Ethiopian Calendar Facts: हम जब भी साल की बात करते हैं, तो उसमें 12 महीने गिनते हैं, लेकिन एक ऐसा देश भी है, जहां 12 नहीं बल्कि 13 महीने होते हैं. दरअसल, दुनिया के ज्यादातर देशों में 12 महीनों वाले ग्रेगोरियन कैलेंडर का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन एक देश में 13 महीनों का साल भी होता है. आपके लिए भले ही ये कोई चौंकाने वाली बात हो, लेकिन वहां के लोगों के लिए ये आम बात है और वो लोग इसके हिसाब से ही अपनी रोजमर्रा की जिंदगी के कामों को शेड्यूल करते हैं और ये कैलेंडर उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा है.
क्या है कैलेंडर का नाम?
बता दें कि इथियोपिया नाम के देश में 13 महीनों का साल होता है. इथियोपिया में ग्रेगोरियन कैलेंडर का नहीं बल्कि सदियों पुरानी परंपराओं, धर्म और इतिहास से जुड़े कैलेंडर का इस्तेमाल किया जाता है. ये एक पुरानी और स्थापित टाइम को कैलकुलेट करने का सिस्टम है, जिसे इथियोपियाई कैलेंडर के नाम से जाना जाता है.
13वें महीने का क्या है नाम?
इथियोपियाई कैलेंडर ग्रेगोरियन कैलेंडर से काफी अलग है. यहां साल में 12 महीने होते हैं और हर महीने में बराबर दिन यानी तीस दिन होते हैं. इसके अलावा उनके कैलेंडर में 13वां महीना भी होता है, जिसे पगुमे कहा जाता है. वैसे तो इस महीने में 5 दिन ही होते हैं, लेकिन जब लीप ईयर आता है, तो इस महीने में 6 दिन हो जाते हैं.
पूरी दुनिया से 7-8 साल पीछे इथियोपिया
यहां एक दिलचस्प बात ये भी है कि इथियोपियाई कैलेंडर, ग्रेगोरियन कैलेंडर से लगभग 7-8 साल पीछे है. इसी वजह से इथियोपियाई कैलेंडर और ग्रेगोरियन कैलेंडरों में ईसा मसीह के जन्म की गणना भी अलग-अलग तरीका है. कहा जाता है कि इथियोपिया के लोग बाकी दुनिया से अलग साल में जीते हैं.
कब हुई थी शुरुआत?
बता दें कि इस कैलेंडर की शुरुआत लगभग 1500 साल पहले हुई थी. इसका संबंध इथियोपियाई ऑर्थोडॉक्स चर्च से बताया जाता है. इसका इस्तेमाल धार्मिक अनुष्ठानों के साथ ही त्योहारों और खेती के लिए भी किया जाता है. ये 13 महीने वाला कैलेंडर केवल समय का ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक पहचान का तरीका है.