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Home > मनोरंजन > द ममी’ में इमहोतेप बनकर डराया, अब विजय देवरकोंडा की फिल्म में मचाएंगे खलबली, ‘रणबाली’ में निभाएंगे ये किरदार

द ममी’ में इमहोतेप बनकर डराया, अब विजय देवरकोंडा की फिल्म में मचाएंगे खलबली, ‘रणबाली’ में निभाएंगे ये किरदार

Who is Arnold Vosloo: हॉलीवुड फिल्म ‘द ममी’ में इमहोतेप का किरदार निभाकर दुनियाभर में पहचान बनाने वाले अभिनेता अर्नोल्ड वोस्लू अब भारतीय सिनेमा में डेब्यू करने जा रहे हैं. वह विजय देवरकोंडा की पीरियड फिल्म ‘रणबाली’ में ब्रिटिश अफसर सर थियोडोर हेक्टर की भूमिका निभाते नजर आएंगे. राहुल सांकृत्यायन के निर्देशन में बनी इस फिल्म की कहानी ब्रिटिश शासन के दौर की ऐतिहासिक त्रासदी पर आधारित है. फिल्म में रश्मिका मंदाना भी अहम भूमिका में हैं. फिल्म की रिलीज से पहले ही अर्नोल्ड की एंट्री को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है.

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Last Updated: October 15, 2026 16:08:14 IST

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Who is Arnold Vosloo: हॉलीवुड की चर्चित फिल्म ‘द ममी’ में खतरनाक विलेन इमहोतेप बनकर दर्शकों को डराने वाले अभिनेता अर्नोल्ड वोस्लू अब भारतीय फिल्मों में अपनी अदाकारी का जलवा दिखाने के लिए तैयार हैं. वह साउथ सुपरस्टार विजय देवरकोंडा की फिल्म ‘रणबाली’ से तेलुगु सिनेमा में कदम रख रहे हैं. फिल्म में अर्नोल्ड एक क्रूर ब्रिटिश अधिकारी सर थियोडोर हेक्टर के किरदार में नजर आएंगे. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म की कहानी ब्रिटिश शासन के दौर की भयावह घटनाओं को सामने लाने की कोशिश करती है. आइए जानते हैं कौन हैं अर्नोल्ड वोस्लू, जिन्हें ‘द ममी’ के इमहोतेप के नाम से दुनियाभर में पहचान मिली.

‘द ममी’ के इमहोतेप अब ‘रणबाली’ में दिखाएंगे खलनायकी

अर्नोल्ड वोस्लू ने 1999 में आई हॉलीवुड फिल्म ‘द ममी’ में इमहोतेप का किरदार निभाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रियता हासिल की थी. उनका यह किरदार फिल्म के सबसे यादगार और डरावने पात्रों में गिना जाता है. इसके बाद साल 2001 में रिलीज हुई ‘द ममी रिटर्न्स’ में भी उन्होंने इसी भूमिका को दोहराया. अब अर्नोल्ड भारतीय दर्शकों के सामने एक नए अवतार में नजर आएंगे. फिल्म ‘रणबाली’ में वह सर थियोडोर हेक्टर नाम के ब्रिटिश अधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं. यह किरदार फिल्म की कहानी में अहम माना जा रहा है. हॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बना चुके अभिनेता का तेलुगु फिल्म में नजर आना इस प्रोजेक्ट को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ा रहा है.

विजय देवरकोंडा की फिल्म में ब्रिटिश अधिकारी बनेंगे अर्नोल्ड

‘रणबाली’ एक पीरियड फिल्म है, जिसका निर्देशन राहुल सांकृत्यायन ने किया है. फिल्म में विजय देवरकोंडा मुख्य भूमिका में हैं, जबकि रश्मिका मंदाना भी अहम किरदार निभा रही हैं. फिल्म की कहानी प्रमोद तमिनेनी ने लिखी है. इसकी पृष्ठभूमि ब्रिटिश शासन के दौर में भारत के सामने आई ऐतिहासिक त्रासदियों से जुड़ी है. फिल्म का उद्देश्य उस दौर की घटनाओं और औपनिवेशिक शासन के प्रभाव को पर्दे पर दिखाना है. अर्नोल्ड वोस्लू का किरदार इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में ब्रिटिश सत्ता के एक अधिकारी के रूप में सामने आएगा. फिल्म के टीजर और ट्रेलर को लेकर दर्शकों के बीच चर्चा है और अब इसकी रिलीज का इंतजार किया जा रहा है.

दक्षिण अफ्रीका में हुआ जन्म, थिएटर से शुरू हुआ सफर

अर्नोल्ड वोस्लू का जन्म दक्षिण अफ्रीका के प्रिटोरिया में हुआ था. उनका बचपन अभिनय और रंगमंच के माहौल में बीता. उनके माता-पिता दोनों थिएटर में अभिनय करते थे. उनके पिता अल्बर्टन, गौटेंग में ड्राइव-इन सिनेमा भी चलाते थे. ऐसे माहौल ने अर्नोल्ड की अभिनय में दिलचस्पी को बढ़ाने में भूमिका निभाई. स्कूल की पढ़ाई और सैन्य सेवा पूरी करने के बाद उन्होंने टेक्निकॉन प्रिटोरिया से ड्रामा की पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने थिएटर और दक्षिण अफ्रीकी फिल्मों में काम करना शुरू किया. शुरुआती दौर में उन्होंने अभिनय की बारीकियां सीखीं और धीरे-धीरे अपने करियर को आगे बढ़ाया.

न फिल्मों में भी किया काम

अर्नोल्ड वोस्लू का करियर केवल ‘द ममी’ तक सीमित नहीं रहा. उन्होंने ‘हार्ड टारगेट’ (1993), ‘एजेंट कोडी बैंक्स’ (2003), ‘ब्लड डायमंड’ (2006) और ‘सिल्वरटन सीज’ (2022) जैसी फिल्मों में काम किया है. इसके अलावा वह ‘G.I. जो: द राइज़ ऑफ कोबरा’ (2009) और इसके सीक्वल में जार्टन के किरदार में भी नजर आए. फिल्मों के साथ-साथ अर्नोल्ड ने टेलीविजन की दुनिया में भी काम किया है. उन्होंने ‘24’, ‘NCIS’, ‘केप टाउन’ और ‘बॉश’ जैसे शोज में भूमिकाएं निभाईं. अलग-अलग तरह के किरदारों में नजर आने वाले अर्नोल्ड ने अपने करियर में विलेन से लेकर अन्य महत्वपूर्ण भूमिकाओं तक अपनी पहचान बनाई है.

ब्रिटिश शासन के दौर की त्रासदी पर आधारित है ‘रणबाली’

‘रणबाली’ की कहानी ब्रिटिश भारत के उस दौर की घटनाओं पर केंद्रित है, जिसमें अकाल, औपनिवेशिक नीतियों और बड़े पैमाने पर हुई तबाही का जिक्र किया गया है. उपलब्ध विवरण के मुताबिक, फिल्म 1854 से 1878 के बीच के समय को अपनी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि बनाती है. फिल्म का टीजर और ट्रेलर इस दौर की गंभीर परिस्थितियों की झलक दिखाते हैं. फिल्म में औपनिवेशिक शासन के दौरान भारत को हुए नुकसान को बड़े पैमाने पर प्रस्तुत किया गया है. हालांकि, अकाल से हुई मौतों और आर्थिक लूट से जुड़े बड़े आंकड़ों को ऐतिहासिक तथ्यों के रूप में प्रस्तुत करने से पहले स्वतंत्र और विश्वसनीय स्रोतों से सत्यापन जरूरी है. फिल्म की कहानी ऐतिहासिक घटनाओं से प्रेरित है, लेकिन उसके नाटकीय चित्रण और इतिहास के प्रमाणित तथ्यों के बीच अंतर समझना भी जरूरी है.

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Last Updated: October 15, 2026 16:08:14 IST

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Who is Arnold Vosloo: हॉलीवुड की चर्चित फिल्म ‘द ममी’ में खतरनाक विलेन इमहोतेप बनकर दर्शकों को डराने वाले अभिनेता अर्नोल्ड वोस्लू अब भारतीय फिल्मों में अपनी अदाकारी का जलवा दिखाने के लिए तैयार हैं. वह साउथ सुपरस्टार विजय देवरकोंडा की फिल्म ‘रणबाली’ से तेलुगु सिनेमा में कदम रख रहे हैं. फिल्म में अर्नोल्ड एक क्रूर ब्रिटिश अधिकारी सर थियोडोर हेक्टर के किरदार में नजर आएंगे. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म की कहानी ब्रिटिश शासन के दौर की भयावह घटनाओं को सामने लाने की कोशिश करती है. आइए जानते हैं कौन हैं अर्नोल्ड वोस्लू, जिन्हें ‘द ममी’ के इमहोतेप के नाम से दुनियाभर में पहचान मिली.

‘द ममी’ के इमहोतेप अब ‘रणबाली’ में दिखाएंगे खलनायकी

अर्नोल्ड वोस्लू ने 1999 में आई हॉलीवुड फिल्म ‘द ममी’ में इमहोतेप का किरदार निभाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रियता हासिल की थी. उनका यह किरदार फिल्म के सबसे यादगार और डरावने पात्रों में गिना जाता है. इसके बाद साल 2001 में रिलीज हुई ‘द ममी रिटर्न्स’ में भी उन्होंने इसी भूमिका को दोहराया. अब अर्नोल्ड भारतीय दर्शकों के सामने एक नए अवतार में नजर आएंगे. फिल्म ‘रणबाली’ में वह सर थियोडोर हेक्टर नाम के ब्रिटिश अधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं. यह किरदार फिल्म की कहानी में अहम माना जा रहा है. हॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बना चुके अभिनेता का तेलुगु फिल्म में नजर आना इस प्रोजेक्ट को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ा रहा है.

विजय देवरकोंडा की फिल्म में ब्रिटिश अधिकारी बनेंगे अर्नोल्ड

‘रणबाली’ एक पीरियड फिल्म है, जिसका निर्देशन राहुल सांकृत्यायन ने किया है. फिल्म में विजय देवरकोंडा मुख्य भूमिका में हैं, जबकि रश्मिका मंदाना भी अहम किरदार निभा रही हैं. फिल्म की कहानी प्रमोद तमिनेनी ने लिखी है. इसकी पृष्ठभूमि ब्रिटिश शासन के दौर में भारत के सामने आई ऐतिहासिक त्रासदियों से जुड़ी है. फिल्म का उद्देश्य उस दौर की घटनाओं और औपनिवेशिक शासन के प्रभाव को पर्दे पर दिखाना है. अर्नोल्ड वोस्लू का किरदार इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में ब्रिटिश सत्ता के एक अधिकारी के रूप में सामने आएगा. फिल्म के टीजर और ट्रेलर को लेकर दर्शकों के बीच चर्चा है और अब इसकी रिलीज का इंतजार किया जा रहा है.

दक्षिण अफ्रीका में हुआ जन्म, थिएटर से शुरू हुआ सफर

अर्नोल्ड वोस्लू का जन्म दक्षिण अफ्रीका के प्रिटोरिया में हुआ था. उनका बचपन अभिनय और रंगमंच के माहौल में बीता. उनके माता-पिता दोनों थिएटर में अभिनय करते थे. उनके पिता अल्बर्टन, गौटेंग में ड्राइव-इन सिनेमा भी चलाते थे. ऐसे माहौल ने अर्नोल्ड की अभिनय में दिलचस्पी को बढ़ाने में भूमिका निभाई. स्कूल की पढ़ाई और सैन्य सेवा पूरी करने के बाद उन्होंने टेक्निकॉन प्रिटोरिया से ड्रामा की पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने थिएटर और दक्षिण अफ्रीकी फिल्मों में काम करना शुरू किया. शुरुआती दौर में उन्होंने अभिनय की बारीकियां सीखीं और धीरे-धीरे अपने करियर को आगे बढ़ाया.

न फिल्मों में भी किया काम

अर्नोल्ड वोस्लू का करियर केवल ‘द ममी’ तक सीमित नहीं रहा. उन्होंने ‘हार्ड टारगेट’ (1993), ‘एजेंट कोडी बैंक्स’ (2003), ‘ब्लड डायमंड’ (2006) और ‘सिल्वरटन सीज’ (2022) जैसी फिल्मों में काम किया है. इसके अलावा वह ‘G.I. जो: द राइज़ ऑफ कोबरा’ (2009) और इसके सीक्वल में जार्टन के किरदार में भी नजर आए. फिल्मों के साथ-साथ अर्नोल्ड ने टेलीविजन की दुनिया में भी काम किया है. उन्होंने ‘24’, ‘NCIS’, ‘केप टाउन’ और ‘बॉश’ जैसे शोज में भूमिकाएं निभाईं. अलग-अलग तरह के किरदारों में नजर आने वाले अर्नोल्ड ने अपने करियर में विलेन से लेकर अन्य महत्वपूर्ण भूमिकाओं तक अपनी पहचान बनाई है.

ब्रिटिश शासन के दौर की त्रासदी पर आधारित है ‘रणबाली’

‘रणबाली’ की कहानी ब्रिटिश भारत के उस दौर की घटनाओं पर केंद्रित है, जिसमें अकाल, औपनिवेशिक नीतियों और बड़े पैमाने पर हुई तबाही का जिक्र किया गया है. उपलब्ध विवरण के मुताबिक, फिल्म 1854 से 1878 के बीच के समय को अपनी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि बनाती है. फिल्म का टीजर और ट्रेलर इस दौर की गंभीर परिस्थितियों की झलक दिखाते हैं. फिल्म में औपनिवेशिक शासन के दौरान भारत को हुए नुकसान को बड़े पैमाने पर प्रस्तुत किया गया है. हालांकि, अकाल से हुई मौतों और आर्थिक लूट से जुड़े बड़े आंकड़ों को ऐतिहासिक तथ्यों के रूप में प्रस्तुत करने से पहले स्वतंत्र और विश्वसनीय स्रोतों से सत्यापन जरूरी है. फिल्म की कहानी ऐतिहासिक घटनाओं से प्रेरित है, लेकिन उसके नाटकीय चित्रण और इतिहास के प्रमाणित तथ्यों के बीच अंतर समझना भी जरूरी है.

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