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Bargi Dam Accident: कैसे गई 15 लोगों की जान? बरगी डैम हादसे को लेकर बड़ा खुलासा; सुन कांप जाएगी रूह

Jabalpur Bargi Dam Accident: आगरा से आर्मी की टीम और NDRF ने मोर्चा संभाल लिया है. भारी हाइड्रोलिक मशीनें और JCB नीचे उतारी गई हैं जिससे चट्टानों के बीच से रास्ता बन गया है. क्रूज शिप के कुछ हिस्सों को गैस कटर से काटा जा रहा है क्योंकि डर है कि कुछ लाशें अभी भी अंदर फंसी हो सकती हैं.

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Last Updated: May 1, 2026 15:07:30 IST

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Jabalpur Bargi Dam Accident: जबलपुर के बरगी डैम पर गुरुवार शाम को हुआ क्रूज़ शिप हादसा अब एक बड़ी इंसानी त्रासदी बन गया है. अब तक नौ लाशें बरामद की जा चुकी हैं, और छह की तलाश जारी है. 22 लोगों को बचा लिया गया है. इस बीच, दिल्ली की एक चश्मदीद संगीता कोरी की गवाही ने एडमिनिस्ट्रेशन और क्रूज़ मैनेजमेंट के ढीले-ढाले सिक्योरिटी इंतज़ामों की पोल खोल दी है. हादसे के समय अपने परिवार के साथ क्रूज़ पर मौजूद संगीता कोरी ने बताया कि वह दिल्ली से जबलपुर आई थीं. शाम करीब 6 बजे, जब क्रूज़ वापस आ रहा था, तो मौसम खराब हो गया और तेज हवाएं चलने लगीं.

किसी भी पैसेंजर के पास नहीं थी लाइफ जैकेट

संगीता का आरोप है कि क्रूज पर किसी भी पैसेंजर के पास लाइफ़ जैकेट नहीं थी. जब क्रूज़ डूबने लगा, तो स्टोररूम से जैकेट निकालने की कोशिश की गई. इससे पैसेंजर में अफ़रा-तफ़री मच गई और वे मौत के मुंह में समा गए. संगीता के भाई ने स्टोररूम का दरवाज़ा तोड़कर जैकेट बांटे, लेकिन तब तक क्रूज़ का बैलेंस बिगड़ चुका था और वह पलट गया था.

 चेतावनी को किया नजरअंदाज

संगीता के मुताबिक हादसे के समय किनारे पर मौजूद लोकल लोगों ने चिल्लाकर ड्राइवर को क्रूज़ शिप को सुरक्षित दिशा में ले जाने का इशारा किया. लेकिन, ड्राइवर ने उन्हें नज़रअंदाज़ कर दिया. संगीता ने आरोप लगाया कि ड्राइवर को ज़्यादा अनुभव नहीं था. क्रूज़ मैनेजमेंट पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “कम से कम उन लोगों की जान की सुरक्षा तो पक्की होनी चाहिए जिनसे कमाई हो रही है.”

9 लाशें बरामद, 6 अभी भी लापता

शुक्रवार सुबह रेस्क्यू ऑपरेशन में तेज़ी आई. ताज़ा जानकारी के मुताबिक, कुल 22 लोगों को बचाया गया. अब तक नौ लाशें बरामद हो चुकी हैं. छह लोग अभी भी लापता हैं, और आर्मी के डाइवर्स उनकी तलाश कर रहे हैं.

ऑपरेशन ‘हाइड्रोलिक’: क्रूज को बाहर निकालने की जंग

आगरा से आर्मी की टीम और NDRF ने मोर्चा संभाल लिया है. भारी हाइड्रोलिक मशीनें और JCB नीचे उतारी गई हैं, जिससे चट्टानों के बीच से रास्ता बन गया है. क्रूज़ शिप के कुछ हिस्सों को गैस कटर से काटा जा रहा है, क्योंकि डर है कि कुछ लाशें अभी भी अंदर फंसी हो सकती हैं. PWD मिनिस्टर राकेश सिंह और टूरिज्म मिनिस्टर धर्मेंद्र लोधी समेत सीनियर अधिकारी मौके पर मौजूद हैं.

क्या जहाज पर कैपेसिटी से ज़्यादा लोग थे?

जिस क्रूज़ शिप का एक्सीडेंट हुआ, वह 2006 से चल रहा था. ऑफिशियली, यह बताया गया कि जहाज पर 29 टूरिस्ट और दो क्रू मेंबर थे, लेकिन चश्मदीद संगीता ने बताया कि जहाज पर लगभग 40 लोग थे, जिनमें 10-12 बच्चे भी शामिल थे, जिनके पास टिकट नहीं था.

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Jabalpur Bargi Dam Accident: जबलपुर के बरगी डैम पर गुरुवार शाम को हुआ क्रूज़ शिप हादसा अब एक बड़ी इंसानी त्रासदी बन गया है. अब तक नौ लाशें बरामद की जा चुकी हैं, और छह की तलाश जारी है. 22 लोगों को बचा लिया गया है. इस बीच, दिल्ली की एक चश्मदीद संगीता कोरी की गवाही ने एडमिनिस्ट्रेशन और क्रूज़ मैनेजमेंट के ढीले-ढाले सिक्योरिटी इंतज़ामों की पोल खोल दी है. हादसे के समय अपने परिवार के साथ क्रूज़ पर मौजूद संगीता कोरी ने बताया कि वह दिल्ली से जबलपुर आई थीं. शाम करीब 6 बजे, जब क्रूज़ वापस आ रहा था, तो मौसम खराब हो गया और तेज हवाएं चलने लगीं.

किसी भी पैसेंजर के पास नहीं थी लाइफ जैकेट

संगीता का आरोप है कि क्रूज पर किसी भी पैसेंजर के पास लाइफ़ जैकेट नहीं थी. जब क्रूज़ डूबने लगा, तो स्टोररूम से जैकेट निकालने की कोशिश की गई. इससे पैसेंजर में अफ़रा-तफ़री मच गई और वे मौत के मुंह में समा गए. संगीता के भाई ने स्टोररूम का दरवाज़ा तोड़कर जैकेट बांटे, लेकिन तब तक क्रूज़ का बैलेंस बिगड़ चुका था और वह पलट गया था.

 चेतावनी को किया नजरअंदाज

संगीता के मुताबिक हादसे के समय किनारे पर मौजूद लोकल लोगों ने चिल्लाकर ड्राइवर को क्रूज़ शिप को सुरक्षित दिशा में ले जाने का इशारा किया. लेकिन, ड्राइवर ने उन्हें नज़रअंदाज़ कर दिया. संगीता ने आरोप लगाया कि ड्राइवर को ज़्यादा अनुभव नहीं था. क्रूज़ मैनेजमेंट पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “कम से कम उन लोगों की जान की सुरक्षा तो पक्की होनी चाहिए जिनसे कमाई हो रही है.”

9 लाशें बरामद, 6 अभी भी लापता

शुक्रवार सुबह रेस्क्यू ऑपरेशन में तेज़ी आई. ताज़ा जानकारी के मुताबिक, कुल 22 लोगों को बचाया गया. अब तक नौ लाशें बरामद हो चुकी हैं. छह लोग अभी भी लापता हैं, और आर्मी के डाइवर्स उनकी तलाश कर रहे हैं.

ऑपरेशन ‘हाइड्रोलिक’: क्रूज को बाहर निकालने की जंग

आगरा से आर्मी की टीम और NDRF ने मोर्चा संभाल लिया है. भारी हाइड्रोलिक मशीनें और JCB नीचे उतारी गई हैं, जिससे चट्टानों के बीच से रास्ता बन गया है. क्रूज़ शिप के कुछ हिस्सों को गैस कटर से काटा जा रहा है, क्योंकि डर है कि कुछ लाशें अभी भी अंदर फंसी हो सकती हैं. PWD मिनिस्टर राकेश सिंह और टूरिज्म मिनिस्टर धर्मेंद्र लोधी समेत सीनियर अधिकारी मौके पर मौजूद हैं.

क्या जहाज पर कैपेसिटी से ज़्यादा लोग थे?

जिस क्रूज़ शिप का एक्सीडेंट हुआ, वह 2006 से चल रहा था. ऑफिशियली, यह बताया गया कि जहाज पर 29 टूरिस्ट और दो क्रू मेंबर थे, लेकिन चश्मदीद संगीता ने बताया कि जहाज पर लगभग 40 लोग थे, जिनमें 10-12 बच्चे भी शामिल थे, जिनके पास टिकट नहीं था.

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