Raghav Chadha Net Worth: हाल ही में ‘आम आदमी पार्टी’ के फाउंडर मेंबर और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार (24 अप्रैल) को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी से अलग होने का ऐलान कर दिया है. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चड्ढा ने ये घोषणा की.
राघव के साथ मंच पर आम आदमी पार्टी के 2 अन्य सांसद- संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी नजर आए. आम आदमी पार्टी में पिछले काफी समय से उठापटक चल रही थी. कुछ समय पहले ही आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया था. राघव चड्ढा अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए हैं.
राघव चड्ढा की नेटवर्थ
इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच राघव चड्ढा की नेटवर्थ भी चर्चा में है. रिपोर्ट्स के मुताबिक राघव चड्ढा की कुल नेटवर्थ करीब 50 लाख रुपये है. उनके पास करीब 36 लाख रुपये का एक घर है. साथ ही उनके पास मारुति सुजुकी डिजायर कार है, इसके अलावा उनके पास करीब 4.94 लाख रुपये का सोना और लगभग 6 लाख रुपये के बॉन्ड और शेयर भी हैं.
ये भी पढ़ें:- Raghav Chadha Controversy: आम आदमी पार्टी और राघव चढ़ा के मन में कैसे आई दूरी? जानें पूरी कनट्रोवर्सी
राजनीतिक करियर
चड्ढा आम आदमी पार्टी की स्थापना से ही इसका हिस्सा रहे हैं. अरविंद केजरीवाल ने उन्हें 2012 में दिल्ली लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया, जो उनका पहला राजनीतिक कार्य भी था. उन्होंने खुद को AAP के टीवी चेहरे के रूप में स्थापित किया और AAP के सबसे युवा राष्ट्रीय प्रवक्ता और सभी पार्टियों में सबसे युवा प्रवक्ताओं में से एक बन गए. जब AAP ने 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में बहुमत से जीत हासिल की, तो 26 साल की उम्र में चड्ढा को AAP का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया.
फरवरी 2020 में, चड्ढा ने 2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव में राजिंदर नगर से चुनाव लड़ा और भाजपा के उम्मीदवार आरपी सिंह को 20,058 वोटों के भारी अंतर से हराया। उन्हें कुल वोटों का 57.06% प्राप्त हुआ. चुनाव के बाद, उन्हें दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया, जहाँ उन्होंने स्वच्छ, 24×7 पाइप से पानी की आपूर्ति और यमुना नदी की सफाई पर ध्यान केंद्रित किया, जिससे दिल्ली की जल प्रबंधन प्रणालियों में उल्लेखनीय सुधार हुआ. 21 मार्च 2022 को यह घोषणा की गई कि चड्ढा को चार अन्य लोगों के साथ आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा पंजाब से राज्यसभा सदस्य के पद के लिए 2022 से शुरू होने वाले छह साल के कार्यकाल के लिए मनोनीत किया गया है. किसी भी विपक्षी उम्मीदवार ने उनके चुनाव का विरोध नहीं किया. इससे वे 33 वर्ष की आयु में अब तक के सबसे युवा भारतीय राज्यसभा सांसद बन गए.