक्षा होती है. सरसों के तेल का दीपक शनिवार, अमावस्या और विशेष पूजाओं में प्रज्जवलित करना चाहिए.
तिल के तेल का दीपक
कुंडली में शनि ग्रह के नकारात्मक प्रभावों से राहत पाने के लिए तिल के तेल का दीपक लगाए. इसे प्रज्जवलित करने से शनि दोष शांत होता है और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है. तिल के तेल का दीपक दीर्घायु प्रदान करता है. इसे शनिवार, अमावस्या और पितृ पक्ष में जला सकते हैं.
घी का दीपक
ज्यादातर हिंदू घरों में पूजा के समय घी का दीपक प्रज्जवलित किया जाता है. ये सुख, शांति, समृद्धि, आरोग्य और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है. वैसे तो रोजाना घी का दीपक लगा सकते हैं, लेकिन पूर्णिमा, शुक्रवार और गुरुवार को घी का दीपक जलाने का विशेष महत्व है.
नारियल के तेल का दीपक
नारियल के तेल का दीपक सभी मनोकामनाओं की पूर्ति करता है. ये धन लाभ और सौभाग्य का कारक है. आप चाहें तो सोमवार, शुक्रवार और पूर्णिमा की पूजा में सुबह-शाम नारियल के तेल का दीपक लगा सकते हैं.
देसी घी+कपूर का दीपक
आध्यात्मिक उन्नति, ईश्वर की कृपा, घर में पवित्रता और सकारात्मकता का संचार करता है. आप प्रतिदिन संध्या आरती, विशेष पूजा या हवन में घी और कपूर मिलाकर दीपक प्रज्जवलित कर सकते हैं.
पंचदीप
पंचदीप में पांच तेलों का मिश्रण होता है जो पंचतत्वों को संतुलित करते हर तरह की बाधा को दूर करता है. रोजाना पंचदीप प्रज्जवलित करने से सुख-समृद्धि आती है. आप चाहें तो नियमित पूजा में गृह प्रवेश, हवन या पाठ करते समय भी पंचदीप जला सकते हैं.
इन बातों का रखें खास ध्यान
- दीपक चाहे घी का हो या तेल का. हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा में साफ और स्वच्छ स्थान पर ही प्रज्जवलित करना चाहिए.
- दीपक प्रज्जवलित करते समय सकारात्मक भाव और मंत्रों का जाप करते रहना चाहिए.
- नियमित रूप से दूपर जलाने से घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है.
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