Live TV
Search
Home > लाइफस्टाइल > Beat The Heat: ‘जेब में प्याज’ रखने से क्या सच में लू नहीं लगती? एक्सपर्ट ने बता दिया है इसके पीछे का कारण!

Beat The Heat: ‘जेब में प्याज’ रखने से क्या सच में लू नहीं लगती? एक्सपर्ट ने बता दिया है इसके पीछे का कारण!

हर साल धूप की तपिश और लू लगने के कारण लोगों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है. इसलिए दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने की सलाह दी जाती है. पहले समय में लू से बचने के लिए लोग जेब में प्याज रखके घर से निकलते थे, क्या आज के समय में भी ये नुस्खा काम करता है? इसके पीछे का लॉजिक क्या है? जानें

Written By: Kajal Jain
Last Updated: April 22, 2026 14:18:57 IST

Mobile Ads 1x1

इस साल अप्रैल के महीने में ही गर्मी ने कहर बरपाना चालू कर दिया है. बढ़ती गर्मी के मद्देनजर कई राज्यों में स्कूल की छुट्टियां की जा रही है. चिड़ियाघर के जानवरों को भी गर्मी से बचाने के उपाय किए जा रहे हैं, लेकिन ऑफिस जाने वालों के लिए अभी तक कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है. ऐसे में बेहतर रहेगा कि पहले ही धूप की तपिश और गर्म हवा के थपेड़ों से बचने के उपाय कर लिए जाएं. पुरानी मान्यताओं के आधार पर कुछ लोग जेब में प्याज रखके घर के बाहर निकलते हैं. इस बीच बड़ा सवाल ये है कि क्या सच में प्याज लू और गर्म हवाओं से रक्षा करता है? क्या है प्याज और लू के बीच का साइंस. समझें

क्या कहती हैं पुरानी मान्यताएं?

पुराने समय में एसी, कूलर और पंखे जैसी सुख-सुविधाएं कम थी, इसलिए लोग देसी जुगाड़ से काम चलाते थे. यही वजह है कि लू या गर्म हवाओं से बचने के लिए जेब में प्याज रखने का चलन बढ़ता चला गया.

हालांकि इस मान्यता को एक्सपर्ट सिरे से खारिज करते हैं. इस मामले में हेल्थ वेबसाइट ओनली माय हेल्थ से बातचीत करते हुए डायटीशियन कामिनी ने बताया कि जेब में प्याज रखने के कई फायदे नहीं हैं. ये कोई शील्ड का काम नहीं करता. हालांकि इसे डाइट में शामिल करने पर गर्मी के दुष्प्रभावों से बचा जा सकता है.

क्या गर्मी में फायदेमंद है प्याज?

डायटीशियन डॉ. कामिनी ने बताया कि लाल रंग के प्याज में क्वेरसेटिन नामक तत्व होता है, जो एंटी-हिस्टामाइन इफेक्ट देता है. इससे त्वचा पर रैशेज और इंसेक्ट बाइट में भी आराम मिलता है. प्याज में मौजूद वॉलटाइल ऑयल शरीर को ठंडा रखता ही है, जिससे लू या गर्म हवाओं का बुरा असर शरीर पर नहीं पड़ता. एक्सपर्ट का कहना है कि गर्मी में प्याज को खाने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करने में मदद मिलती है.

जेब में प्याज क्यों रखते थे लोग?

डायटीशियन डॉ. कामिनी बताती हैं कि कच्चे प्याज को सलाद के तौर पर खाते हैं तो ये शरीर की गर्मी को सोख लेता है और डी-हाइड्रेशन नहीं होने देता. लाल प्याज के रस को सिर, छाली और कान के लगाने पर भी लू और गर्मी के साइडइफेक्ट्स कम होने लगते हैं.

यदि आप दोपहर की तपती गर्मी में बाहर काम करते हैं तो लू से बचने के लिए अपनी डाइट में प्याज का रायता और सलाद शामिल कर सकते हैं. और यही वजह है कि पहले वक्त में लोग प्याज को जेब में डालकर रखते थे, ताकि लू के सेहत पर दुष्प्रभाव दिखने पर प्यार को किसी तरह कंज्यूम कर सकें.

लू से बचाएंगे ये फूड

बिना खाए या खाली पेट घर से निकलने पर लू और गर्मी का ज्यादा बुरा असर पड़ता है. ऐसी स्थिति में ज्यादा से ज्यादा फल और सलाद तो डाइट में शामिल करना चाहिए. ये शरीर के लिए जरूर पोषक तत्वों की आपूर्ति करते हाइड्रेशन रखते हैं. 

  • रोजाना खीरा, तरबूज, खरबूज, संतरा, मौसमी, आम, अनार, केला जैसे फल खाएं.
  • आप चाहें तो गन्ने का रस या फलों के ताजा जूस भी पी सकते हैं.
  • लौकी, तोरई, कद्दू, टिंडे जैसी हाइड्रेशन वाली हल्की सब्जियां खाएं.
  • अपने वाटर इनटेक को बढ़ाएं और रोजाना कम से कम 2 से 4 लीटर पानी पिएं. 
  • नारियल पानी, छाछ, लस्सी, नींबू पानी भी आपको गर्मी के साइड इफेक्ट से बचाते हैं. 

MORE NEWS

Home > लाइफस्टाइल > Beat The Heat: ‘जेब में प्याज’ रखने से क्या सच में लू नहीं लगती? एक्सपर्ट ने बता दिया है इसके पीछे का कारण!

Written By: Kajal Jain
Last Updated: April 22, 2026 14:18:57 IST

Mobile Ads 1x1

इस साल अप्रैल के महीने में ही गर्मी ने कहर बरपाना चालू कर दिया है. बढ़ती गर्मी के मद्देनजर कई राज्यों में स्कूल की छुट्टियां की जा रही है. चिड़ियाघर के जानवरों को भी गर्मी से बचाने के उपाय किए जा रहे हैं, लेकिन ऑफिस जाने वालों के लिए अभी तक कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है. ऐसे में बेहतर रहेगा कि पहले ही धूप की तपिश और गर्म हवा के थपेड़ों से बचने के उपाय कर लिए जाएं. पुरानी मान्यताओं के आधार पर कुछ लोग जेब में प्याज रखके घर के बाहर निकलते हैं. इस बीच बड़ा सवाल ये है कि क्या सच में प्याज लू और गर्म हवाओं से रक्षा करता है? क्या है प्याज और लू के बीच का साइंस. समझें

क्या कहती हैं पुरानी मान्यताएं?

पुराने समय में एसी, कूलर और पंखे जैसी सुख-सुविधाएं कम थी, इसलिए लोग देसी जुगाड़ से काम चलाते थे. यही वजह है कि लू या गर्म हवाओं से बचने के लिए जेब में प्याज रखने का चलन बढ़ता चला गया.

हालांकि इस मान्यता को एक्सपर्ट सिरे से खारिज करते हैं. इस मामले में हेल्थ वेबसाइट ओनली माय हेल्थ से बातचीत करते हुए डायटीशियन कामिनी ने बताया कि जेब में प्याज रखने के कई फायदे नहीं हैं. ये कोई शील्ड का काम नहीं करता. हालांकि इसे डाइट में शामिल करने पर गर्मी के दुष्प्रभावों से बचा जा सकता है.

क्या गर्मी में फायदेमंद है प्याज?

डायटीशियन डॉ. कामिनी ने बताया कि लाल रंग के प्याज में क्वेरसेटिन नामक तत्व होता है, जो एंटी-हिस्टामाइन इफेक्ट देता है. इससे त्वचा पर रैशेज और इंसेक्ट बाइट में भी आराम मिलता है. प्याज में मौजूद वॉलटाइल ऑयल शरीर को ठंडा रखता ही है, जिससे लू या गर्म हवाओं का बुरा असर शरीर पर नहीं पड़ता. एक्सपर्ट का कहना है कि गर्मी में प्याज को खाने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करने में मदद मिलती है.

जेब में प्याज क्यों रखते थे लोग?

डायटीशियन डॉ. कामिनी बताती हैं कि कच्चे प्याज को सलाद के तौर पर खाते हैं तो ये शरीर की गर्मी को सोख लेता है और डी-हाइड्रेशन नहीं होने देता. लाल प्याज के रस को सिर, छाली और कान के लगाने पर भी लू और गर्मी के साइडइफेक्ट्स कम होने लगते हैं.

यदि आप दोपहर की तपती गर्मी में बाहर काम करते हैं तो लू से बचने के लिए अपनी डाइट में प्याज का रायता और सलाद शामिल कर सकते हैं. और यही वजह है कि पहले वक्त में लोग प्याज को जेब में डालकर रखते थे, ताकि लू के सेहत पर दुष्प्रभाव दिखने पर प्यार को किसी तरह कंज्यूम कर सकें.

लू से बचाएंगे ये फूड

बिना खाए या खाली पेट घर से निकलने पर लू और गर्मी का ज्यादा बुरा असर पड़ता है. ऐसी स्थिति में ज्यादा से ज्यादा फल और सलाद तो डाइट में शामिल करना चाहिए. ये शरीर के लिए जरूर पोषक तत्वों की आपूर्ति करते हाइड्रेशन रखते हैं. 

  • रोजाना खीरा, तरबूज, खरबूज, संतरा, मौसमी, आम, अनार, केला जैसे फल खाएं.
  • आप चाहें तो गन्ने का रस या फलों के ताजा जूस भी पी सकते हैं.
  • लौकी, तोरई, कद्दू, टिंडे जैसी हाइड्रेशन वाली हल्की सब्जियां खाएं.
  • अपने वाटर इनटेक को बढ़ाएं और रोजाना कम से कम 2 से 4 लीटर पानी पिएं. 
  • नारियल पानी, छाछ, लस्सी, नींबू पानी भी आपको गर्मी के साइड इफेक्ट से बचाते हैं. 

MORE NEWS