Nitin Gadkari Bombay High Court: सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी एक बड़े जवाबी कदम की तैयारी कर रहे हैं. हाल ही में धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद युवाओं के विरोध-प्रदर्शन के बाद अब गडकरी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) से प्रेरित ऑनलाइन आंदोलनों और अरविंद केजरीवाल की AAP जैसी विपक्षी पार्टियों के निशाने पर आ गए हैं. गडकरी को कोर्ट से बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ केस करने की मंजूरी मिल गई है.
ये केस उन डीपफेक वीडियो को लेकर हैं जिनमें उन्हें E20 (20% इथेनॉल, बाकी पेट्रोल) जैसे इथेनॉल-मिश्रित ईंधन की नीति के ज़रिए कथित तौर पर मुनाफाखोरी से जोड़ा गया है.
बीजेपी सरकार दावों को कर रही खारिज
नरेंद्र मोदी सरकार ने बार-बार इन दावों को खारिज किया है कि इथेनॉल मिश्रण से इंजन खराब होते हैं, हालांकि सरकार ने यह माना है कि इससे ईंधन की बचत (माइलेज) में थोड़ी कमी आ सकती है. आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को E20 और गडकरी के खिलाफ जनता का समर्थन जुटाने के लिए आने वाले वीकेंड पर एक ‘नेशनल टाउन हॉल’ आयोजित करने की घोषणा की. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अगले हफ्ते इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 2 लाख से ज्यादा याचिकाएं सौंपी जाएंगी.
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केजरीवाल ने क्या कहा?
दिल्ली के पूर्व मुंख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि इस देश के युवाओं ने एक अहंकारी सरकार को झुका दिया है, जिसके परिणामस्वरूप धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा. अब मैं प्रधानमंत्री से अनुरोध करता हूं कि वे E20 के मुद्दे को भी हल करें, इससे पहले कि यह एक बड़े विरोध-प्रदर्शन का रूप ले ले. इसके अलावा, उन्होंने घोषणा की कि हम इस मुद्दे पर लोगों को एकजुट करने के लिए इस शनिवार दोपहर एक नेशनल टाउन हॉल शुरू कर रहे हैं.
दिल्ली-NCR के निवासी व्यक्तिगत रूप से इसमें शामिल हो सकते हैं, जबकि बाहर के लोग ऑनलाइन जुड़ सकते हैं. हमने प्रतिभागियों के लिए एक रजिस्ट्रेशन नंबर (85888-33212) दिया है. इस टाउन हॉल के माध्यम से हम विशेषज्ञों, प्रभावित लोगों और आम जनता के साथ चर्चा करेंगे. बाद में उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो संदेश भी पोस्ट किया, जिसमें समय और स्थान की घोषणा की गई: 1 अगस्त को सुबह 11:30 बजे, कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब ऑफ़ इंडिया, दिल्ली.
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गडकरी ने क्या कदम उठाया?
सोमवार को गडकरी ने भी अपना अगला कदम उठाया. बॉम्बे हाई कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री को मेटा (जिसके पास WhatsApp, Facebook, Instagram हैं), X Corp (पहले Twitter), Google LLC और अन्य प्लेटफॉर्म के खिलाफ सिविल केस करने की अनुमति दे दी. ये केस सोशल मीडिया पर उन्हें और उनके परिवार को निशाना बनाने वाले कथित मानहानिकारक पोस्ट और AI-जनरेटेड डीपफेक कंटेंट को लेकर हैं. जस्टिस अभय आहूजा की सिंगल-जज बेंच ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के खिलाफ मुकदमा करने की इजाज़त दे दी.
इससे उन्हें अंतरिम राहत और उस कंटेंट के खिलाफ अस्थायी रोक (इंजंक्शन) की मांग करने का रास्ता मिल गया, जिसमें उन्हें कथित तौर पर गलत तरीके से इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (EBP) प्रोग्राम और E20 पहल से जोड़ा गया था.
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