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Home > धर्म > भारी दुखों में भी आनंद बना रहेगा! बस करना होगा यह काम, संत प्रेमानंद महाराज ने बताया खुशहाली का रहस्य

भारी दुखों में भी आनंद बना रहेगा! बस करना होगा यह काम, संत प्रेमानंद महाराज ने बताया खुशहाली का रहस्य

Sant Premanand Ji Maharaj: प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता देश-विदेश तक फैली है. उन्होंने अपनी मधुर वाणी और भक्तिमय जीवन से लाखों लोगों को प्रेरित किया है. उनको सुनने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से लेकर क्रिकेटर विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा भी जाती रहती हैं. इसी क्रम में संत प्रेमानंद जी ने अपने प्रवचन में जीवन में आनंद लाने का तरीका बताया. जानिए प्रेमानंद महाराज ने क्या सीख दी-

Written By: Lalit Kumar
Last Updated: April 21, 2026 16:08:28 IST

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Sant Premanand Ji Maharaj: ये सच है कि, भारत हमेशा से साधु-संतों की भूमि रहा है. वर्तमान में सबसे ज्यादा चर्चित साधु-संतों में प्रेमानंद महाराज का नाम शामिल है. उनकी लोकप्रियता देश-विदेश तक फैली है. उन्होंने अपनी मधुर वाणी और भक्तिमय जीवन से लाखों लोगों को प्रेरित किया है. उनके प्रवचन काफी प्रेरणादायक होते हैं. उनको सुनने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से लेकर क्रिकेटर विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा भी जाती रहती हैं. प्रेमानंद महाराज के प्रवचन सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं. इसी क्रम में संत प्रेमानंद जी ने अपने प्रवचन में जीवन में आनंद लाने का तरीका बताया. जानिए आखिर वृंदावन से रसिक संत प्रेमानंद महाराज जी ने भक्तों को क्या सीख दी-

IPL 2026 के बीच विराट-अनुष्का ने लिया आशीर्वाद

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने वृंदावन के ‘श्री हित राधा केलि कुंज’ आश्रम जाकर प्रेमानंद जी महाराज का आशीर्वाद लिया. वहां उन्होंने महाराज जी के साथ ‘एकांतिक वार्तालाप’ (निजी आध्यात्मिक चर्चा) में भाग लिया. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कपल को आम श्रद्धालुओं के बीच बैठकर शांति से गुरु के प्रवचन सुनता देखा गया.

जीवन में आनंद लाने का फॉर्मूला?

एक भक्त का सवाल था कि, महाराज जी जीवन में आनंद कैसे लाएं? इस सवाल पर वृंदावन से रसिक संत प्रेमानंद महाराज ने भक्तों को एक लाइन में सीख दी. कहा- निरंतर अभ्यास करो और भगवान को अपना मानो, तो भारी दुखों में भी आनंद बना रहता है. बिना इसके, दुखों से निपट पाना बहुत मुश्किल हो जाता है. बता दें कि, मान पाने की इच्छा मनुष्य को प्रभु से दूर ले जाती है. भक्त का सबसे बड़ा दुख भगवान के विस्मरण का होता है.

प्रभु का चिंतन करने से क्या होगा?

एक अन्य वीडियो में प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि, चिंता चिता के समान होती है, लेकिन लोग फिर भी इससे निकल नहीं पाते हैं. उनका कहना है कि, अगर दिमाग खाली हो तो गंदगी ही भरेगी, इसलिए भगवान का चिंतन जरूरी है. क्योंकि, जब हमारे दिमाग में भगवती का चिंतन होगा तो हम चिंता कर ही नहीं पाएंगे.

संकट में प्रेमानंद जी का भी प्रभु ने दिया साथ

रसिक संत प्रेमानंद महाराज जी आगे एक उदाहरण देते हुए बताता है कि एक बार आदमी नशे में मोटरसाइकिल चलाते हुए आ रहा था और हम मस्ती से जा रहे है ठाकुर जी के दर्शन करने के लिए जा रहे थे तो हमारे मुख से निकला राधा वह मोटरसाइकिल सीधा हमारे पैरों में आकर रुकी गई. इसका मतलब है कि, कभी भी संकट विपत्ति पर जब केवल भगवान का भरोसा होता है और केवल भगवान की पुकार होती है तो एक ही सेकंड में उसका परिणाम देखने को मिलता है.

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Last Updated: April 21, 2026 16:08:28 IST

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Sant Premanand Ji Maharaj: ये सच है कि, भारत हमेशा से साधु-संतों की भूमि रहा है. वर्तमान में सबसे ज्यादा चर्चित साधु-संतों में प्रेमानंद महाराज का नाम शामिल है. उनकी लोकप्रियता देश-विदेश तक फैली है. उन्होंने अपनी मधुर वाणी और भक्तिमय जीवन से लाखों लोगों को प्रेरित किया है. उनके प्रवचन काफी प्रेरणादायक होते हैं. उनको सुनने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से लेकर क्रिकेटर विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा भी जाती रहती हैं. प्रेमानंद महाराज के प्रवचन सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं. इसी क्रम में संत प्रेमानंद जी ने अपने प्रवचन में जीवन में आनंद लाने का तरीका बताया. जानिए आखिर वृंदावन से रसिक संत प्रेमानंद महाराज जी ने भक्तों को क्या सीख दी-

IPL 2026 के बीच विराट-अनुष्का ने लिया आशीर्वाद

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने वृंदावन के ‘श्री हित राधा केलि कुंज’ आश्रम जाकर प्रेमानंद जी महाराज का आशीर्वाद लिया. वहां उन्होंने महाराज जी के साथ ‘एकांतिक वार्तालाप’ (निजी आध्यात्मिक चर्चा) में भाग लिया. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कपल को आम श्रद्धालुओं के बीच बैठकर शांति से गुरु के प्रवचन सुनता देखा गया.

जीवन में आनंद लाने का फॉर्मूला?

एक भक्त का सवाल था कि, महाराज जी जीवन में आनंद कैसे लाएं? इस सवाल पर वृंदावन से रसिक संत प्रेमानंद महाराज ने भक्तों को एक लाइन में सीख दी. कहा- निरंतर अभ्यास करो और भगवान को अपना मानो, तो भारी दुखों में भी आनंद बना रहता है. बिना इसके, दुखों से निपट पाना बहुत मुश्किल हो जाता है. बता दें कि, मान पाने की इच्छा मनुष्य को प्रभु से दूर ले जाती है. भक्त का सबसे बड़ा दुख भगवान के विस्मरण का होता है.

प्रभु का चिंतन करने से क्या होगा?

एक अन्य वीडियो में प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि, चिंता चिता के समान होती है, लेकिन लोग फिर भी इससे निकल नहीं पाते हैं. उनका कहना है कि, अगर दिमाग खाली हो तो गंदगी ही भरेगी, इसलिए भगवान का चिंतन जरूरी है. क्योंकि, जब हमारे दिमाग में भगवती का चिंतन होगा तो हम चिंता कर ही नहीं पाएंगे.

संकट में प्रेमानंद जी का भी प्रभु ने दिया साथ

रसिक संत प्रेमानंद महाराज जी आगे एक उदाहरण देते हुए बताता है कि एक बार आदमी नशे में मोटरसाइकिल चलाते हुए आ रहा था और हम मस्ती से जा रहे है ठाकुर जी के दर्शन करने के लिए जा रहे थे तो हमारे मुख से निकला राधा वह मोटरसाइकिल सीधा हमारे पैरों में आकर रुकी गई. इसका मतलब है कि, कभी भी संकट विपत्ति पर जब केवल भगवान का भरोसा होता है और केवल भगवान की पुकार होती है तो एक ही सेकंड में उसका परिणाम देखने को मिलता है.

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