Independence Day Rehearsal: आसमान से तिरंगे के रंगों की बारिश, कदम से कदम मिलाकर चले हिंदूस्तान के जवान, फुल ड्रेस रिहर्सल में 15 अगस्त की भव्य तैयारियां
Independence Day 2026 Rehearsal: देशभक्ति, अनुशासन और सुरक्षा का ऐसा संगम आज दिल्ली के लाल किले के सामने देखने को मिला, जो स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों को साफ तौर पर दिखा रहा था. फुल-ड्रेस रिहर्सल के दौरान जवानों के मार्च करने से लेकर आसमान में हेलीकॉप्टर से तिरंगे की बारिश तक, हर सीन खास था. लाल किले और आस-पास के इलाकों में सिक्योरिटी बहुत कड़ी थी.आइए, इन झलकियों के साथ इस जश्न का हिस्सा बनें.
थीम को खास तरीके से किया गया पेश
फुल ड्रेस रिहर्सल में, एक बड़ी भीड़ ने "Developed India @ 2047" थीम को खास तरीके से पेश किया. हजारों लोगों की मौजूदगी ने इस प्रेजेंटेशन को शानदार बनाया और भारत के विकास को दिखाया.
आसमान से तिरंगे के रंगों की बारिश
स्वतंत्रता दिवस की फुल ड्रेस रिहर्सल में, हेलीकॉप्टरों ने आसमान से तिरंगे के रंगों की बारिश की, जिससे माहौल और भी खास हो गया. "वंदे मातरम" के संदेश के साथ यह नजारा सबका ध्यान खींच रहा था. हेलीकॉप्टरों से फूलों की बारिश ने समारोह की शुरुआत को और भी यादगार बना दिया.
सैनिकों ने लिए परेड में हिस्सा
काली यूनिफॉर्म में सैनिकों की एक टुकड़ी ने भी पूरे जोश के साथ परेड में हिस्सा लिया. लाल किले के सामने उनके मार्च ने रिहर्सल में फाइनल जैसी एनर्जी भर दी. हाथ में हथियार और एक जैसी चाल ने इस टुकड़ी को खास बना दिया. यह संदेश हमारे दुश्मनों को यह संदेश देता हुआ लग रहा था: "देखो, हम किसी से कम नहीं हैं."
लाल किले के चारों ओर तिरंगा
लाल किले के चारों ओर तिरंगा शान से लहराता हुआ देखा गया. स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों के बीच, सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ देशभक्ति का माहौल साफ दिख रहा था. सुरक्षाकर्मी और मेहमान तिरंगे के सामने इस खास पल को गर्व से देखते दिखे.
अनुशासन और तालमेल के साथ मार्च
नेवी के जवानों ने लाल किले के सामने अनुशासन और तालमेल के साथ मार्च किया. एक जैसी चाल और शानदार मार्चिंग ने फुल-ड्रेस रिहर्सल को और भी खास बना दिया. हर सैनिक के मूवमेंट में जोश और अनुशासन साफ दिख रहा था, जबकि लाल किले का ऐतिहासिक बैकग्राउंड इस नजारे को और बढ़ा रहा था.
नीली वर्दी में हथियारों से लैस सैनिकों की टुकड़ी ने ऐसा शानदार मार्च किया कि पूरा माहौल जोश से भर गया. सैनिकों ने पूरे अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ मार्च किया, जिससे रिहर्सल सिर्फ एक रिहर्सल से कहीं ज़्यादा लग रही थी.