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Kegel Exercise: कीगल एक्सरसाइज का कमाल, यौन स्वास्थ्य में करती है सुधार, पुरुष और महिला दोनों के लिए बेस्ट

Kegel Exercise: डॉक्टर आमतौर पर महिलाओं को सलाह देते हैं कि वे प्रेग्नेंसी के दौरान और बच्चे के जन्म के बाद अपनी पेल्विक मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए कीगल एक्सरसाइज करें.

Written By: Vipul Tiwary
Last Updated: April 18, 2026 16:40:31 IST

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Kegel Exercise: व्यायाम न केवल शरीर को फिट रखने में मदद करता है, बल्कि यह कई तरह की खतरनाक बीमारियों के होने के जोखिम को भी कम करता है. इसके अलावा, यह जीवनशैली से जुड़ी कुछ खास समस्याओं को नियंत्रण में रखने में भी सहायक हो सकता है. जैसे-जैसे लोगों की उम्र बढ़ती है, उनमें से कई लोगों को पेशाब लीक होने की समस्या का सामना करना पड़ता है; विशेष रूप से, यह समस्या अक्सर गर्भवती महिलाओं में भी देखी जाती है. इस संदर्भ में, इस समस्या को दूर करने में ‘कीगल व्यायाम’ अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है. आमतौर पर, डॉक्टर महिलाओं को पेल्विक मांसपेशियों की ताकत बढ़ाने के लिए इस व्यायाम को करने की सलाह देते हैं, चाहे वे गर्भवती हों या प्रसव के बाद के दौर में हों. तो आइए, माय उपचार के आधार पर किगल एक्सरसाइज के बारे में समझते हैं.

कीगल एक्सरसाइज क्या है?

पेल्विक मांसपेशियां वे मांसपेशियां होती हैं जो कूल्हों के बीच के हिस्से में स्थित होती हैं. इनका काम गर्भाशय, मूत्राशय, साथ ही छोटी आंत और मलाशय को नियंत्रित करना होता है. कीगल व्यायाम करने से पेल्विक मांसपेशियां मजबूत होती हैं, जिससे महिलाओं में यौन विकारों के साथ-साथ मूत्र और गर्भाशय से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मदद मिलती है. इस व्यायाम को करते समय, पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को थोड़ी देर के लिए सिकोड़ा जाता है और फिर ढीला छोड़ दिया जाता है. ठीक उसी तरह जैसे कोई व्यक्ति पेशाब के बहाव को रोकने की कोशिश करता है. यह व्यायाम बिल्कुल उसी तकनीक का इस्तेमाल करके किया जाता है.

कीगल एक्सरसाइज कैसे करें?

यह एक्सरसाइज किसी शांत जगह पर, बैठकर या लेटकर की जा सकती है.
कीगल एक्सरसाइज़ के लिए, अपनी पेल्विक मांसपेशियों को कुछ देर के लिए ढीला छोड़ दें, और फिर उतनी ही देर के लिए उन्हें कसकर रखें.
इस बात का खास ध्यान रखें कि एक्सरसाइज़ के दौरान आपकी पीठ के निचले हिस्से, पेट और जांघों की मांसपेशियां ढीली ही रहें.
आप मांसपेशियों को कसने और फिर ढीला छोड़ने में 5 सेकंड का समय ले सकते हैं. इस प्रक्रिया को 10 से 20 बार दोहराएं. यह एक्सरसाइज़ दिन में 2 से 3 बार की जा सकती है.

महिलाओं के लिए है विशेष फायदेमंद

कीगल एक्सरसाइज करने से सेक्स के दौरान यौन उत्तेजना बढ़ाने में मदद मिलती है. आजकल, नॉर्मल डिलीवरी कम होती जा रही है; इसका मुख्य कारण शारीरिक मेहनत की कमी है. शारीरिक गतिविधि में इस कमी के कारण, शरीर अपनी कसावट खो देता है, जिससे मांसपेशियाँ ढीली और कमज़ोर हो जाती हैं. नतीजतन, कई महिलाएँ नॉर्मल डिलीवरी के लिए शारीरिक रूप से तैयार नहीं होतीं. हालाँकि, चूँकि नॉर्मल डिलीवरी माँ और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होती है, इसलिए महिलाओं को इसकी तैयारी के लिए नियमित रूप से कीगल एक्सरसाइज़ करनी चाहिए. इसके अलावा, कीगल एक्सरसाइज़ करने से महिलाओं को मेनोपॉज़ के दौरान होने वाली तकलीफ़ों से राहत पाने में भी मदद मिलती है.

पुरुषों के लिए फायदेमंद

यह व्यायाम पुरुषों के लिए भी कई तरह से फायदेमंद है. जिस तरह यह महिलाओं के लिए काम करता है, उसी तरह यह पुरुषों में भी पेल्विक फ्लोर को मज़बूत बनाता है. यह लिंग में रक्त संचार को बढ़ाता है, जिससे यौन उत्तेजना में वृद्धि होती है. इस व्यायाम के माध्यम से पुरुषों की यौन सहनशक्ति (स्टैमिना) में सुधार होता है, और मूत्र नियंत्रण से जुड़ी समस्याओं में भी सुधार देखने को मिलता है.

डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है. किसी भी तरह का सलाह चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर या एक्सपर्ट से सलाह लें.

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Last Updated: April 18, 2026 16:40:31 IST

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Kegel Exercise: व्यायाम न केवल शरीर को फिट रखने में मदद करता है, बल्कि यह कई तरह की खतरनाक बीमारियों के होने के जोखिम को भी कम करता है. इसके अलावा, यह जीवनशैली से जुड़ी कुछ खास समस्याओं को नियंत्रण में रखने में भी सहायक हो सकता है. जैसे-जैसे लोगों की उम्र बढ़ती है, उनमें से कई लोगों को पेशाब लीक होने की समस्या का सामना करना पड़ता है; विशेष रूप से, यह समस्या अक्सर गर्भवती महिलाओं में भी देखी जाती है. इस संदर्भ में, इस समस्या को दूर करने में ‘कीगल व्यायाम’ अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है. आमतौर पर, डॉक्टर महिलाओं को पेल्विक मांसपेशियों की ताकत बढ़ाने के लिए इस व्यायाम को करने की सलाह देते हैं, चाहे वे गर्भवती हों या प्रसव के बाद के दौर में हों. तो आइए, माय उपचार के आधार पर किगल एक्सरसाइज के बारे में समझते हैं.

कीगल एक्सरसाइज क्या है?

पेल्विक मांसपेशियां वे मांसपेशियां होती हैं जो कूल्हों के बीच के हिस्से में स्थित होती हैं. इनका काम गर्भाशय, मूत्राशय, साथ ही छोटी आंत और मलाशय को नियंत्रित करना होता है. कीगल व्यायाम करने से पेल्विक मांसपेशियां मजबूत होती हैं, जिससे महिलाओं में यौन विकारों के साथ-साथ मूत्र और गर्भाशय से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मदद मिलती है. इस व्यायाम को करते समय, पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को थोड़ी देर के लिए सिकोड़ा जाता है और फिर ढीला छोड़ दिया जाता है. ठीक उसी तरह जैसे कोई व्यक्ति पेशाब के बहाव को रोकने की कोशिश करता है. यह व्यायाम बिल्कुल उसी तकनीक का इस्तेमाल करके किया जाता है.

कीगल एक्सरसाइज कैसे करें?

यह एक्सरसाइज किसी शांत जगह पर, बैठकर या लेटकर की जा सकती है.
कीगल एक्सरसाइज़ के लिए, अपनी पेल्विक मांसपेशियों को कुछ देर के लिए ढीला छोड़ दें, और फिर उतनी ही देर के लिए उन्हें कसकर रखें.
इस बात का खास ध्यान रखें कि एक्सरसाइज़ के दौरान आपकी पीठ के निचले हिस्से, पेट और जांघों की मांसपेशियां ढीली ही रहें.
आप मांसपेशियों को कसने और फिर ढीला छोड़ने में 5 सेकंड का समय ले सकते हैं. इस प्रक्रिया को 10 से 20 बार दोहराएं. यह एक्सरसाइज़ दिन में 2 से 3 बार की जा सकती है.

महिलाओं के लिए है विशेष फायदेमंद

कीगल एक्सरसाइज करने से सेक्स के दौरान यौन उत्तेजना बढ़ाने में मदद मिलती है. आजकल, नॉर्मल डिलीवरी कम होती जा रही है; इसका मुख्य कारण शारीरिक मेहनत की कमी है. शारीरिक गतिविधि में इस कमी के कारण, शरीर अपनी कसावट खो देता है, जिससे मांसपेशियाँ ढीली और कमज़ोर हो जाती हैं. नतीजतन, कई महिलाएँ नॉर्मल डिलीवरी के लिए शारीरिक रूप से तैयार नहीं होतीं. हालाँकि, चूँकि नॉर्मल डिलीवरी माँ और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होती है, इसलिए महिलाओं को इसकी तैयारी के लिए नियमित रूप से कीगल एक्सरसाइज़ करनी चाहिए. इसके अलावा, कीगल एक्सरसाइज़ करने से महिलाओं को मेनोपॉज़ के दौरान होने वाली तकलीफ़ों से राहत पाने में भी मदद मिलती है.

पुरुषों के लिए फायदेमंद

यह व्यायाम पुरुषों के लिए भी कई तरह से फायदेमंद है. जिस तरह यह महिलाओं के लिए काम करता है, उसी तरह यह पुरुषों में भी पेल्विक फ्लोर को मज़बूत बनाता है. यह लिंग में रक्त संचार को बढ़ाता है, जिससे यौन उत्तेजना में वृद्धि होती है. इस व्यायाम के माध्यम से पुरुषों की यौन सहनशक्ति (स्टैमिना) में सुधार होता है, और मूत्र नियंत्रण से जुड़ी समस्याओं में भी सुधार देखने को मिलता है.

डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है. किसी भी तरह का सलाह चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर या एक्सपर्ट से सलाह लें.

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