Haryana Crime News: हरियाणा के गांव तलौडा में बुधवार देर रात एक दिल दहला देने वाली वारदात हुई. जहां एक पिता ने ही अपने कलेजे के टुकड़े की जान ले ली. महज पौने तीन एकड़ जमीन के लालच में पूर्व सरपंच ने अपने 26 साल के बेटे मुरारी लाल को गोलियों से छलनी कर दिया. इस घटना ने पूरे गांव को हिला कर रख दिया है. पत्नी का आरोप है कि हत्या पुलिस के सामने हुई, जबकि पुलिस इससे इनकार कर रही है.
पौने तीन एकड़ जमीन बनी मौत की वजह
बताया जा रहा है कि पिता मदन लाल और बेटे मुरारी लाल के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था. कोर्ट में पौने तीन एकड़ जमीन का केस चल रहा था. बुधवार को मदन लाल गांव में एक शादी में आया था. रात को पिता-पुत्र के बीच बहस हो गई. लोगों ने बीच-बचाव कर मुरारी को घर भेज दिया. लेकिन झगड़ा यहीं खत्म नहीं हुआ. आरोप है कि मदन ने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से मुरारी पर 7 से 8 फायर कर दिए. गोलियां उसके पेट और गर्दन में लगीं.
पुलिस के सामने हत्या या दूर?
इस मामले में दो अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं. मृतक की पत्नी शिवानी का आरोप है कि जब हत्या हुई तब डायल 112 की टीम मौके पर ही थी. इसमें एसपीओ जगबीर सिंह और एसआई वजीर मौजूद थे. फायरिंग होते ही पुलिसकर्मी मौके से भाग गए. वहीं एसपी कुलदीप सिंह का कहना है कि हत्या पुलिस के सामने नहीं हुई. पुलिस कुछ दूरी पर थी. जैसे ही मुरारी ने कमरे का दरवाजा खोला, पिता ने फायर कर दिया.
3 साल का बेटा बेसहारा
मुरारी की शादी चार साल पहले शिवानी से हुई थी. उनका एक तीन साल का बेटा भी है. शिवानी ने सास मनजीत कौर, ननद पूजा और वंदना, और गांव के ही गुरबख्श और कमलू पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है. शिवानी का कहना है कि मुरारी ने पहले भी कई बार पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. उसका ससुर लगातार जान से मारने की धमकी देता था.
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कोर्ट में सरेंडर का ड्रामा
हत्या के बाद आरोपी मदन लाल फरार हो गया था. गुरुवार दोपहर वह कोर्ट में वकील के जरिए सरेंडर करने आया. इसी दौरान पुलिस ने उसे कोर्ट के बाहर ही गिरफ्तार कर लिया. इस दौरान वकील और पुलिस में कहासुनी भी हुई. पुलिस ने आरोपी को दो दिन के रिमांड पर लिया है. पुलिस ने मदन लाल पर हत्या और बाकी आरोपियों पर साजिश का मामला दर्ज किया है. मदन लाल पहले चंडीगढ़ पुलिस में कांस्टेबल था, बाद में नौकरी छोड़कर होटल चलाने लगा था.
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