17
Women Reservation Bill: लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर मतदान शुरू केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल ने मतदान का रखा प्रस्ताव. महिला आरक्षण विधेयक के लिए कुल 489 सांसदों ने वोट.
लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पास नहीं हो पाया है. संवैधानिक संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका. विधेयक को पारित करने के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि इसके विरोध में 230 वोट पड़े. जिसके बाद लोकसभा 18 अप्रैल यानी कल तक के लिए स्थगित कर दी गई है. जिसके बाद महिला आरक्षण विधेयक, डी लिमिटेशन एक्ट सहित तीनों बिल सरकार ने वापस लिए है.
कितने सांसदों ने डाला था वोट?
महिला आरक्षण बिल से जुड़ा 131वां संवैधानिक संशोधन बिल संसद में पास नहीं हो पाया. बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि इसके विरोध में 230 वोट डाले गए. लोकसभा में कुल 528 सांसदों ने वोट किया. इन बिलों को पास कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी. 528 का दो-तिहाई 352 होता है. नतीजतन, जरूरी बहुमत न मिल पाने के कारण, बिल पास नहीं हो सका और 54 वोटों से पीछे रह गया.
11 साल के कार्यकाल में पहली बार मोदी सरकार सदन में बिल पास करवाने में नाकाम
अपने 11 साल के कार्यकाल में, यह पहला मौका है जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास कराने में नाकाम रही है. वोटिंग से पहले, अमित शाह ने एक घंटे का भाषण दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि अगर ये बिल पास नहीं हुए, तो इसकी पूरी ज़िम्मेदारी विपक्ष की होगी. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अगर विपक्ष ने अपने वोट नहीं दिए, तो बिल पास नहीं होगा; और देश की महिलाएं यह देख रही हैं कि उनके रास्ते में कौन रुकावट बन रहा है.
इन संशोधन बिलों को लेकर लोकसभा में कुल 21 घंटे तक बहस हुई. इस चर्चा के दौरान, कुल 130 सांसदों ने अपने विचार रखे, जिनमें 56 महिला सांसद भी शामिल थीं.