देश के ज्यादातर 9-टू-5 वाली नौकरी करने वाले लोग अपने काम में इतने फंसे होते हैं कि देश में कुछ भी चल रहा हो वो शामलि ही नहीं हो पाते. इसके पीछे सबसे बड़ा कारण होता है बॉस लीव नहीं दे रहे. कॉरपोरेट एंप्लॉईज का अक्सर यही रोना होता है. दिल्ली के जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में सिर्फ स्टूडेंट नहीं है, कॉरपोरेट जॉब करने वाला युवा भी है जो स्टूडेंट के सपोर्ट में वहां कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है. हालांकि कुछ लोग ऐसे भी हैं जो प्रोटेस्ट में शामिल नहीं हो पाए इसलिए घर बैठे प्रोटेस्ट को फूड और अन्य चीजें भेज रहे हैं. सोशल मीडिया पर हाल ही एक ऐसी ही वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक कॉरपोरेट एम्प्लॉई ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके से अपील की है कि वो प्रोटेस्ट में शामिल होना चाहते है लेकिन बॉस छुट्टी नहीं दे रहा इसलिए शुक्रवार तक कार्यभार संभाल लें. फिर वीकेंड पर वो संभाल लेंगे. इस वीडियो में बंदे ने जिस मजेदार अंदाज में अपनी जॉब की मजबूरी और प्रोटेस्ट के सपोर्ट को मिक्स किया है, उसने इंटरनेट पर लोगों को हंसते-हंसते लोटपोट कर दिया है.
दीपके भाई, शनिवार-रविवार को मैं माहौल बदल दूंगा!
वायरल वीडियो को इंस्टाग्राम पर hilariousprashant नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है जिसमें एक एम्प्लॉई बेहद मजेदार कॉमिक टाइमिंग के साथ अपनी आपबीती सुना रहा है. वीडियो में वो CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके और प्रदर्शन कर रहे छात्रों से गुहार लगाते हुए कहता है कि ‘दीपके भाई, बस फ्राइडे तक संभाल लो! सैटरडे-संडे को मैं पूरा माहौल बदल दूंगा. क्या करूँ, बॉस बुला रहा है, मान ही नहीं रहा… छुट्टी ही नहीं मिल रही! CJP प्रोटेस्ट और NEET स्टूडेंट्स को मेरा पूरा सपोर्ट है.’
सोशल मीडिया पर आ गए कमेंट्स के बाढ़!
इंस्टाग्राम पर कॉरपोरेट एम्प्लॉई के दर्द-ए-दिल की दांस्ता सुन लोगों ने सिचुएशन को मिलता-जुलता बताया. इंटरनेट की जनता खुद को कमेंट लिखने से नहीं रोक पाई क्योंकि यह सिर्फ एक मज़ाक नहीं बल्कि हर कॉरपोरेट एम्प्लॉई की स्टोरी है. वीडियो के सामने आते ही कॉरपोरेट वर्ल्ड में काम करने वाले लोगों ने तुरंत खुद को इससे खुद को रिलेट कर लिया. एक यूजर ने लिखा कि ‘बात तो सच है यार, कॉरपोरेट वालों को छुट्टी ही नहीं मिल रही!’ दूसरे यूज़र ने लिखा कि ‘बस इस वीकेंड का इंतजार है, पूरे देश को सड़कों पर उतरते देखना है!’एक अन्य यूज़र ने चुटकी लेते हुए लिखा कि ‘सच कहें तो अगर ये कॉरपोरेट कंपनियां बंद हो जाएं, तो पूरा देश प्रोटेस्ट में शामिल हो जाए. लोग सिर्फ अपने ऑफिस के काम में बिजी हैं, इसीलिए अभी तक नहीं पहुंच पाए!’