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Home > देश > बिस्कुट में पशुओं वाला चोकर, दूध में डिटर्जेंट और किशमिश में कीटनाशक! FSSAI ने कसा शिकंजा, 3 कंपनियों कार्रवाई शुरू

बिस्कुट में पशुओं वाला चोकर, दूध में डिटर्जेंट और किशमिश में कीटनाशक! FSSAI ने कसा शिकंजा, 3 कंपनियों कार्रवाई शुरू

FSSAI food safety violations: FSSAI की जांच में तीन कंपनियों के सामान में खामियां मिली हैं. प्रियागोल्ड के बिस्कुट में चोकर मिला है. डोडला डेयरी के दूध में डिटर्जेंट पाउडर मिला है और किशमिश में कीटनाशक मिला है.

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Last Updated: October 17, 2026 14:32:49 IST

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FSSAI food safety violations: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य सुरक्षा नियमों के कथित गंभीर उल्लंघनों को लेकर तीन कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है. इनमें प्रियागोल्ड बिस्कुट बनाने वाली सूर्या फूड एंड एग्रो, डोडला डेयरी और UEIR ऑर्गेनिक फूड्स शामिल हैं. नियामक की जांच में बिस्कुट बनाने में पशुओं के चारे के लिए इस्तेमाल होने वाले चोकर के उपयोग, फुल क्रीम दूध में डिटर्जेंट और कॉस्टिक सोडा की मौजूदगी और पीली किशमिश में कीटनाशकों के अवशेष मिले हैं. 

FSSAI ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि इन कंपनियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा के गंभीर उल्लंघनों को लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है.

प्रियागोल्ड बिस्कुट वाली कंपनी पर कार्रवाई?

सूर्या फूड एंड एग्रो के खिलाफ कार्रवाई एक उपभोक्ता की शिकायत के बाद किए गए निरीक्षण से जुड़ी है. कंपनी के प्लांट की जांच में अधिकारियों को साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कई खामियां मिलीं. FSSAI के मुताबिक, कंपनी प्रियागोल्ड बिस्कुट बनाने में कच्चे माल के रूप में पशुओं के चारे के लिए इस्तेमाल होने वाले चोकर का उपयोग कर रही थी. इस सामग्री का इस्तेमाल फाइबर के स्रोत के तौर पर किया जा रहा था. वहीं इसे इंसानों के खाने के लिए नहीं बनाया गया था.

प्लांट में साफ-सफाई में खामियां

निरीक्षण के दौरान सिर्फ कच्चे माल को लेकर ही नहीं बल्कि प्लांट के संचालन में भी कई कमियां पाई गईं. इनमें साफ-सफाई, कीट नियंत्रण, कच्चे माल के भंडारण और अलग-अलग सामग्री रखने की व्यवस्था, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता तथा परिसर के रखरखाव से जुड़ी समस्याएं शामिल थीं. बिस्कुट बनाने की प्रक्रिया के दौरान इस्तेमाल होने वाले मिश्रणों को संभालने के तरीके में भी खामियां सामने आईं. गंभीर उल्लंघन पाए जाने के बाद FSSAI ने सूर्या फूड एंड एग्रो का लाइसेंस पहले ही निलंबित कर दिया था. अब कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है.

डोडला डेयरी के फुल क्रीम दूध में क्या मिला?

डोडला डेयरी के फुल क्रीम दूध का एक नमूना जांच में निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरा. दूध में मिल्क फैट यानी दूध की वसा की मात्रा तय मानकों से कम पाई गई, जिसके कारण इसे घटिया गुणवत्ता वाला घोषित किया. कंपनी ने शुरुआती जांच के नतीजों के खिलाफ अपील की. इसके बाद नमूने को रेफरल फूड लेबोरेटरी में जांच के लिए भेजा गया. वहां की जांच में मामला और गंभीर हो गया. प्रयोगशाला ने नमूने में डिटर्जेंट और कॉस्टिक सोडा की मौजूदगी की पुष्टि की और इसे असुरक्षित बताया. साथ ही, दूध में फैट की मात्रा निर्धारित न्यूनतम सीमा से कम पाई गई.

दूध मामले में किन नियमों का उल्लंघन?

प्रयोगशाला के निष्कर्षों के आधार पर मामले में खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत असुरक्षित तथा निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले खाद्य पदार्थों से संबंधित प्रावधानों के उल्लंघन की बात सामने आई है. इसके बाद सक्षम प्राधिकारी ने डोडला डेयरी के साथ-साथ उत्पाद के निर्माण और मार्केटिंग से जुड़े अन्य खाद्य कारोबारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने की मंजूरी दी. असुरक्षित और मानक के अनुरूप नहीं पाए गए दूध के मामले में आगे की कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं.

पीली किशमिश में कीटनाशक

FSSAI की कार्रवाई में UEIR ऑर्गेनिक फूड्स का नाम भी शामिल है. कंपनी की ओर से बेची जा रही पीली किशमिश के एक नमूने में कीटनाशकों के अवशेष पाए गए. इसके बाद उत्पाद से संबंधित खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर कार्रवाई शुरू की गई.

कंपनियों पर शिकंजा

तीनों मामलों में FSSAI की कार्रवाई का आधार खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर जांच में सामने आई चिंताएं हैं. सूर्या फूड एंड एग्रो के मामले में पशुओं के चारे के लिए बने चोकर के इस्तेमाल और विनिर्माण संयंत्र की खामियां सामने आईं. डोडला डेयरी के दूध के नमूने में डिटर्जेंट और कॉस्टिक सोडा की मौजूदगी के साथ वसा की कमी पाई गई. वहीं UEIR ऑर्गेनिक फूड्स की पीली किशमिश के नमूने में कीटनाशकों के अवशेष मिले. FSSAI ने इन तीनों मामलों में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.

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Last Updated: October 17, 2026 14:32:49 IST

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FSSAI food safety violations: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य सुरक्षा नियमों के कथित गंभीर उल्लंघनों को लेकर तीन कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है. इनमें प्रियागोल्ड बिस्कुट बनाने वाली सूर्या फूड एंड एग्रो, डोडला डेयरी और UEIR ऑर्गेनिक फूड्स शामिल हैं. नियामक की जांच में बिस्कुट बनाने में पशुओं के चारे के लिए इस्तेमाल होने वाले चोकर के उपयोग, फुल क्रीम दूध में डिटर्जेंट और कॉस्टिक सोडा की मौजूदगी और पीली किशमिश में कीटनाशकों के अवशेष मिले हैं. 

FSSAI ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि इन कंपनियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा के गंभीर उल्लंघनों को लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है.

प्रियागोल्ड बिस्कुट वाली कंपनी पर कार्रवाई?

सूर्या फूड एंड एग्रो के खिलाफ कार्रवाई एक उपभोक्ता की शिकायत के बाद किए गए निरीक्षण से जुड़ी है. कंपनी के प्लांट की जांच में अधिकारियों को साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कई खामियां मिलीं. FSSAI के मुताबिक, कंपनी प्रियागोल्ड बिस्कुट बनाने में कच्चे माल के रूप में पशुओं के चारे के लिए इस्तेमाल होने वाले चोकर का उपयोग कर रही थी. इस सामग्री का इस्तेमाल फाइबर के स्रोत के तौर पर किया जा रहा था. वहीं इसे इंसानों के खाने के लिए नहीं बनाया गया था.

प्लांट में साफ-सफाई में खामियां

निरीक्षण के दौरान सिर्फ कच्चे माल को लेकर ही नहीं बल्कि प्लांट के संचालन में भी कई कमियां पाई गईं. इनमें साफ-सफाई, कीट नियंत्रण, कच्चे माल के भंडारण और अलग-अलग सामग्री रखने की व्यवस्था, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता तथा परिसर के रखरखाव से जुड़ी समस्याएं शामिल थीं. बिस्कुट बनाने की प्रक्रिया के दौरान इस्तेमाल होने वाले मिश्रणों को संभालने के तरीके में भी खामियां सामने आईं. गंभीर उल्लंघन पाए जाने के बाद FSSAI ने सूर्या फूड एंड एग्रो का लाइसेंस पहले ही निलंबित कर दिया था. अब कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है.

डोडला डेयरी के फुल क्रीम दूध में क्या मिला?

डोडला डेयरी के फुल क्रीम दूध का एक नमूना जांच में निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरा. दूध में मिल्क फैट यानी दूध की वसा की मात्रा तय मानकों से कम पाई गई, जिसके कारण इसे घटिया गुणवत्ता वाला घोषित किया. कंपनी ने शुरुआती जांच के नतीजों के खिलाफ अपील की. इसके बाद नमूने को रेफरल फूड लेबोरेटरी में जांच के लिए भेजा गया. वहां की जांच में मामला और गंभीर हो गया. प्रयोगशाला ने नमूने में डिटर्जेंट और कॉस्टिक सोडा की मौजूदगी की पुष्टि की और इसे असुरक्षित बताया. साथ ही, दूध में फैट की मात्रा निर्धारित न्यूनतम सीमा से कम पाई गई.

दूध मामले में किन नियमों का उल्लंघन?

प्रयोगशाला के निष्कर्षों के आधार पर मामले में खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत असुरक्षित तथा निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले खाद्य पदार्थों से संबंधित प्रावधानों के उल्लंघन की बात सामने आई है. इसके बाद सक्षम प्राधिकारी ने डोडला डेयरी के साथ-साथ उत्पाद के निर्माण और मार्केटिंग से जुड़े अन्य खाद्य कारोबारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने की मंजूरी दी. असुरक्षित और मानक के अनुरूप नहीं पाए गए दूध के मामले में आगे की कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं.

पीली किशमिश में कीटनाशक

FSSAI की कार्रवाई में UEIR ऑर्गेनिक फूड्स का नाम भी शामिल है. कंपनी की ओर से बेची जा रही पीली किशमिश के एक नमूने में कीटनाशकों के अवशेष पाए गए. इसके बाद उत्पाद से संबंधित खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर कार्रवाई शुरू की गई.

कंपनियों पर शिकंजा

तीनों मामलों में FSSAI की कार्रवाई का आधार खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर जांच में सामने आई चिंताएं हैं. सूर्या फूड एंड एग्रो के मामले में पशुओं के चारे के लिए बने चोकर के इस्तेमाल और विनिर्माण संयंत्र की खामियां सामने आईं. डोडला डेयरी के दूध के नमूने में डिटर्जेंट और कॉस्टिक सोडा की मौजूदगी के साथ वसा की कमी पाई गई. वहीं UEIR ऑर्गेनिक फूड्स की पीली किशमिश के नमूने में कीटनाशकों के अवशेष मिले. FSSAI ने इन तीनों मामलों में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.

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