Live TV
Search
  • Home>
  • Photos»
  • पहाड़ों के बीच चाय की चुस्की का मजा, भारत के ये खूबसूरत Tea Gardens हैं किसी जन्नत से कम नहीं

पहाड़ों के बीच चाय की चुस्की का मजा, भारत के ये खूबसूरत Tea Gardens हैं किसी जन्नत से कम नहीं

Beautiful Tea Gardens of India: भारत के चाय बागान सिर्फ चाय उत्पादन के लिए ही नहीं, बल्कि खूबसूरत प्राकृतिक नजारों और शांत माहौल के लिए भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं. दार्जिलिंग और मुन्नार से लेकर असम, नीलगिरी, कांगड़ा, डुआर्स, वालपराई और वायनाड तक कई जगहों पर चाय की हरियाली के साथ पहाड़, जंगल, धुंध, झरने और घुमावदार रास्ते देखने को मिलते हैं. अगर आपको प्रकृति के बीच घूमना पसंद है, तो ये चाय बागान आपकी यात्रा का खास हिस्सा बन सकते हैं.

Last Updated: September 19, 2026 | 7:50 PM IST
Tour the beautiful tea plantations of India - Photo Gallery
1/8

भारत के खूबसूरत चाय बागानों की सैर

भारत में चाय सिर्फ एक पसंदीदा पेय नहीं, बल्कि कई इलाकों की पहचान भी है. देश के अलग-अलग हिस्सों में फैले चाय के बागान अपनी हरियाली, पहाड़ों, धुंध और शांत वातावरण के कारण पर्यटकों को आकर्षित करते हैं. अगर आपको प्रकृति के बीच घूमना पसंद है और पहाड़ों में चाय की चुस्की लेना अच्छा लगता है, तो इन खूबसूरत चाय बागानों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में शामिल कर सकते हैं.

Tea gardens of Darjeeling - Photo Gallery
2/8

दार्जिलिंग के चाय बागान

हिमालय की तलहटी में बसा दार्जिलिंग दुनियाभर में अपनी चाय के लिए जाना जाता है. यहां पहाड़ों की ढलानों पर दूर-दूर तक फैले चाय के पौधे और उनके बीच छाई धुंध बेहद खूबसूरत नजारा पेश करती है. कई जगहों पर पर्यटक चाय बागान घूमने के साथ चाय बनने की प्रक्रिया भी देख सकते हैं. सुबह के समय पहाड़ियों पर पड़ती सूरज की हल्की रोशनी इस जगह की खूबसूरती को और बढ़ा देती है.

Lush green hills of Munnar - Photo Gallery
3/8

मुन्नार की हरी-भरी पहाड़ियां

केरल का मुन्नार चाय के बागानों और हरी-भरी पहाड़ियों के लिए मशहूर है. यहां ढलानों पर एक जैसी कतारों में लगे चाय के पौधे दूर तक हरे कालीन जैसे दिखाई देते हैं. कई जगह चाय बागान और फैक्ट्री टूर की सुविधा मिलती है, जहां पर्यटक चाय की खेती, पत्तियों की प्रोसेसिंग और अलग-अलग किस्मों के बारे में जान सकते हैं. घुमावदार पहाड़ी सड़कें और ठंडा मौसम सफर को खास बना देते हैं.

Vast Tea Estates of Assam - Photo Gallery
4/8

असम के विशाल चाय एस्टेट

असम भारत के प्रमुख चाय उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है. यहां के बड़े-बड़े चाय बागान दूर तक फैली हरियाली और सुबह की हल्की धुंध के कारण बेहद आकर्षक दिखाई देते हैं. कुछ पुराने चाय एस्टेट्स में हेरिटेज बंगले भी देखने को मिलते हैं. इन जगहों पर ठहरकर पर्यटक चाय बागानों से जुड़ी पुरानी जीवनशैली को करीब से समझ सकते हैं.

Nilgiri tea and winding paths - Photo Gallery
5/8

नीलगिरी की चाय और घुमावदार रास्ते

तमिलनाडु की नीलगिरी पहाड़ियों में फैले चाय बागान प्रकृति प्रेमियों को खासा पसंद आते हैं. पहाड़ियों और घाटियों पर फैली चाय की हरियाली के बीच ड्राइव करना यहां के सफर का खास हिस्सा है. ठंडा मौसम, घुमावदार रास्ते और शांत वातावरण इसे अलग अनुभव देते हैं. नीलगिरी की चाय अपनी खुशबू और अलग स्वाद के लिए भी जानी जाती है.

Enjoy a tea-time view of the mountains in Kangra - Photo Gallery
6/8

कांगड़ा में चाय के साथ पहाड़ों का नजारा

धौलाधार की पहाड़ियों की पृष्ठभूमि में फैली कांगड़ा घाटी के चाय बागान दूसरे लोकप्रिय चाय क्षेत्रों से अलग अनुभव देते हैं. यहां चाय की हरियाली के साथ ऊंचे पहाड़ों का शानदार नजारा दिखाई देता है. शांत वातावरण पसंद करने वाले यात्रियों के लिए यह जगह खास हो सकती है. यहां स्थानीय चाय और चाय बनाने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी ली जा सकती है.

Forests with tea in the Dooars and Valparai - Photo Gallery
7/8

डुआर्स और वालपराई में चाय के साथ जंगल

पूर्वी हिमालय की तलहटी में स्थित डुआर्स बड़े चाय बागानों, जंगलों और नदियों के लिए जाना जाता है. यहां चाय के साथ प्रकृति और वन्यजीवों का अनुभव भी मिलता है. वहीं पश्चिमी घाट में बसा वालपराई बड़े चाय एस्टेट्स, घने जंगलों, झरनों और घुमावदार सड़कों के लिए जाना जाता है. भीड़ से दूर प्रकृति के बीच समय बिताने वालों को दोनों जगह अलग तरह का अनुभव दे सकती हैं.

Wayanad: Best time to visit and necessary precautions - Photo Gallery
8/8

वायनाड, घूमने का सही समय और जरूरी सावधानियां

वायनाड मसालों के बागानों के लिए ज्यादा मशहूर है, लेकिन यहां की पहाड़ियों पर फैले चाय बागान भी देखने लायक हैं. आसपास के जंगल, झरने और पहाड़ी नजारे इसे शांत छुट्टी के लिए आकर्षक बनाते हैं. चाय बागान वाले ज्यादातर पहाड़ी इलाकों में सितंबर के आखिरी हफ्ते और अक्टूबर से मार्च के बीच मौसम घूमने के लिए सुहावना रहता है. हालांकि मुन्नार, वायनाड और वालपराई जैसे इलाकों में मौसम के अनुसार अलग समय पर भी यात्रा की जा सकती है.

More News