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Home > धर्म > Navratri Day 7: आज है नवरात्रि का सातवां दिन! मां कालरात्रि को ऐसे करें प्रसन्न, जानें पूजा के जरूरी नियम

Navratri Day 7: आज है नवरात्रि का सातवां दिन! मां कालरात्रि को ऐसे करें प्रसन्न, जानें पूजा के जरूरी नियम

Navratri Day 7 Puja Vidhi: नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यता है कि मां अपने भक्तों के भय दूर कर साहस, आत्मविश्वास और नकारात्मकता से लड़ने की शक्ति प्रदान करती हैं.

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Last Updated: October 17, 2026 07:29:50 IST

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Navratri Day 7 Puja Vidhi: शारदीय नवरात्रि में सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा की जाती है. मां कालरात्रि का रूप भले ही भयंकर दिखाई देता है, लेकिन मान्यता है कि वे अपने भक्तों का कल्याण करती हैं और उन्हें भय तथा नकारात्मकता से मुक्ति पाने का साहस देती हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि की सच्चे मन से पूजा करने से जीवन में साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है. आइए जानते हैं मां कालरात्रि की पूजा विधि, मंत्र, प्रिय भोग और इस दिन का धार्मिक महत्व.

मां कालरात्रि की पूजा का धार्मिक महत्व

मां कालरात्रि को मां दुर्गा का शक्तिशाली स्वरूप माना जाता है. उनका रंग अंधकार के समान काला, बाल खुले और गले में विद्युत जैसी चमक वाली माला बताई गई है. उनकी तीन आंखें हैं और वे दुष्ट शक्तियों का नाश करने वाली देवी मानी जाती हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां कालरात्रि अपने भक्तों के भय दूर करती हैं और उन्हें कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति देती हैं.

मां कालरात्रि की पूजा कैसे करें?

  • नवरात्रि के सातवें दिन सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें.
  • इसके बाद पूजा स्थल की सफाई करें और मां कालरात्रि की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें.
  • सबसे पहले मां को प्रणाम करके पूजा का संकल्प लें.
  • मां को फूल, धूप, दीप और अक्षत अर्पित करें.
  • मां कालरात्रि के मंत्र का श्रद्धा से जाप करें.
  • मां दुर्गा की आरती करें और परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें.
  • पूजा करते समय मन को शांत रखें और अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा करें.

मां कालरात्रि का मंत्र

मां कालरात्रि की पूजा में इस मंत्र का जाप किया जाता है:

ॐ देवी कालरात्र्यै नमः॥

इसके अलावा मां का ध्यान करते हुए यह मंत्र भी पढ़ा जाता है:

एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता. लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥

मां कालरात्रि को क्या भोग लगाएं?

धार्मिक मान्यताओं में मां कालरात्रि को गुड़ या गुड़ से बनी मिठाई का भोग लगाना शुभ माना जाता है. आप अपनी श्रद्धा के अनुसार फल और अन्य सात्विक प्रसाद भी अर्पित कर सकते हैं. भोग लगाने के बाद प्रसाद परिवार के सदस्यों में बांटें.

मां कालरात्रि की पूजा में किन बातों का ध्यान रखें?

पूजा के दौरान साफ-सफाई रखें, मन में श्रद्धा बनाए रखें और किसी के प्रति बुरा विचार न रखें. पूजा के नियम परिवार की परंपरा और स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अलग हो सकते हैं. नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा शक्ति, साहस और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देती है. सच्चे मन से मां का स्मरण करें और अपने परिवार की सुख-शांति की कामना करें.

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Navratri Day 7 Puja Vidhi: शारदीय नवरात्रि में सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा की जाती है. मां कालरात्रि का रूप भले ही भयंकर दिखाई देता है, लेकिन मान्यता है कि वे अपने भक्तों का कल्याण करती हैं और उन्हें भय तथा नकारात्मकता से मुक्ति पाने का साहस देती हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि की सच्चे मन से पूजा करने से जीवन में साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है. आइए जानते हैं मां कालरात्रि की पूजा विधि, मंत्र, प्रिय भोग और इस दिन का धार्मिक महत्व.

मां कालरात्रि की पूजा का धार्मिक महत्व

मां कालरात्रि को मां दुर्गा का शक्तिशाली स्वरूप माना जाता है. उनका रंग अंधकार के समान काला, बाल खुले और गले में विद्युत जैसी चमक वाली माला बताई गई है. उनकी तीन आंखें हैं और वे दुष्ट शक्तियों का नाश करने वाली देवी मानी जाती हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां कालरात्रि अपने भक्तों के भय दूर करती हैं और उन्हें कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति देती हैं.

मां कालरात्रि की पूजा कैसे करें?

  • नवरात्रि के सातवें दिन सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें.
  • इसके बाद पूजा स्थल की सफाई करें और मां कालरात्रि की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें.
  • सबसे पहले मां को प्रणाम करके पूजा का संकल्प लें.
  • मां को फूल, धूप, दीप और अक्षत अर्पित करें.
  • मां कालरात्रि के मंत्र का श्रद्धा से जाप करें.
  • मां दुर्गा की आरती करें और परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें.
  • पूजा करते समय मन को शांत रखें और अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा करें.

मां कालरात्रि का मंत्र

मां कालरात्रि की पूजा में इस मंत्र का जाप किया जाता है:

ॐ देवी कालरात्र्यै नमः॥

इसके अलावा मां का ध्यान करते हुए यह मंत्र भी पढ़ा जाता है:

एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता. लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥

मां कालरात्रि को क्या भोग लगाएं?

धार्मिक मान्यताओं में मां कालरात्रि को गुड़ या गुड़ से बनी मिठाई का भोग लगाना शुभ माना जाता है. आप अपनी श्रद्धा के अनुसार फल और अन्य सात्विक प्रसाद भी अर्पित कर सकते हैं. भोग लगाने के बाद प्रसाद परिवार के सदस्यों में बांटें.

मां कालरात्रि की पूजा में किन बातों का ध्यान रखें?

पूजा के दौरान साफ-सफाई रखें, मन में श्रद्धा बनाए रखें और किसी के प्रति बुरा विचार न रखें. पूजा के नियम परिवार की परंपरा और स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अलग हो सकते हैं. नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा शक्ति, साहस और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देती है. सच्चे मन से मां का स्मरण करें और अपने परिवार की सुख-शांति की कामना करें.

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