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Home > मनोरंजन > क्या है हरियाणवी गाने ‘बैरण’ का मतलब? जो सोशल मीडिया पर कर रहा ट्रेंड, सुनते ही गुनगुनाने लगते हैं लोग

क्या है हरियाणवी गाने ‘बैरण’ का मतलब? जो सोशल मीडिया पर कर रहा ट्रेंड, सुनते ही गुनगुनाने लगते हैं लोग

Bairan Song: इन दिनों सोशल मीडिया पर हरियाणवी गाना 'बैरण' छाया हुआ है. इस गाने को लोग बेहद पसंद कर रहे हैं. लेकिन बहुत से लोग इसका मतलब नहीं जानते हैं. चलिए जानते हैं इस गाने का अर्थ.

Written By: Kamesh Dwivedi
Last Updated: April 21, 2026 17:06:29 IST

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अक्सर कुछ ऐसे गाने हैं आते हैं, जिनके बोल और धुन हमारे दिलों-दिमाग में छा जाते हैं. लेकिन उसका अर्थ हम नहीं जान रहे होते हैं. ऐसा ही एक सॉन्ग ‘बैरण’ इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग उसे खूब पसंद कर रहे है. आखिर क्या है इस टाइटल का अर्थ और गाने के बोल. जानिए. 

किसने गाया है ये गाना?

‘बैरण’ गाने को हरियाणा के सुमित और अनुज ने लिखा और गाया है. आपको बता दें कि दोनों भाई हैं. ये गाना रिलीज होते ही हर इंस्टा रील्स की पसंद बन चुका है. साथ ही इसे यूट्यूब पर भी खूब सुना जा रहा है. 

क्या है ‘बैरण’ का अर्थ?

इस गाने के बारे में जब सुमित और अनुज से पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि सॉन्ग का टाइटल ‘बैरण’ हिंदी के शब्द बैरी से लिया गया है. बैरी का अर्थ है दुश्मन. बैरी से ही बैरण शब्द बना है. गीतकार-सिंगर ने बैरण शब्द को प्रेमिका के लिए प्रयोग किया है, जिसके जरिए प्रेमिका को प्यार से ओ मेरी दुश्मन कहा गया है. आपको बता दें कि सुमित और अनुज की जोड़ी ने अपना नाम ‘बंजारे’ रखा है. यह गाना बहुत तेजी से वायरल हो रहा है. 

क्या है गाने का लिरिक्स?

‘बैरण’ गाने का लिरिक्स इस बारे में है. 

हो, मन्ने सांभ-सांभ राखे तेरे झांझरा के जोड़े
मेरी गेल रो-रो ये भी छोरी बावले से होरे
मन्ने आए जावे ख्याल तेरे, खाए जावे ख्याल तेरे
जीण कोन्या देती, हाय बैरी तन्हाई मन्ने

गीतां में गाई, कदे छाती के लगाई मन्ने
जित भी गया रे, तेरी याद खड़ी पाई मन्ने
सांभ-सांभ राखी बहुत, छाती के लगाई मन्ने
जित भी गया रे, तेरी याद खड़ी पाई मन्ने

हो, मार्या-मार्या फिरे, देख हाल तू बिचारे का
तेरे बिना जीणा भी के जीणा बंजारे का?
खोया रहूं याद तेरी कर के नादानियां
बटुए में रखूं तेरी सांभ के निशानियां
तेरे बिना काल होरया, ठीक कोन्या हाल मेरा
हाथ जोड़ूं राम, देदे सांसों ते रिहाई मन्ने…

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Home > मनोरंजन > क्या है हरियाणवी गाने ‘बैरण’ का मतलब? जो सोशल मीडिया पर कर रहा ट्रेंड, सुनते ही गुनगुनाने लगते हैं लोग

Written By: Kamesh Dwivedi
Last Updated: April 21, 2026 17:06:29 IST

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अक्सर कुछ ऐसे गाने हैं आते हैं, जिनके बोल और धुन हमारे दिलों-दिमाग में छा जाते हैं. लेकिन उसका अर्थ हम नहीं जान रहे होते हैं. ऐसा ही एक सॉन्ग ‘बैरण’ इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग उसे खूब पसंद कर रहे है. आखिर क्या है इस टाइटल का अर्थ और गाने के बोल. जानिए. 

किसने गाया है ये गाना?

‘बैरण’ गाने को हरियाणा के सुमित और अनुज ने लिखा और गाया है. आपको बता दें कि दोनों भाई हैं. ये गाना रिलीज होते ही हर इंस्टा रील्स की पसंद बन चुका है. साथ ही इसे यूट्यूब पर भी खूब सुना जा रहा है. 

क्या है ‘बैरण’ का अर्थ?

इस गाने के बारे में जब सुमित और अनुज से पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि सॉन्ग का टाइटल ‘बैरण’ हिंदी के शब्द बैरी से लिया गया है. बैरी का अर्थ है दुश्मन. बैरी से ही बैरण शब्द बना है. गीतकार-सिंगर ने बैरण शब्द को प्रेमिका के लिए प्रयोग किया है, जिसके जरिए प्रेमिका को प्यार से ओ मेरी दुश्मन कहा गया है. आपको बता दें कि सुमित और अनुज की जोड़ी ने अपना नाम ‘बंजारे’ रखा है. यह गाना बहुत तेजी से वायरल हो रहा है. 

क्या है गाने का लिरिक्स?

‘बैरण’ गाने का लिरिक्स इस बारे में है. 

हो, मन्ने सांभ-सांभ राखे तेरे झांझरा के जोड़े
मेरी गेल रो-रो ये भी छोरी बावले से होरे
मन्ने आए जावे ख्याल तेरे, खाए जावे ख्याल तेरे
जीण कोन्या देती, हाय बैरी तन्हाई मन्ने

गीतां में गाई, कदे छाती के लगाई मन्ने
जित भी गया रे, तेरी याद खड़ी पाई मन्ने
सांभ-सांभ राखी बहुत, छाती के लगाई मन्ने
जित भी गया रे, तेरी याद खड़ी पाई मन्ने

हो, मार्या-मार्या फिरे, देख हाल तू बिचारे का
तेरे बिना जीणा भी के जीणा बंजारे का?
खोया रहूं याद तेरी कर के नादानियां
बटुए में रखूं तेरी सांभ के निशानियां
तेरे बिना काल होरया, ठीक कोन्या हाल मेरा
हाथ जोड़ूं राम, देदे सांसों ते रिहाई मन्ने…

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