UP Gangrape Case: ग्रेटर नोएडा में 16 साल की नाबालिग के साथ गैंगरेप की घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया. इस हैवानियत वाली वारदात के दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. वहीं अब गिरफ्तारी से अधिकार क्षेत्र (ज्यूरिस्डिक्शन) को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. उत्तर प्रदेश पुलिस का दावा है कि अपराध उनके अधिकार क्षेत्र में होने के बावजूद उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई थी. बता दें कि यह कथित घटना 4 अगस्त को एक चलती हुई स्लीपर बस में हुई थी. यह बस ग्रेटर नोएडा के परी चौक से कश्मीरी गेट इंटर-स्टेट बस टर्मिनल के पास रिंग रोड तक 47 किलोमीटर चली थी, जहां आरोपी ड्राइवर और कंडक्टर ने पीड़िता को उतार दिया था.
पीड़िता की शिकायत के बाद, दिल्ली पुलिस की एक टीम ने CCTV फुटेज की जांच की और बस का पता लगाया, जो तिमारपुर के एक पार्किंग एरिया में खड़ी थी. ये इलाका कश्मीरी गेट से लगभग 15 मिनट की दूरी पर है, पुलिस ने बताया कि वहां चार घंटे के अंदर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया.
ग्रेटर नोएडा पुलिस का दावा
सोमवार को जब कथित गैंगरेप का मामला सामने आया, तो ग्रेटर नोएडा पुलिस के अधिकारियों ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की जानकारी सार्वजनिक करने से पहले उन्हें इस घटना के बारे में नहीं बताया गया था. गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने एक बयान में कहा कि कथित घटना ‘गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र’ में हुई थी और ‘आज से पहले दिल्ली पुलिस ने नोएडा पुलिस को इसकी कोई जानकारी या रिपोर्ट नहीं दी थी’.
दिल्ली पुलिस ने दी सफाई
हालांकि, दिल्ली पुलिस का कहना है कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों को कहीं भी दर्ज और उनकी जांच की जा सकती है, जहां उनकी रिपोर्ट की जाती है. दिल्ली के संयुक्त पुलिस आयुक्त (उत्तरी रेंज) मधुर वर्मा ने कहा, ‘हमने बहुत ऑफिशियल तरीके से काम किया. भारतीय न्याय संहिता के नए प्रावधानों के तहत, महिलाओं के खिलाफ अपराधों को कहीं भी दर्ज और उनकी जांच की जा सकती है, जहां उनकी रिपोर्ट की जाती है.’
मां से झगड़ा और फिर…
दिल्ली पुलिस के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में रहने वाली 11वीं कक्षा की छात्रा पढ़ाई को लेकर अपनी मां की डांट के बाद 3 अगस्त को बिना बताए घर से निकल गई थी. पुलिस उपायुक्त (उत्तर) निहारिका भट्ट ने बताया कि वह नोएडा सेक्टर 63 में अपने चचेरे भाई के घर जाने वाली थी. इसी बीच उसके साथ ये वारदात हो गई.
क्या है पूरा मामला?
वहीं अपनी शिकायत में पीड़िता ने पुलिस को बताया कि अंधेरा होने और बारिश शुरू होने के बाद वह गलती से परी चौक पर उतर गई थी. जांच से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि उसने एक बस को आते देखा और उसे रुकने का इशारा किया. कंडक्टर ने कथित तौर पर उससे कहा कि बस सेक्टर 63 की ओर जा रही है, जिसके बाद वह बस में सवार हो गई. पुलिस ने बताया कि घटना के समय बस में कोई और यात्री नहीं था. बस के चलने के कुछ ही देर बाद, कंडक्टर ने कथित तौर पर लड़की के साथ गलत हरकत की और फिर उसने और ड्राइवर ने मिलकर उसका यौन उत्पीड़न किया. पुलिस ने बताया कि जब लड़की ने विरोध किया, तो दोनों लोगों ने उसे जान से मारने की धमकी दी.
पर्दे लगे होने के कारण नहीं चला पता
एक अधिकारी ने कहा, ‘बड़ी समस्या यह थी कि पर्दे लगे हुए थे और बस चल रही थी. अंदर क्या हो रहा था, यह जानने का कोई तरीका नहीं था.’ घटना के बाद, पीड़िता कश्मीरी गेट पुलिस स्टेशन पहुंची, जिसके बाद पुलिस ने गैंग-रेप, अपहरण और मारपीट के आरोपों के साथ-साथ ‘POCSO अधिनियम के तहत FIR दर्ज की गई और जांच की जा रही है.