NMC MBBS Exam: MBBS की पढ़ाई कर रहे उन छात्रों के लिए राहत की खबर है, जो फर्स्ट प्रोफेशनल परीक्षा निर्धारित प्रयासों में पास नहीं कर पाए हैं. नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने शैक्षणिक सत्र 2019-20 से दाखिला लेने वाले पात्र छात्रों को एक अतिरिक्त मौका देने की अनुमति दी है. 15 अक्टूबर को घोषित इस फैसले के तहत छात्रों को एक बार के लिए विशेष छूट यानी ‘मर्सी अटेम्प्ट’ दिया जाएगा. हालांकि, यह राहत सभी छात्रों को नहीं मिलेगी और MBBS कोर्स पूरा करने की अधिकतम समय सीमा में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है.
2019-20 से MBBS में दाखिला लेने वाले छात्रों को राहत
नेशनल मेडिकल कमीशन के इस फैसले से उन पात्र MBBS छात्रों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके मामले लंबित हैं और जो अब तक फर्स्ट प्रोफेशनल परीक्षा पास नहीं कर पाए हैं. आयोग ने शैक्षणिक सत्र 2019-20 से दाखिला लेने वाले छात्रों को एक अतिरिक्त प्रयास की अनुमति दी है. इसका उद्देश्य निर्धारित प्रयासों में परीक्षा पास नहीं कर पाने वाले योग्य छात्रों को एक और अवसर देना है.
यह छूट एक बार के लिए दी गई है. इसका मतलब है कि इसे MBBS परीक्षा के नियमों में स्थायी बदलाव नहीं माना जाएगा. इस फैसले का लाभ केवल उन्हीं छात्रों को मिल सकेगा, जो आयोग की अधिसूचना में निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं.
क्या है मर्सी अटेम्प्ट और किसे मिलेगा फायदा?
NMC की ओर से दिए गए इस अतिरिक्त प्रयास को ‘मर्सी अटेम्प्ट’ कहा गया है. इसके तहत पात्र छात्रों को फर्स्ट प्रोफेशनल MBBS परीक्षा पास करने के लिए एक और मौका मिलेगा. यह फैसला खास तौर पर उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है, जो परीक्षा पास नहीं कर पाने के कारण आगे की पढ़ाई में प्रगति नहीं कर पा रहे हैं. हालांकि, केवल 2019-20 या उसके बाद के शैक्षणिक सत्र में दाखिला लेना ही इस छूट का लाभ पाने के लिए पर्याप्त नहीं है. छात्रों को अधिसूचना में दी गई अन्य शर्तों को भी पूरा करना होगा. इसलिए आवेदन करने से पहले अपने मेडिकल कॉलेज और संबंधित अधिकारियों से पात्रता की पुष्टि करना जरूरी है.
MBBS पूरा करने के लिए 10 साल की समय सीमा बरकरार
अतिरिक्त प्रयास की अनुमति देने के साथ ही NMC ने MBBS कोर्स पूरा करने की अधिकतम समय सीमा में कोई बदलाव नहीं किया है. आयोग के अनुसार, छात्रों को दाखिले की तारीख से अधिकतम 10 साल के भीतर अपना MBBS कोर्स पूरा करना होगा. इसका मतलब है कि मर्सी अटेम्प्ट मिलने से छात्रों को कोर्स पूरा करने के लिए निर्धारित 10 साल की समय सीमा से अतिरिक्त समय नहीं मिलेगा. पात्र छात्रों को इस अवधि को ध्यान में रखते हुए परीक्षा की तैयारी और आगे की पढ़ाई की योजना बनानी होगी.
मेडिकल कॉलेज से संपर्क कर लें पूरी जानकारी
फर्स्ट प्रोफेशनल परीक्षा MBBS पाठ्यक्रम का एक महत्वपूर्ण चरण है. इसे पास करना आगे की पढ़ाई में प्रगति के लिए जरूरी होता है. ऐसे में परीक्षा पास करने में असफल रहने वाले छात्रों के लिए अतिरिक्त प्रयास का अवसर महत्वपूर्ण साबित हो सकता है. NMC ने पहले भी कुछ विशेष परिस्थितियों में MBBS छात्रों को सीमित राहत दी है. हालांकि, ऐसी छूट संबंधित अधिसूचना में तय शर्तों के आधार पर ही लागू होती है. इसलिए छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे आयोग की आधिकारिक अधिसूचना देखें और अपने मेडिकल कॉलेज से संपर्क करके आवेदन की प्रक्रिया, पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी प्राप्त करें.