Faridabad Murder Case: एक महिला ने फरीदाबाद में अपने घर पर सोते समय अपने पति को चाकू मारकर मार डाला, फिर दावा किया कि कुछ लोग घुस आए और उस पर हमला कर दिया. पुलिस का कहना है कि हत्या की साज़िश उसके बॉयफ्रेंड, जो एक बाउंसर है, के साथ मिलकर रची गई थी, क्योंकि उनके रिश्ते को लेकर महीनों से शादी में अनबन चल रही थी.
आरोपी काजल और योगेंद्र को 14 और 15 अक्टूबर की रात को गोपाल नाम के पीड़ित की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक, काजल ने सब्जी काटने वाले चाकू से अपने पति पर हमला किया, जिससे उसकी गर्दन पर कई घाव हो गए. पुलिस ने कहा कि उसने शुरू में हत्या के लिए अनजान लोगों को ज़िम्मेदार ठहराया, लेकिन बाद में पूछताछ के दौरान उसने जुर्म कबूल कर लिया.
शादी में सालों से तनाव
जांच में पता चला है कि हत्या का मकसद एक ऐसा रिश्ता था जिससे शादी में सालों से तनाव था. योगेंद्र परिवार के लिए कोई अजनबी नहीं था. वह और गोपाल दोस्त थे, और वह उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में उनके पैतृक गांव में उनके घर आता-जाता रहता था.पुलिस ने कहा कि तनाव तब बढ़ गया जब योगेंद्र गोपाल के न होने पर भी उनसे मिलने आने लगा.
गोपाल से कोर्ट मैरिज
हाथरस के कुंवरपुर गांव के रहने वाले गोपाल ने फरीदाबाद की एक कंपनी में करीब दो दशक तक मशीन ऑपरेटर का काम किया था. वहीं, करीब 16 साल पहले, उनकी मुलाकात काजल से हुई, जिसकी शादी उस समय किसी और आदमी से हो चुकी थी.दोनों के बीच रिश्ता बन गया और काजल ने अपने पहले पति को छोड़कर हाथरस में गोपाल से कोर्ट मैरिज कर ली. उस समय उनकी पहली शादी से हुई बेटी शालिनी करीब पांच साल की थी.
गोपाल ने बाद में अपनी कमाई से गांव में एक घर बनवाया. काजल बच्चों के साथ वहीं चली गईं, जबकि वह परिवार का गुज़ारा करने के लिए फरीदाबाद में काम करते रहे. वह समय-समय पर वापस आते रहते थे और काजल कभी-कभी बच्चों को फरीदाबाद ले आती थीं. दोनों के तीन तनुज, 10, हन्नी, 6, और भूरी, 3 बच्चे थे . शालिनी, जो अब 19 साल की है, भी गांव में रहती थी.
इस इंतज़ाम से गोपाल फरीदाबाद में कमाई करते रहे जबकि उनका परिवार हाथरस में रहा. लेकिन पुलिस ने कहा कि जैसे ही योगेंद्र की मौजूदगी झगड़े की वजह बनी, घर की हालत बिगड़ने लगी.
झगड़े की वजह
योगेंद्र, गोपाल के गांव वाले घर से करीब 500 मीटर दूर रहता था. दोनों दोस्त थे, और जब गोपाल गांव लौटता था तो योगेंद्र उससे मिलने आता था.पुलिस ने कहा कि हालांकि, समय के साथ, योगेंद्र गोपाल की गैरमौजूदगी में भी आने लगा. उसके आने से काजल और गोपाल के बीच झगड़े होने लगे, और उनका रिश्ता बार-बार झगड़े का कारण बन गया.पुलिस के मुताबिक, झगड़ा इतना बढ़ गया कि गोपाल अपनी मौत से कई महीने पहले तक अपने गांव वाले घर नहीं गया था.जांच करने वालों को शक है कि लंबे समय तक चले झगड़े की वजह से आखिरकार काजल और योगेंद्र ने गोपाल के मर्डर का प्लान बनाया.
पुलिस को पहले से प्लान की गई हत्या का शक
पुलिस के मुताबिक काजल 13 अक्टूबर को बच्चों के साथ फरीदाबाद आई थी. उसने अगले दिन योगेंद्र को शहर बुलाया. 14 अक्टूबर की रात को गोपाल शराब पीकर घर लौटा. पुलिस ने बताया कि वह और काजल एक कमरे में सो रहे थे, जबकि बच्चे दूसरे कमरे में थे. काजल ने सब्जी काटने वाले चाकू से उस पर हमला किया, बार-बार उसकी गर्दन पर वार किया. गोपाल की चोटों से मौत हो गई.
बाद में उसने दावा किया कि अनजान लोग घर में घुस आए थे और उसके पति पर हमला किया था. पुलिस ने कहा कि पूछताछ में उसकी बात सामने आई और उसने हत्या करना कबूल कर लिया.पुलिस के एक सूत्र ने कहा कि जांच से पता चला है कि काजल ने योगेंद्र के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी और खुद ही हमला किया था.
बेटी की भूमिका की भी जांच की गई
गोपाल के भाई अशोक ने काजल की पहली शादी से हुई बेटी शालिनी पर शक जताया था.हालांकि, पुलिस ने कहा कि उन्हें अब तक हत्या में उसके शामिल होने का कोई सबूत नहीं मिला है.