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Home > देश > यूट्यूबर ध्रुव राठी की बढ़ीं मुश्किलें, 2018 के मानहानि मामले में कोर्ट ने फिर भेजा समन; 17 अक्टूबर को सुनवाई

यूट्यूबर ध्रुव राठी की बढ़ीं मुश्किलें, 2018 के मानहानि मामले में कोर्ट ने फिर भेजा समन; 17 अक्टूबर को सुनवाई

Dhruv Rathee Defamation Case: यूट्यूबर ध्रुव राठी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. उनके खिलाफ 2018 के मानहानि मामले में साकेत कोर्ट ने फिर समन जारी किया गया है. इस मामले में 17 अक्तूबर को सुनवाई होगी.

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Last Updated: October 14, 2026 22:19:36 IST

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Dhruv Rathee Defamation Case: मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी एक बार फिर चर्चा में हैं. दिल्ली की साकेत कोर्ट ने उनके खिलाफ चल रहे आपराधिक मानहानि के एक पुराने मामले में नए सिरे से समन जारी करने का आदेश दिया है. यह मामला साल 2018 का है और ध्रुव राठी के चर्चित वीडियो ‘बीजेपी आईटी सेल पार्ट-2’ से जुड़ा हुआ है. शिकायतकर्ता विकास सांक्रित्यायन उर्फ विकास पांडे ने इस वीडियो को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया था. अब इस मामले में अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को होनी है.

गुरुग्राम स्थित घर पर पहुंचा समन

अदालत ने 12 अक्टूबर को दिए आदेश में ध्रुव राठी के गुरुग्राम स्थित आवास पर समन भेजने की प्रक्रिया दोबारा शुरू करने की अनुमति दी है. साथ ही शिकायतकर्ता को प्रोसेस सर्वर के साथ जाकर समन की तामील कराने की इजाजत भी दी गई. शिकायतकर्ता के मुताबिक, अब ध्रुव राठी के घर पर समन पहुंचा दिया गया है. इस मामले में अदालत ने दस्ती सेवा की अनुमति दी है, यानी संबंधित पक्ष की मदद से समन सीधे पहुंचाने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है.

नोटिस लेने से इनकार का दावा

शिकायतकर्ता की ओर से इस मामले में आगे आए एडवोकेट सुशांत कुमार ने एक वीडियो के जरिए घटनाक्रम की जानकारी दी. उनके मुताबिक, वह ध्रुव राठी के घर नोटिस देने पहुंचे थे. उन्होंने दावा किया कि यूट्यूबर को फोन किया गया लेकिन उन्होंने नोटिस लेने से इनकार कर दिया. इसके बाद सोसायटी के सुरक्षा गार्ड की मदद से नोटिस घर के बाहर चस्पा किया गया. हालांकि अब तक ध्रुव राठी की तरफ से इस बात की पुष्टि नहीं की गई है.

क्या है विवाद?

यह पूरा मामला ध्रुव राठी के बीजेपी आईटी सेल पार्ट-2 नाम के वीडियो से संबंधित है. शिकायतकर्ता विकास पांडे ने आरोप लगाया था कि वीडियो में की गई टिप्पणियों से उनकी मानहानि हुई. इसी आधार पर उन्होंने आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी. बताया जाता है कि मामले में समन पहुंचाने की कोशिशें लंबे समय से चल रही थीं लेकिन 2019 से इस प्रक्रिया में परेशानियां आती रहीं.

ये भी पढ़ें: दुष्यंत कुमार गौतम को राज्यपाल बनाने पर विवाद, धरने पर अंकिता भंडारी का परिवार, राहुल-प्रियंका ने दिया समर्थन

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Last Updated: October 14, 2026 22:19:36 IST

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Dhruv Rathee Defamation Case: मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी एक बार फिर चर्चा में हैं. दिल्ली की साकेत कोर्ट ने उनके खिलाफ चल रहे आपराधिक मानहानि के एक पुराने मामले में नए सिरे से समन जारी करने का आदेश दिया है. यह मामला साल 2018 का है और ध्रुव राठी के चर्चित वीडियो ‘बीजेपी आईटी सेल पार्ट-2’ से जुड़ा हुआ है. शिकायतकर्ता विकास सांक्रित्यायन उर्फ विकास पांडे ने इस वीडियो को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया था. अब इस मामले में अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को होनी है.

गुरुग्राम स्थित घर पर पहुंचा समन

अदालत ने 12 अक्टूबर को दिए आदेश में ध्रुव राठी के गुरुग्राम स्थित आवास पर समन भेजने की प्रक्रिया दोबारा शुरू करने की अनुमति दी है. साथ ही शिकायतकर्ता को प्रोसेस सर्वर के साथ जाकर समन की तामील कराने की इजाजत भी दी गई. शिकायतकर्ता के मुताबिक, अब ध्रुव राठी के घर पर समन पहुंचा दिया गया है. इस मामले में अदालत ने दस्ती सेवा की अनुमति दी है, यानी संबंधित पक्ष की मदद से समन सीधे पहुंचाने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है.

नोटिस लेने से इनकार का दावा

शिकायतकर्ता की ओर से इस मामले में आगे आए एडवोकेट सुशांत कुमार ने एक वीडियो के जरिए घटनाक्रम की जानकारी दी. उनके मुताबिक, वह ध्रुव राठी के घर नोटिस देने पहुंचे थे. उन्होंने दावा किया कि यूट्यूबर को फोन किया गया लेकिन उन्होंने नोटिस लेने से इनकार कर दिया. इसके बाद सोसायटी के सुरक्षा गार्ड की मदद से नोटिस घर के बाहर चस्पा किया गया. हालांकि अब तक ध्रुव राठी की तरफ से इस बात की पुष्टि नहीं की गई है.

क्या है विवाद?

यह पूरा मामला ध्रुव राठी के बीजेपी आईटी सेल पार्ट-2 नाम के वीडियो से संबंधित है. शिकायतकर्ता विकास पांडे ने आरोप लगाया था कि वीडियो में की गई टिप्पणियों से उनकी मानहानि हुई. इसी आधार पर उन्होंने आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी. बताया जाता है कि मामले में समन पहुंचाने की कोशिशें लंबे समय से चल रही थीं लेकिन 2019 से इस प्रक्रिया में परेशानियां आती रहीं.

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