Kiss In Public Place: कई बार ऐसा होता है कि किसी पब्लिक प्लेस पर कपल एक दूसरे का हाथ पकड़ता है, कभी गले लगा लेता है तो कभी एक-दूसरे को Kiss भी कर लेता है. लेकिन सवाल ये उठता है कि क्या ये सही है या नहीं. इसे लेकर भारतीय क़ानून क्या कहता है? दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रही है. इस वायरल वीडियो में एक कपल साथ दिख रहा है. इस दौरान वो दोनों एक दूसरे को गले लगाए हुए हैं और लिप-टू-लिप Kiss कर रहे हैं. इस वायरल वीडियो में तभी कोई पीछे से वीडियो बनाता हुआ आता है और कपल को लताड़ने लगता हैं. वहीं वो बार-बार उनसे पब्लिक में Kiss करने के लिए मना करता है. वहीं अब इस वीडियो के वायरल होने के बाद हर किसी के मन में ये ख्याल आ रहा होगा कि क्या पब्लिक में किस करना कोई अपराध है? इसे लेकर भारतीय क़ानून क्या कहता है? चलिए जान लेते हैं.
क्या पब्लिक प्लेस पर Kiss करना जुर्म?
जैसा की आप सभी जानते हैं कि भारत में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या पब्लिक प्लेस पर जोड़ों का एक-दूसरे को किस करना, गले लगाना या हाथ पकड़ना गैर-कानूनी है? सोशल मीडिया और समाचार रिपोर्टों में अक्सर ऐसे मामले सामने आते हैं, जहाँ पुलिस ने जोड़ों को रोका या हिरासत में लिया है. तो, आइए जानते हैं कि कानून असल में क्या कहता है. इसका सीधा सा जवाब ये है, नहीं! भारत में ऐसा कोई खास कानून नहीं है, जो साफ तौर पर यह कहता हो कि सार्वजनिक जगह पर चूमना, गले लगाना या हाथ पकड़ना कोई आपराधिक जुर्म है.
India is a country where people take offence at a couple kissing in public but not at someone pissing in public.
Country with largest population has problem with kissing in public.
Culture that gave Kamasutra & Khajuraho temples has problem with PDA
Rotten society!! pic.twitter.com/5dYP7avuuq
— Tarun Gautam (@TARUNspeakss) April 24, 2026
क्या कहता है भारतीय कानून ?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पुलिस अक्सर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 294 का इस्तेमाल करती है. इस धारा के तहत, “सार्वजनिक जगह पर किए गए ऐसे अश्लील काम या बोले गए ऐसे शब्द, जिनसे दूसरों को परेशानी या असुविधा होती है,” उन्हें दंडनीय अपराध माना जाता है. हालाँकि, चूँकि कानून में “अश्लीलता” शब्द की कोई सटीक परिभाषा नहीं है, इसलिए इसकी व्याख्या अक्सर खास परिस्थितियों और संबंधित अधिकारी के विवेक पर निर्भर करती है. ठीक इसी वजह से, नैतिक पुलिसिंग (moral policing) जिसमें इस धारा का गलत इस्तेमाल शामिल होता है उसके आरोप अक्सर लगाए जाते हैं.