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West Bengal Assembly Election 2026: जहां पिछली बार हारी थीं ममता बनर्जी, उस सीट पर EC ने कर दिया ‘खेला’

West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की हॉट सीट नंदीग्राम में मतदान से ठीक दो दिन पहले चुनाव आयोग ने पुलिस ऑब्जर्वर बदला है.

Written By: JP YADAV
Last Updated: April 22, 2026 09:14:36 IST

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West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (West Bengal Assembly Election 2026) के तहत पहले चरण में 152 सीटों पर गुरुवार (23 अप्रैल, 2026) को मतदान होना है. इसके लिए भारतीय निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने पूरी तैयारी कर ली है. पिछली बार की तरह इस बार भी पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम विधानसभा सीट चर्चा में है. पिछली बार इस सीट पर ममता बनर्जी भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी से हार गई थीं. इस बीच इसमें नया ट्विस्ट आ गया है.

चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में मतदान से ठीक दो दिन पहले यानी मंगलवार (21 अप्रैल, 2026) को चुनाव आयोग ने पुलिस पर्यवेक्षक को बदल दिया है. इससे पहले चुनाव आयोग ने मालदा और जांगीपुर में तैनात पर्यवेक्षकों को बदल दिया था.  यहां पर बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा के 294 सदस्यों के लिए चुनाव दो चरणों में होंगे. पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान होगा. इसके बाद दूसरे चरण में 29 अप्रैल को बची सीटों पर वोटिंग होगी. वोटों की गिनती 4 मई, 2026 को होगी.

लगा था पक्षपात का आरोप

चुनाव आयोग के अधिकारी के मुताबिक, नंदीग्राम के पुलिस पर्यवेक्षक हितेश चौधरी को हटाकर उनकी जगह अखिलेश सिंह को नियुक्त किया गया है. मुख्य चुनाव आयुक्त पहले ही कह चुके हैं कि पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग कोई कसर नहीं छोड़ेगा. बताया जा रहा है कि यह कदम तृणमूल कांग्रेस द्वारा नंदीग्राम पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी के खिलाफ पक्षपात के आरोप लगाने के एक दिन बाद उठाया गया है

भाजपा नेताओं ने दर्ज कराई थी शिकायत

इससे पहले सोमवार (20 अप्रैल, 2026) को पुलिस पर्यवेक्षक को लिखे एक पत्र में टीएमसी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों के खिलाफ पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. उन्होंने कहा कि सत्ताधारी पार्टी ने पुलिस पर्यवेक्षक से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी. आगे बताया कि शिकायत मिलने के तुरंत बाद पर्यवेक्षक को बदलने का आदेश जारी कर दिया गया था. चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल भर में 84 पुलिस पर्यवेक्षकों को तैनात किया है, जिनमें से प्रत्येक अधिकारी को चुनाव के दौरान कानून और व्यवस्था की निगरानी के लिए कई निर्वाचन क्षेत्रों का जिम्मा सौंपा गया है. यहां पर बता दें कि बंगाल चुनाव में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और भाजपा मुख्य मुकाबले में हैं.

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West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (West Bengal Assembly Election 2026) के तहत पहले चरण में 152 सीटों पर गुरुवार (23 अप्रैल, 2026) को मतदान होना है. इसके लिए भारतीय निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने पूरी तैयारी कर ली है. पिछली बार की तरह इस बार भी पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम विधानसभा सीट चर्चा में है. पिछली बार इस सीट पर ममता बनर्जी भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी से हार गई थीं. इस बीच इसमें नया ट्विस्ट आ गया है.

चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में मतदान से ठीक दो दिन पहले यानी मंगलवार (21 अप्रैल, 2026) को चुनाव आयोग ने पुलिस पर्यवेक्षक को बदल दिया है. इससे पहले चुनाव आयोग ने मालदा और जांगीपुर में तैनात पर्यवेक्षकों को बदल दिया था.  यहां पर बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा के 294 सदस्यों के लिए चुनाव दो चरणों में होंगे. पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान होगा. इसके बाद दूसरे चरण में 29 अप्रैल को बची सीटों पर वोटिंग होगी. वोटों की गिनती 4 मई, 2026 को होगी.

लगा था पक्षपात का आरोप

चुनाव आयोग के अधिकारी के मुताबिक, नंदीग्राम के पुलिस पर्यवेक्षक हितेश चौधरी को हटाकर उनकी जगह अखिलेश सिंह को नियुक्त किया गया है. मुख्य चुनाव आयुक्त पहले ही कह चुके हैं कि पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग कोई कसर नहीं छोड़ेगा. बताया जा रहा है कि यह कदम तृणमूल कांग्रेस द्वारा नंदीग्राम पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी के खिलाफ पक्षपात के आरोप लगाने के एक दिन बाद उठाया गया है

भाजपा नेताओं ने दर्ज कराई थी शिकायत

इससे पहले सोमवार (20 अप्रैल, 2026) को पुलिस पर्यवेक्षक को लिखे एक पत्र में टीएमसी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों के खिलाफ पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. उन्होंने कहा कि सत्ताधारी पार्टी ने पुलिस पर्यवेक्षक से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी. आगे बताया कि शिकायत मिलने के तुरंत बाद पर्यवेक्षक को बदलने का आदेश जारी कर दिया गया था. चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल भर में 84 पुलिस पर्यवेक्षकों को तैनात किया है, जिनमें से प्रत्येक अधिकारी को चुनाव के दौरान कानून और व्यवस्था की निगरानी के लिए कई निर्वाचन क्षेत्रों का जिम्मा सौंपा गया है. यहां पर बता दें कि बंगाल चुनाव में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और भाजपा मुख्य मुकाबले में हैं.

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