CUET UG 2026 Exam: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सीयूईटी यूजी 2026 के उम्मीदवारों को बड़ी राहत देते हुए अपने आवेदन फॉर्म में चुने गए विषयों को सुधारने का अवसर दिया है. यह कदम उन छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जिन्होंने फॉर्म भरते समय गलत विषय चुन लिए थे या बाद में अपनी तैयारी और कोर्स की योजना में बदलाव किया है.
NTA द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार CUET UG विषय अपडेट पोर्टल 17 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुका है और यह केवल 19 अप्रैल 2026 रात 11:50 बजे तक ही सक्रिय रहेगा. इसके बाद पोर्टल दोबारा नहीं खोला जाएगा. छात्र आधिकारिक वेबसाइट nta.ac.in और cuet.nta.nic.in पर जाकर अपने लॉगिन विवरण के माध्यम से विषयों में आवश्यक बदलाव कर सकते हैं. एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि यह अंतिम अवसर है, इसलिए उम्मीदवारों को सावधानीपूर्वक अपने विकल्पों की समीक्षा करनी चाहिए.
परीक्षा की तारीख और पैटर्न
CUET UG 2026 परीक्षा का आयोजन 11 मई से 31 मई 2026 के बीच किया जाएगा. यह परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में आयोजित होगी. देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए यह परीक्षा एक महत्वपूर्ण माध्यम है.
आवेदन प्रक्रिया और संशोधन का सफर
इस परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया 3 जनवरी 2026 से शुरू हुई थी. प्रारंभ में आवेदन की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 (रात 11:50 बजे) तय की गई थी. बाद में छात्रों की मांग पर इसे बढ़ाकर 4 फरवरी कर दिया गया, जबकि शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि 7 फरवरी 2026 रखी गई. इसके अलावा, कई छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवेदन पोर्टल को 23 फरवरी से 26 फरवरी तक दोबारा खोला गया था, ताकि वे आवश्यक सुधार या आवेदन पूरा कर सकें.
NTA की सलाह: सावधानी से भरें जानकारी
NTA ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अपने परीक्षा विषयों का चयन अत्यंत सावधानी से करें. गलत या असंगत विषय चयन आगे चलकर विश्वविद्यालय में प्रवेश के अवसरों को प्रभावित कर सकता है. एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में इस प्रकार का विषय सुधार पोर्टल दोबारा नहीं खोला जाएगा, इसलिए यह मौका अंतिम है.
सहायता और संपर्क विवरण
किसी भी समस्या या तकनीकी सहायता के लिए उम्मीदवार NTA हेल्प डेस्क से 011-40759000 पर संपर्क कर सकते हैं या cuet-ug@nta.ac.in पर ईमेल भेज सकते हैं. CUET UG 2026 के उम्मीदवारों के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण है. सही निर्णय और समय पर सुधार ही उनके भविष्य की दिशा तय कर सकता है.