Kanwar Mela Traffic Plan: हरिद्वार जिला पुलिस ने आज यानी बुधवार (29 जुलाई, 2026) को दो हफ्ते तक चलने वाले कांवड़ मेले के लिए ट्रैफिक डायवर्जन और पाबंदियों का एक डिटेल्ड प्लान जारी किया. यह मेला गुरुवार से शुरू हो रहा है और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों के वाहनों के चलने पर रोक रहेगी.
कांवड़ मेला ट्रैफ़िक प्लान-2026 के तहत, सबसे ज्यादा असर नरसैन, रुड़की और हरिद्वार के बीच NH-58 के हिस्से पर पड़ने की उम्मीद है, जहां कांवड़ियों, खासकर सजी-धजी कांवड़ ले जाने वाले वाहनों की भारी आवाजाही होती है. इसको लेकर अधिकारियों का बयान सामने आया है. जिसमें उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि यात्रा के सबसे व्यस्त दिनों में NH-58 आम ट्रैफिक के लिए बंद रहेगा और सभी लेन सिर्फ कांवड़ियों के लिए खोली जाएंगी.
हरिद्वार एसएसपी ने क्या कहा?
हरिद्वार के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे कांवड़ियों के वाहनों के लिए नहीं खोला जाएगा. इस पाबंदी का मकसद यह पक्का करना है कि आम यात्रियों के पास दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा करने के लिए एक वैकल्पिक रास्ता हो और वे नए खुले एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करके बिहारिगढ़ की तरफ़ से हरिद्वार भी पहुँच सकें. दिल्ली, पंजाब और हरियाणा से आने वाली राज्य परिवहन की बसों को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की तरफ डायवर्ट किया जाएगा और मंडावर-अब्दुल कलाम चौक से वे ऋषिकुल ग्राउंड की तरफ जाएंगी, जो हर-की-पौड़ी से लगभग 3 किमी दूर है.
लदपुर के रास्ते इस बसों को किया जाएगा डायवर्ट
पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिजनौर और नजीबाबाद से आने वाली राज्य परिवहन की बसों को लदपुर के रास्ते नीलधारा की तरफ डायवर्ट किया जाएगा, जो हर-की-पौड़ी से लगभग 2.5 किमी दूर है. देहरादून और ऋषिकेश से आने वाली बसों को हरिद्वार-नजीबाबाद-काशीपुर नेशनल हाईवे पर लहादपुर रूट का इस्तेमाल करने की इजाजत होगी. पुलिस ने बताया कि चार-लेन वाली सड़क, उसके फ्लाईओवर और सर्विस लेन कांवड़ियों और आम ट्रैफिक, दोनों के लिए अतिरिक्त जगह उपलब्ध कराएगी.
पंजाब और दिल्ली से आने वाली प्राइवेट बसों को भी दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा. मंडावर-नगला इमर्ती से वे लक्सर होते हुए बैरागी कैंप के माध्यम से हरिद्वार में प्रवेश करेंगी.
भारी कमर्शियल वाहनों को लेकर क्या है प्लान?
भारी कमर्शियल वाहनों को हरिद्वार जिले में प्रवेश करने की इजाजत सिर्फ 4 अगस्त तक और वह भी आधी रात से सुबह 4 बजे के बीच ही होगी. 5 अगस्त से 11 अगस्त की आधी रात तक जब कांवड़ मेला खत्म होगा, पूरे जिले में भारी कमर्शियल गाड़ियों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक रहेगी. ऐसी गाड़ियों के लिए हरिद्वार शहर के बाहर पार्किंग की व्यवस्था की गई है. दिल्ली की तरफ से आने वाली गाड़ियां मंडावर में पार्क की जाएंगी, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और नजीबाबाद की तरफ से आने वाली गाड़ियां चिड़ियापुर और कांगड़ी में पार्क की जाएंगी.
तीर्थयात्रियों के लिए क्या है प्लान?
दिल्ली से केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए पुलिस ने मेरठ, गढ़मुक्तेश्वर और कोटद्वार होते हुए पौड़ी, श्रीनगर गढ़वाल और रुद्रप्रयाग जाने वाले रास्तों की सलाह दी है. दोनों धामों की यात्रा करने वाले तीर्थयात्री दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल भी कर सकते हैं और ऋषिकेश से देवप्रयाग, श्रीनगर और रुद्रप्रयाग होते हुए आगे बढ़ सकते हैं. पैदल यात्रा करने वाले कांवड़िए गंगा नहर के किनारे बने पारंपरिक कांवड़ रास्ते का इस्तेमाल करेंगे, जो हर-की-पौड़ी से बहादराबाद और रुड़की होते हुए उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा की ओर जाता है.
नजीबाबाद, बिजनौर, मुजफ्फरनगर और मुरादाबाद की ओर जाने वाले पैदल कांवड़िए हर-की-पौड़ी से चंडी घाट श्राइन चौक, 4.2 ब्रिज, गंगा नहर पटरी, रसियाबाद और नजीबाबाद होते हुए तय किए गए पैदल रास्ते का इस्तेमाल करेंगे. दिल्ली से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम जाने वाले तीर्थयात्रियों को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करने और देहरादून पहुंचने के बाद उत्तरकाशी होते हुए गढ़वाल की पहाड़ियों की ओर जाने की सलाह दी जाएगी.
मेले के दौरान हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच चलने वाली गाड़ियों के लिए चिल्ला मोटर रोड को भी वन-वे रूट के तौर पर चलाया जाएगा. हरिद्वार के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (SSP) नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा kf कांवड़ यात्रा के सबसे व्यस्त दिनों में गाड़ियों की बहुत ज्यादा भीड़ और ट्रैफिक का दबाव होने पर हम हिल बाईपास खोल देंगे. कांवड़ मेले के दौरान एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को इस रास्ते का इस्तेमाल करने की इजाजत होगी.